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Scooty Buying Tips: सावधान! खरीद रहे हैं सेकंड हैंड स्कूटी, तो जरूर चेक करें ये 6 चीजें
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Shruti Gaur
Updated Tue, 03 Mar 2026 11:11 AM IST
सार
Second Hand Scooty Buying Tips: अगर आप सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने का सोच रहे हैं, तो कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें। वरना आप धोखाधड़ी के शिकार हो सकते हैं।
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सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
- फोटो : Adobe stock
Second Hand Scooty Khareedte time kya check kare: आजकल महंगाई के दौर में नई स्कूटी खरीदना हर किसी के लिए आसान नहीं है। ऐसे में सेकंड हैंड स्कूटी एक बेहतर और बजट-फ्रेंडली विकल्प बनकर सामने आती है। खासतौर पर छात्र, नौकरीपेशा लोग और डेली ट्रैवल करने वाले लोग पुरानी स्कूटी खरीदना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन कम कीमत के लालच में कई बार लोग बड़ी धोखाधड़ी का शिकार हो जाते हैं।
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सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
- फोटो : Adobe Stock
1. कागजात की जांच जरूर करें
स्कूटी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) असली है या नहीं, इसे अच्छी तरह से जांचें। साथ ही, इंश्योरेंस पॉलिसी वैध होनी चाहिए, इसका एक्सपायरी डेट देखें। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) भी जांचना जरूरी है ताकि स्कूटी पर्यावरण नियमों का पालन करती हो। इसके अलावा, स्कूटी के चेसिस नंबर और इंजन नंबर को RC में दर्ज नंबरों से मिलाएं ताकि गाड़ी चोरी न हो।
स्कूटी का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) असली है या नहीं, इसे अच्छी तरह से जांचें। साथ ही, इंश्योरेंस पॉलिसी वैध होनी चाहिए, इसका एक्सपायरी डेट देखें। पॉल्यूशन सर्टिफिकेट (PUC) भी जांचना जरूरी है ताकि स्कूटी पर्यावरण नियमों का पालन करती हो। इसके अलावा, स्कूटी के चेसिस नंबर और इंजन नंबर को RC में दर्ज नंबरों से मिलाएं ताकि गाड़ी चोरी न हो।
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सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
- फोटो : Adobe Stock
2. मालिक की जानकारी सत्यापित करें
स्कूटी बेचने वाला व्यक्ति असली मालिक है या नहीं, इसे पहचान पत्र के साथ मिलान करें। यदि गाड़ी किसी फाइनेंस कंपनी के तहत ली गई है तो विक्रेता से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जरूर मांगें ताकि भविष्य में कानूनी समस्या न हो।
स्कूटी बेचने वाला व्यक्ति असली मालिक है या नहीं, इसे पहचान पत्र के साथ मिलान करें। यदि गाड़ी किसी फाइनेंस कंपनी के तहत ली गई है तो विक्रेता से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) जरूर मांगें ताकि भविष्य में कानूनी समस्या न हो।
सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
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3. स्कूटी की कंडीशन जांचें
स्कूटी का इंजन सुचारू रूप से चलना चाहिए, उसकी आवाज स्मूद होनी चाहिए। ब्रेक, क्लच और सस्पेंशन की स्थिति ठीक होनी चाहिए। टायर की घिसावट को देखकर तय करें कि टायर कितने पुराने हैं। स्कूटी पर किसी भी तरह के एक्सीडेंट या वेल्डिंग के निशान देखें क्योंकि इससे गाड़ी की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
स्कूटी का इंजन सुचारू रूप से चलना चाहिए, उसकी आवाज स्मूद होनी चाहिए। ब्रेक, क्लच और सस्पेंशन की स्थिति ठीक होनी चाहिए। टायर की घिसावट को देखकर तय करें कि टायर कितने पुराने हैं। स्कूटी पर किसी भी तरह के एक्सीडेंट या वेल्डिंग के निशान देखें क्योंकि इससे गाड़ी की मजबूती प्रभावित हो सकती है।
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सेकंड हैंड स्कूटी खरीदने जा रहे हैं तो इन बातों का ध्यान रखें
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4. सर्विस हिस्ट्री मांगें
अगर संभव हो तो स्कूटी का सर्विस रिकॉर्ड जरूर देखें। इससे पता चलता है कि गाड़ी का रखरखाव ठीक से हुआ है या नहीं। नियमित सर्विस से स्कूटी की परफॉर्मेंस और लाइफ दोनों बेहतर रहती है।
अगर संभव हो तो स्कूटी का सर्विस रिकॉर्ड जरूर देखें। इससे पता चलता है कि गाड़ी का रखरखाव ठीक से हुआ है या नहीं। नियमित सर्विस से स्कूटी की परफॉर्मेंस और लाइफ दोनों बेहतर रहती है।