RTI Vehicle Scrapping Rules: अक्सर ये देखने को मिलता है कि जब गाड़ियां बहुत पुरानी हो जाती हैं, तो लोग उसे पास के किसी कबाड़ी वाले को बेच देते हैं। मगर आपको बता दें कि ऐसा करना आपके लिए काफी नुकसानदायक हो सकता है, और अगर मामला गंभीर हुआ तो कोर्ट के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। हाल ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक यूजर ने ऐसी ही सच्ची कहानी शेयर की है, जिसके बारे में आपको भी जानना चाहिए। इस शख्स ने अपने मामा की 20 साल पुरानी अनरजिस्टर्ड बाइक को स्थानीय कबाड़ी को मात्र ₹2000 में बेच दिया।
पुरानी गाड़ी को कबाड़ में बेचना शख्स को पड़ा भारी, जानें किस गलती की वजह से काटने पड़े कोर्ट के चक्कर
Selling Old Car as Scrap: अगर आप भी अपनी पुरानी गाड़ी को पास के कबाड़ी वाले को बेचने वाले हैं, तो ये खबर आपको जरूर पढ़नी चाहिए। बता दें कि एक शख्स ने यही गलती की और आज वो कानूनी पचड़ों में फंसा ही साथ ही 2 लाख का जुर्माना भी लगाया गया है। आइए इस मामले के बारे में विस्तार से जानते हैं।
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चंद रुपयों का सौदा और ₹2 लाख का भारी जुर्माना
मेरे मामा जिस 20 साल पुरानी गाड़ी को scrap में कबाड़ी को ₹2000 में बेचकर खुश हो रहे थे वही गाड़ी उनके गले की हड्डी बन गई और ₹200000 का जुर्माना दे गई...😭
दरअसल, हुआ ये कि जब शख्स ने गाड़ी कबाड़ में बेचा तो कबाड़ी वाले ने खरीदने के बाद उसे कबाड़ में काटने के बजाय चुपके से रिपेयर करवा लिया और खुद चलाने लगा। एक दिन उसने उस बाइक से एक राहगीर का गंभीर एक्सीडेंट कर दिया और गाड़ी छोड़कर भाग गया। पुलिस ने जब जांच की, तो चेसिस और इंजन नंबर के आधार पर आरटीओ रिकॉर्ड में दर्ज असली मालिक (मामा) को मुख्य आरोपी बना दिया और कोर्ट ने पीड़ित परिवार को ₹2 लाख का मुआवजा देने का आदेश सुनाया।
मेरे मामा के पास एक पुरानी गाड़ी पड़ी थी जिसका रजिस्ट्रेशन खत्म हो गया था,एक दिन एक कबाड़ी की नजर उसपर पड़ गई ₹2000 में… pic.twitter.com/ECuHWTllaf
इस घटना से क्या सीख मिलती है?
इस तरह के बड़े धोखे और कानूनी पचड़े से बचने के लिए अपनी पुरानी गाड़ी को कभी भी सड़क चलते कबाड़ी को न बेचें। सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त स्क्रैप सेंटर यानी आरवीएसएफ (RVSF) रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी में ही गाड़ी जमा करें। वहां आपकी मौजूदगी में गाड़ी का चेसिस नंबर काटकर अलग किया जाता है, जिससे उस गाड़ी या उसके पार्ट्स का दोबारा कोई भी गलत इस्तेमाल नहीं कर पाता है।
कबाड़ में गाड़ी देने के बाद सर्टिफिकेट लेना है जरूरी
जब आप सरकारी स्क्रैप सेंटर पर अपनी गाड़ी सौंपते हैं, तो वहां से 'सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट' लेना कभी न भूलें। यह सर्टिफिकेट इस बात का कानूनी पक्का सबूत होता है कि आपकी गाड़ी को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। इसके बाद आपको आरटीओ दफ्तर जाकर 'फॉर्म 24' भरना होगा और अपनी मूल आरसी को हमेशा के लिए वहां सरेंडर करना होगा। बता दें कि सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट से आप अपनी अगली गाड़ी खरीदने में 5% की छूट भी पा सकते हैं।
अगर आपने भी कभी अपनी कोई पुरानी गाड़ी सिर्फ एक साधारण 'सेल लेटर' या कागजी लिखापढ़ी के भरोसे किसी स्थानीय कबाड़ी या अनजान व्यक्ति को बेची है, तो बिना समय गंवाए तुरंत संबंधित आरटीओ दफ्तर जाएं और चेक करें कि गाड़ी आपके नाम से हटी या नहीं। ध्यान रखें कि जब तक आरटीओ रिकॉर्ड में गाड़ी का रजिस्ट्रेशन आधिकारिक रूप से रद्द नहीं होता, तब तक उस गाड़ी से जुड़ी सभी हादसे के जिम्मेदार आप ही होंगे।