कई बार बाहर न ज्यादा गर्मी होती है और न ठंड, फिर भी कमरे में बैठते ही चिपचिपाहट महसूस होने लगती है। इसकी एक बड़ी वजह हवा में ज्यादा नमी हो सकती है। खासकर बारिश के बाद वाले मौसम में अगर घर में हवा का सही तरीके से आना-जाना नहीं हो रहा है तो नमी अंदर ही फंसी रह सकती है। यही वजह है कि कमरा बंद रखने पर ज्यादा उमस महसूस हो सकती है। तो आइए विस्तार से जानते हैं।
बारिश गई, गर्मी भी नहीं... फिर घर में इतनी उमस क्यों? वजह आपके रोज के काम हो सकते हैं
Home Humidity: मौसम बदलने के दौरान घर के अंदर चिपचिपाहट और उमस महसूस होना आम है। इसकी वजह सिर्फ बाहर का मौसम नहीं, बल्कि खाना बनाते समय भाप, घर के अंदर कपड़े सुखाना और कम हवा का आना-जाना भी हो सकता है।
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किचन में खाना बनाते समय सब्जी, चावल या पानी उबालने से भाप निकलती है। यह भाप हवा में नमी बढ़ाती है। अगर खाना बनाते समय एग्जॉस्ट फैन नहीं चलाया जाता या किचन में हवा बाहर निकलने का रास्ता नहीं होता तो नमी घर के दूसरे हिस्सों तक भी पहुंच सकती है। इसलिए खाना बनाते समय एग्जॉस्ट चलाना और संभव हो तो खिड़की खोलना मददगार हो सकता है।
घर के अंदर कपड़े सुखाना भी वजह
बारिश या नमी वाले मौसम में कपड़े घर के अंदर सुखाना मजबूरी बन जाता है। लेकिन गीले कपड़ों का पानी धीरे-धीरे हवा में नमी बढ़ाता है। अगर कमरा बंद है और हवा का वेंटिलेशन कम है तो उमस और सीलन दोनों ज्यादा महसूस हो सकती हैं। इसलिए कपड़े ऐसी जगह सुखाएं जहां हवा का आना-जाना बना रहे।
नहाने के बाद बाथरूम बंद न रखें
गर्म पानी से नहाने पर बाथरूम की हवा में काफी नमी जमा हो जाती है। अगर नहाने के बाद दरवाजा और खिड़की लंबे समय तक बंद रखी जाए तो यह नमी आसानी से बाहर नहीं निकलती। बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन है तो उसे नहाने के दौरान और कुछ देर बाद तक चलाना बेहतर रहता है।
घर में हवा का आना-जाना जरूरी
उमस कम करने के लिए घर में हवा का सर्कुलेशन ठीक रखना जरूरी है। मौसम और बाहर की हवा की स्थिति ठीक हो तो कुछ समय के लिए खिड़कियां और दरवाजे खोल सकते हैं। पंखा चलाने से हवा घूमती रहेगी, लेकिन सिर्फ पंखा नमी को बाहर नहीं निकालता। अगर घर की नमी लगातार ज्यादा रहती है तो ह्यूमिडिटी मापने वाले मीटर से इसका स्तर भी चेक किया जा सकता है। घर के अंदर नमी को आमतौर पर 30 से 50 फीसदी के आसपास रखना बेहतर माना जाता है। अगर दीवारों, खिड़कियों या फर्नीचर पर लगातार नमी दिखने लगे या सीलन की गंध आने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक ज्यादा नमी रहने पर फफूंद की समस्या बढ़ सकती है।
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