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Agneepath: दुनिया के 30 से ज्यादा देशों में टूर ऑफ ड्यूटी, चीन-इस्राइल जैसे 10 देशों में महिलाओं के लिए सेना भर्ती का ये नियम

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Wed, 15 Jun 2022 11:21 PM IST
सार

भारतीय सेना में 'अग्निपथ भर्ती योजना' शुरू करने का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एलान किया। नए नियम के मुताबिक, युवाओं को सेना में चार साल की सेवा देने का मौका मिलेगा। यह भर्ती साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल की उम्र तक के युवाओं की होगी। इसे टूर ऑफ ड्यूटी भी कहा जा रहा है।

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Agneepath Scheme Tour of Duty Know Rules of Army Recruitment for Women in 10 Countries Like China Israel
सेना में अफसर - फोटो : अमर उजाला
भारतीय सेना में 'अग्निपथ भर्ती योजना' शुरू करने का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को एलान किया। नए नियम के मुताबिक, युवाओं को सेना में चार साल की सेवा देने का मौका मिलेगा। यह भर्ती साढ़े 17 साल से लेकर 21 साल की उम्र तक के युवाओं की होगी। इसे टूर ऑफ ड्यूटी भी कहा जा रहा है। आइए जानते हैं टूर ऑफ ड्यूटी होती क्या है? दुनिया के अन्य देशों में सेना भर्ती के क्या नियम हैं? कहां-कहां टूर ऑफ ड्यूटी के तहत युवाओं को भर्ती किया जाता है? 
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Agneepath Scheme Tour of Duty Know Rules of Army Recruitment for Women in 10 Countries Like China Israel
सेना भर्ती - फोटो : अमर उजाला
टूर ऑफ ड्यूटी क्या है? 
इसकी शुरुआत द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुई थी। तब ब्रिटेन में पायलट की कमी पड़ गई थी। ब्रिटिश सरकार ने उस दौरान टूर ऑफ ड्यूटी की शुरुआत की थी। इसके तहत युवाओं को एक निश्चित और सीमित समय के लिए वायुसेना में शामिल किया गया था। 
उस वक्त शर्त रखी गई थी कि हर पायलट को दो साल में करीब 200 घंटे विमान उड़ाना है। ये प्रक्रिया सफल रही। इसके बाद कई देशों ने अपने यहां टूर ऑफ ड्यूटी अनिवार्य कर दिया। इसका मकसद ये है कि देश के ज्यादा से ज्यादा नौजवानों को सेना की ट्रेनिंग मिल सके। ताकि जरूरत पड़ने पर युवा देश की सेवा कर सकें। 
 
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नॉर्थ कोरिया की सेना - फोटो : अमर उजाला
दुनिया के किन-किन देशों में टूर ऑफ ड्यूटी का नियम है? 
दुनिया में 30 से ज्यादा देश ऐसे हैं, जहां किसी न किसी तरह से टूर ऑफ ड्यूटी को लागू किया गया है। इनमें 10 देश ऐसे हैं, जहां पुरुष और महिलाओं दोनों को सेना में अनिवार्य रूप से सेवा देनी पड़ती है। इनमें चीन, इस्राइल, स्वीडन, यूक्रेन, नॉर्वे, उत्तर कोरिया, मोरक्को, केप वर्दे, चाड, इरित्रिया जैसे देश शामिल हैं। 
 
Agneepath Scheme Tour of Duty Know Rules of Army Recruitment for Women in 10 Countries Like China Israel
रूसी सैनिक - फोटो : अमर उजाला
किन-किन देशों में एक साल या इससे कम की सेवा देना अनिवार्य
देश कितनी सेवा देनी पड़ती है? 
रूस एक साल
फ्रांस एक महीने (16 से 18 साल की उम्र में)
ब्राजील     9-12 महीने (इसे सात साल तक बढ़ाया जा सकता है।)
ग्रीस   एक साल
कतर   चार से 12 महीने तक
ताइवान चार महीने
तुर्की       6-12 महीने
स्वीडन   नौ से 11 महीने
अल्जीरिया एक साल
बोलिविया   एक साल
कोलंबिया   एक से दो साल
एस्टोनिया   आठ से 11 महीने
कज़ाख़िस्तान   एक साल
किर्गिज़स्तान  एक साल
लिथुआनिया नौ महीने
ग्वाटेमाला   एक से दो साल
मालदोवा एक साल
मंगोलिया एक साल
मोरक्को एक साल
पैराग्वे     एक साल आर्मी, दो साल नेवी
तूनिसीया   एक साल
उज़्बेकिस्तान एक साल
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फ्रांस की आर्मी - फोटो : अमर उजाला
इन देशों में भी अनिवार्य मिलिट्री ट्रेनिंग 
ऑस्ट्रिया, अंगोला, डेनमार्क, मैक्सिको, ईरान जैसे 15 देशों में सिविलियन और मिलिट्री ट्रेनिंग अनिवार्य है। इसके अलावा 11 ऐसे देश हैं, जहां नागरिकों के पास मिलिट्री ट्रेनिंग का विकल्प होता है। चीन, कुवैत, फ्रांस, सिंगापुर, माली, कोलंबिया, ताइवान, थाईलैंड जैसे 10 ऐसे देश हैं, जहां मिलिट्री में सेवा देना अनिवार्य और वालेंटियरी दोनों है। अब कुछ बड़े देशों के नियम के बारे में जान लीजिए...
 
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