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16 बातें: दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव?

टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली Updated Wed, 13 Jul 2016 05:19 PM IST
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south china sea dispute
दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव? - फोटो : Reuters
दक्षिण चीन सागर (एससीएस) पर चीन के दावे को हेग स्थित अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने खारिज कर दिया है। फिलीपींस की याचिका पर सुनवाई के बाद दिए फैसले में संयुक्त राष्ट्र समर्थित ट्रिब्यूनल ने कहा है कि दक्षिण चीन सागर पर चीन के एकाधिकार के दावे का कोई भी कानूनी आधार नहीं है।  ट्रिब्यूनल का यह फैसला चीन के लिए बड़ा कूटनीतिक झटका माना जा रहा है। इस फैसले के बाद दक्षिण चीन सागर विवाद और गहराने के आसार हैं क्योंकि चीन ने ट्रिब्यूनल के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है। फैसला आने के तत्काल बाद चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा है कि हम यह फैसला किसी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे और दक्षिण चीन सागर पर हमारे रुख में कोई बदलाव नहीं आएगा।
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16 बातें: दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव?

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दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव? - फोटो : Reuters
वर्ष 2013 में फिलीपींस दक्षिण चीन सागर का मामला लेकर अंतरराष्ट्रीय कोर्ट पहुंचा था। उस पर सुनवाई करते हुए नीदरलैंड के हेग में परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (पीसीए) ने मंगलवार को अपना फैसला सुनाया। अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल ने कहा कि नाइन डैश लाइन के दायरे में आने वाले समुद्री क्षेत्र और इसके संसाधनों पर चीन के दावे का कोई कानूनी आधार नहीं है।
 
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16 बातें: दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव?

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दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव? - फोटो : Reuters
पांच जजों वाले ट्रिब्यूनल ने जोर देकर कहा है कि उसका फैसला अंतिम और बाध्यकारी है। ट्रिब्यूनल ने चीन को दक्षिण चीन सागर में अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करने का दोषी भी पाया। ट्रिब्यूनल ने दक्षिण चीन सागर में निर्माण कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के लिए चीन की कड़ी आलोचना की है।

16 बातें: दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव?

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दक्षिणी चीनी समुद्र को लेकर क्यों बढ़ रहा है चीन और दूसरे देशों में तनाव? - फोटो : Reuters
पीसीए ने यह भी कहा कि चीनी मछुआरों ने एससीएस में ऐसे समुद्री जीवों का बड़े स्तर पर शिकार किया, जो विलुप्त होने के कगार पर हैं। चीनी सरकार ने इन्हें रोका नहीं, जो कि अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है। ट्रिब्यूनल ने कहा है कि चीन ने फिलीपींस के अधिकारों का उल्लंघन किया है। अंतरराष्ट्रीय ट्रिब्यूनल के फैसले पर फिलीपींस ने खुशी जताई है।
 
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क्या है विवाद - फोटो : Reuters
क्या है विवाद-दरअसल चीन 1940 के दशक के एक नक्शे को आधार बनाकर दक्षिण चीन सागर के लगभग 90 फीसदी हिस्से पर अपना दावा जताता रहा है। उसके मुताबिक नाइन डैश लाइन के दायरे में आने वाले लगभग पूरे समुद्री क्षेत्र पर उसका अधिकार है और उसके मछुआरे सदियों से इस समुद्री क्षेत्र का इस्तेमाल करते रहे हैं। चीन ने अपने दावे को मजबूती देने के लिए दक्षिण चीन सागर के कोरल रीफ को तेजी से कृत्रिम द्वीपों में भी बदल दिया। फिलीपींस, वियतनाम, ताईवान, मलयेशिया और ब्रुनेई भी दक्षिण चीन सागर पर चीन के दावों का कड़ा विरोध करते रहे हैं। इन देशों के समर्थन में अमेरिका भी आ गया है, उसने अपने युद्ध पोत भी इस क्षेत्र में भेजे हैं।
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