फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

Pahalgam Attack: 'पहलगाम हमला कश्मीर में पर्यटन को तबाह करने की साजिश थी', जयशंकर बोले- यह आर्थिक जंग का कृत्य

Tue, 01 Jul 2025 09:27 AM IST
अभिषेक दीक्षित वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Tue, 01 Jul 2025 09:27 AM IST
सार

विदेश मंत्री एस. जयशंकर अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। वे मंगलवार को क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी की यात्रा करेंगे। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत के स्थायी मिशन द्वारा आयोजित 'आतंकवाद की मानवीय लागत' शीर्षक से एक प्रदर्शनी का उद्घाटन करके अपनी यात्रा की शुरुआत की। 

विज्ञापन
Pahalgam attack was act of economic warfare: EAM Jaishankar Know all about it
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : Amar Ujala

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने एक बार फिर पहलगाम आतंकी हमले को लेकर पाकिस्तान और उसकी पनाह में छिपे बैठे दहशतगर्दों को सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमला कश्मीर में पर्यटन को तबाह करने की एक सोची समझी साजिश थी। यह एक तरह का आर्थिक युद्ध था।



उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने यह साफ कर दिया है कि वह पाकिस्तान से पैदा हुए आतंकवाद का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। अब भारत परमाणु ब्लैकमेल की वजह से रुकने वाला नहीं। भारत में पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान से कई आतंकवादी हमले हुए हैं और 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले के बाद देश में यह भावना है कि 'बस, बहुत हो गया।' उनकी टिप्पणी मैनहट्टन में 9/11 स्मारक के पास वन वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में न्यूजवीक के मुख्यालय में आयोजित न्यूजवीक के सीईओ देव प्रसाद के साथ बातचीत के दौरान आई।

जयशंकर ने कहा कि पहलगाम हमला एक आर्थिक युद्ध था। इसका मकसद कश्मीर में पर्यटन को बर्बाद करना था, जो अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार है। इसका मकसद धार्मिक हिंसा को भड़काना भी था, क्योंकि लोगों को मारने से पहले उनके धर्म के बारे में पूछा गया। उन्होंने कहा, 'इसलिए हमने तय किया कि हम आतंकवादियों को सजा के डर से आजाद होकर साजिश रचने नहीं दे सकते। यह विचार कि वे सीमा के उस तरफ हैं और इसलिए हम बदला नहीं ले सकते, मुझे लगता है कि यह एक ऐसी चीज थी, जिसे चुनौती देने की बहुत जरूरत थी और हमने यही किया।' 

Pahalgam attack was act of economic warfare: EAM Jaishankar Know all about it
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : PTI

उन्होंने कहा कि भारत के खिलाफ हमले करने वाले पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी छिपकर या यूं कहें कि गुप्त रूप से काम नहीं करते हैं, ये ऐसे आतंकवादी संगठन हैं, जिनके पाकिस्तान के आबादी वाले शहरों में कॉर्पोरेट मुख्यालय जैसे ढांचे हैं। उन्होंने कहा, 'हर कोई जानता है कि संगठन ए और संगठन बी का मुख्यालय क्या है, कहां हैं। ये वे इमारतें या मुख्यालय थे, जिन्हें भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में मिट्टी में मिला दिया।' ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकी ढांचे को निशाना बनाने के लिए शुरू किया गया था, जिसका मकसद पहलगाम हमले का बदला लेना था। आतंकी हमले में 26 नागरिक निर्मम हत्या कर दी गई थी। इसकी जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूह लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) ने ली थी।

Pahalgam attack was act of economic warfare: EAM Jaishankar Know all about it
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : PTI

उन्होंने कहा कि हम बहुत स्पष्ट हैं कि आतंकवादियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्हें जरा सी भी राहत नहीं दी जाएगी। उन पर कोई रहम नहीं बरता जाएगा। हम अब उन्हें प्रॉक्सी मानकर व्यवहार नहीं करेंगे। हम उस सरकार को भी नहीं बख्शेंगे, जो उनका समर्थन और वित्तपोषण करती है।  हम परमाणु ब्लैकमेल हमें जवाब देने से नहीं रोक पाएगा। पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद को प्रॉक्सी की इस्तेमाल किया है। इसलिए अब हम हर आतंकी घटना को युद्ध की कार्रवाई मानेंगे। 

जयशंकर ने कहा कि हम यह भी बहुत लंबे समय से सुन रहे हैं कि भारत और पाकिस्तान दोनों परमाणु देश हैं। इसलिए दूसरा कोई आएगा और भयानक चीजें करेगा, लेकिन आपको कुछ नहीं करना है, क्योंकि इससे दुनिया की परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने कहा, 'अब हम उसके झांसे में नहीं आने वाले हैं। अगर वह आकर कुछ करने वाला है, तो हम वहां जाएंगे और उन लोगों पर भी हमला करेंगे, जिन्होंने ऐसा किया है।' जयशंकर ने दर्शकों की तालियों के बीच कहा, 'इसलिए परमाणु ब्लैकमेल के आगे झुकना नहीं है, आतंकवादियों को कोई छूट नहीं है, उन्हें छद्म कहने की कोई छूट नहीं है। हम अपने लोगों की रक्षा के लिए जो करना है, करेंगे।'

विज्ञापन
विज्ञापन
Pahalgam attack was act of economic warfare: EAM Jaishankar Know all about it
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : PTI

संयुक्त राष्ट्र में आयोजित प्रदर्शनी का हवाला देते हुए जयशंकर ने कहा कि भारत का मानना है कि आतंकवाद वास्तव में सभी के लिए खतरा है, किसी भी देश को इसे अपनी नीतियों को आगे बढ़ाने के साधन के रूप में उपयोग नहीं करना चाहिए। अंत में यह सभी को नुकसान पहुंचाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुनिया को यह संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद के प्रति शून्य सहिष्णुता होनी चाहिए, ऐसी कोई परिस्थिति, कोई बहाना, कोई औचित्य नहीं होना चाहिए, जिससे कोई देश आतंकवादी कृत्यों की अनुमति दे, उनका समर्थन करे, उन्हें वित्तपोषित करे या प्रायोजित करे। 

उन्होंने कहा कि भारत कई दशकों से पाकिस्तान के आतंकवाद से निपट रहा है, लेकिन वास्तव में यह 1947 में देश की आजादी के समय से ही शुरू हो गया था, जब कुछ ही महीनों के भीतर आतंकवादियों को कश्मीर में भेजा गया और उन्हें छद्म आक्रमणकारी बताया गया। उन्होंने 2001 के संसद और 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों का जिक्र करते हुए कहा, 'और फिर जल्द ही पाकिस्तानी सेना ने भी ऐसा ही किया। इसलिए हमने पिछले चार दशकों से आतंकवाद से बहुत गहनता से लड़ाई लड़ी है और हमारे सामने कुछ भयानक मामले भी आए हैं।' 

विज्ञापन
Pahalgam attack was act of economic warfare: EAM Jaishankar Know all about it
विदेश मंत्री एस. जयशंकर - फोटो : PTI

बातचीत के बाद जयशंकर से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस दावे के बारे में पूछा गया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हालिया संघर्ष को रोकने के लिए व्यापार का इस्तेमाल किया और क्या इससे दिल्ली और वाशिंगटन के बीच व्यापार वार्ता प्रभावित हुई? जयशंकर ने कहा, 'नहीं, मुझे ऐसा नहीं लगता। मुझे लगता है कि व्यापार से जुड़े लोग वही कर रहे हैं, जो उन्हें करना चाहिए। मुझे लगता है कि वे बहुत पेशेवर हैं और इस बारे में बहुत ही स्पष्ट हैं। उन्होंने कहा कि भारत में इस बात पर राष्ट्रीय सहमति है कि पाकिस्तान के साथ हमारा व्यवहार द्विपक्षीय है। इस विशेष मामले में मैं आपको बता सकता हूं कि मैं उस कमरे में था, जब उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने 9 मई की रात को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की थी और कहा था कि अगर हमने कुछ बातें नहीं मानीं तो पाकिस्तान भारत पर बहुत बड़ा हमला करेगा। प्रधानमंत्री पाकिस्तान की धमकियों को लेकर स्पष्ट थे। उन्होंने साफ कहा कि हमारी ओर से जवाब दिया जाएगा। हम गोली का जवाब गोले से देंगे। फिर रात में पाकिस्तानियों ने बड़े पैमाने पर हमला किया, हमने उसके बाद बहुत तेजी से और जोरदार जवाब दिया। अगली सुबह विदेश सचिव मार्को रुबियो ने मुझे फोन किया और कहा कि पाकिस्तानी बातचीत के लिए तैयार है। इसलिए मैं आपको केवल अपने व्यक्तिगत अनुभव से बता सकता हूं कि क्या हुआ। बाकी मैं आप पर छोड़ता हूं।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed