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Liz Truss: ब्रिटेन में नेता बदलने का भारत पर क्या असर पड़ेगा? नई पीएम का हिन्दुस्तान को लेकर क्या है नजरिया

Mon, 05 Sep 2022 06:55 PM IST
हिमांशु मिश्रा स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Mon, 05 Sep 2022 06:55 PM IST
सार

अब तक विदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहीं लिज ट्रस अब ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री होंगी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया है।

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Relation between Liz Truss with India, what will be the effect of changing power in Britain?
लिज ट्रस और पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
ब्रिटेन में बड़ा राजनीतिक बदलाव हुआ है। अब तक विदेश सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहीं लिज ट्रस अब ब्रिटेन की नई प्रधानमंत्री होंगी। उन्होंने अपने प्रतिद्वंदी भारतीय मूल के ऋषि सुनक को हरा दिया है। लिज की जीत के साथ ही उनके भारत के रिश्तों को लेकर चर्चा होने लगी है। हर कोई जानना चाहता है कि लिज के प्रधानमंत्री बनने से भारत पर क्या असर पड़ सकता है? भारत को लेकर लिज के कैसे विचार हैं? आइए समझते हैं इसे...

 
Relation between Liz Truss with India, what will be the effect of changing power in Britain?
लिज ट्रस और भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर - फोटो : अमर उजाला
भारत से लिज के रिश्ते कैसे हैं? 
हमने ये समझने के लिए विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, 'रूस-यूक्रेन का युद्ध शुरू होने के एक महीने बाद ही बतौर ब्रिटेन की विदेश सचिव लिज ट्रस 31 मार्च को भारत पहुंची थीं। इस दौरान उन्होंने खुलकर भारत की प्रशंसा की थी। लिस दक्षिणपंथी विचारधारा से हैं। ऐसे में उनके और भारत की मौजूदा सरकार के विचार काफी मेल खाते हैं। मतलब साफ है कि दोनों के रिश्ते आने वाले समय में और अच्छे होंगे।'

आदित्य आगे कहते हैं, 'लिज ने अपने पूरे चुनाव अभियान के दौरान भारत के पड़ोसी चीन की खिंचाई की थी। मतलब भारत-चीन मसले पर लिज हमेशा भारत के साथ होंगी।' 

आदित्य के मुताबिक, मई में ब्रिटेन-भारत के प्रधानमंत्रियों ने द्विपक्षीय वार्ता की थी। तब लिज ट्रस विदेश सचिव थीं। उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि भारत के लिए ब्रिटेन हमेशा तैयार है। ये बयान भी तब आया था, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला कर दिया था और इसको लेकर ब्रिटेन ने रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने तो युद्ध के दौरान यूक्रेन का दौरा किया था। लिज ट्रस भी लगातार रूस के खिलाफ बयान दे रहीं थीं। वहीं, दूसरी ओर भारत और रूस के रिश्ते मजबूत हो रहे थे। तमाम विरोध के बावजूद भारत लगातार रूस से अपने व्यापारिक रिश्ते बरकरार रख रहा था। 
 
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लिज ट्रस - फोटो : अमर उजाला
भारत की नीतियों को आगे बढ़ाने को कहा था
लिज ने अपने दौरे के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। दोनों की द्विपक्षीय वार्ता हुई थी। तब लिज ने सैन्य सहयोग को लेकर भी बात की थी। ये भी कहा था वह आने वाले समय में भारत की नीतियों को आगे बढ़ाएंगी। मसलन मेक इन इंडिया प्रोग्राम को भी मजबूत करने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि रक्षा क्षेत्र में उनकी कंपनियां भारत में काम कर सकती हैं। तब जयशंकर ने लिज के इस प्रस्ताव का स्वागत किया था। अब जब वह खुद प्रधानमंत्री बन गईं हैं, तो जल्द ही इस मसले को लेकर आगे फैसला हो सकता है। 
 
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी - फोटो : अमर उजाला
पीएम मोदी के विजन की कर चुकी हैं तारीफ 
लिज ट्रस ने एक इंटरव्यू में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि भारत के प्रधानमंत्री का विजन काफी अच्छा है। वह अपने देश और देश के लोगों के लिए काम करते हैं। आर्थिक, सामाजिक व वैश्विक तौर पर उनकी नीतियां देश के लोगों के हिसाब से होती हैं। 
 
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ऋषि सुनक और लिज ट्रस - फोटो : अमर उजाला
चुनाव के नतीजे क्या आए?
सात जुलाई को ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने पार्टी के नेता पद से इस्तीफा दिया था। जॉनसन पर कई तरह के आरोप लगे थे। जिसके बाद पार्टी में उनके खिलाफ बगावत शुरू हो गई थी। जॉनसन के इस्तीफे के बाद कंजर्वेटिव पार्टी में नए प्रधानमंत्री के लिए चुनाव हुए। इसमें कई उम्मीदवार थे। हालांकि, मुख्य मुकाबला भारतीय मूल के ऋषि सुनक और लिज ट्रस के बीच हुआ। पार्टी के करीब 1.72 लाख सदस्यों ने वोटिंग की।

आज वोटिंग के नतीजे आ गए। इसमें लिज ट्रस को 81 हजार 326 सदस्यों का वोट मिले। वहीं, ऋषि सुनक के पक्ष में 60 हजार 399 सदस्यों ने वोट किया। 654 वोट रिजेक्ट हुए। इस तरह से लिज ट्रस की जीत हुई और अब वह ब्रिटेन की प्रधानमंत्री के साथ-साथ कंजर्वेटिव पार्टी की प्रमुख भी होंगी। 
 
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