लालजीत भुल्लर: पट्टी में आढ़ती, पहली बार चुनाव जीता, मंत्री बने, एक जिद्द ने भुल्लर से छीन लिया सबकुछ
पंजाब स्टेट वेयरहाउस कॉरपोरेशन (पीएसडब्ल्यूसी) के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या की है। डीएम ने एक वीडियो बनाया है, जिसमें उन्होंने पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद सीएम मान ने ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत भुल्लर से इस्तीफा ले लिया।
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आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के मंत्री लालजीत भुल्लर ने इस्तीफा दे दिया है। अमृतसर के पट्टी की अनाज मंडी में आढ़ती का कारोबार करते लालजीत सिंह भुल्लर ने कोविड के दौरान इलाके की काफी सेवा की थी, जिसके बाद वह सरगर्म सियासत में कूदे और आम आदमी पार्टी में शामिल होकर खूब मकबूल हुए थे। चार साल दौरान वह जनता के बीच सबसे ज्यादा रहने वाले नेता थे, जो अब सियासी हाशिए पर आ गए हैं।
किसान परिवार से संबंधित लालजीत सिंह भुल्लर अकाली मंत्री आदेश प्रताप सिंह केरों के करीबी भी रह चुके हैं। अनाज मंडी पट्टी में उनकी आढ़त की दुकान भी है। कांग्रेस सरकार के मौके नगर कौंसिल पट्टी के चुनाव के दौरान भुल्लर आप नेता थे, जिनके खिलाफ चुनाव में गुंडागर्दी करने का केस दर्ज हुआ था। इससे पहले कोविड के दौरान भुल्लर ने जरूरतमंद लोगों कि खूब मदद की थी। 2022 के विधानसभा चुनाव में आप ने भुल्लर को टिकट दिया था।
इस चुनाव में भुल्लर को 57,323 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी शिअद के उम्मीदवार आदेश प्रताप सिंह केरों को 46,324 वोट मिले। कुल मिलाकर भुल्लर ने 10,999 मतों से जीत दर्ज की थी। इस चुनाव में कांग्रेस पार्टी के हरमिंदर सिंह गिल तीसरे स्थान पर रहे थे। भगवंत मान की सरकार में वह कैबिनेट मंत्री बने। उनके पास ग्रामीण विकास और पंचायत मंत्रालय भी रहा है। इन दिनों वह परिवहन और जेल मंत्री थे।
लोकसभा चुनाव में हारे थे भुल्लर
2024 के लोकसभा चुनाव में आप ने लालजीत सिंह भुल्लर को श्री खडूर साहिब से प्रत्याशी बनाया था। हालांकि वह चुनाव हार गए और तीसरे स्थान पर रहे थे। हलके के लोगो को सबसे अधिक समय देने वाले भुल्लर अपने आवास पर ही रह रहे हैं, हालांकि जनता और पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने दूरी ही बना ली है। भुल्लर अपने पिता सुखदेव सिंह भुल्लर के नाम पर टेंडर लेने की जिद्द में थे और यह जिद्द उन पर इतनी भारी पड़ेगी कि मंत्री पद भी गंवाना पड़ा। यह शायद उन्होंने कभी नहीं सोचा था।
मंत्री से परेशान होकर पंजाब वेयरहाउस के जिला मैनेजर ने निगला जहर, मौत
पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन के जिला मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा ने शुक्रवार देर रात जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां शनिवार सुबह इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। खुदकुशी से पहले शुक्रवार देर रात को मृतक द्वारा सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को इस कदम के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। उनका आरोप था कि मंत्री पर आरोप है कि डीएम रंधावा पर मंत्री की ओर से लगातार मानसिक दबाव बनाया जा रहा था। मंत्री द्वारा अपने पिता के नाम टेंडर दिलवाने का दबाव डाला जा रहा था। मंत्री की ओर से अपने पिता के नाम परकई तरह के टेंडर डाले गए थे, जिनमें से एक पंजाब वेयरहाउस का टेंडर भी शामिल था, जिसे मंत्री लेना चाहता था। लेकिन दम रंधावा टेंडर दिलवाने में असफल रहे तो उन्हें घर बुलाकर मारपीट की गई और उसका वीडियो बनाया गया। इतना ही नहीं रंधावा के ऊपर 10 लाख रुपये रिश्वत लेने का एक फर्जी वीडियो तैयार किया गया। इसके अलावा उनके परिवार गैंगस्टरों से मरवाने की धमकियां दी गई। जब यह सारा मानसिक तनाव रंधावा ना झेल पाए तो उन्होंने शुक्रवार देर रात को जहर निगल लेना सही समझा। जिससे उनकी मौत हो गई। इन सभी बातों का जिक्र डीएम रंधावा ने खुद की ओर से डीसी तरनतारन और विभाग के एमडी को लिखे पत्र में किया गया है। वहीं परिवार की ओर से भी पुलिस दी गई शिकायत में इन सभी बातों का उल्लेख किया और साथ ही पत्रों की कापी भी मुहैया करवाई गई है।
वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री भगवान सिंह मान ने कार्रवाई करते हुए कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर से इस्तीफा ले लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।घटना के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। वहीं सांसद गुरजीत सिंह औजला ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और जांच की जरूरत बताई।
पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम करवा परिवार को सौंप दिया है और इस पूरे मामले पर सरकार की ओर से विशेष टीम बनाकर उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
समय-समय पर अधिकारियों को भी लिखे पत्र
पंजाब वेयरहाउस कॉरपोरेशन से जुड़े जिला मैनेजर (डीएम) गगनदीप सिंह रंधावा अपने सुसाइड करने से पहले दसमय-समय पर अधिकारियों को पत्र लिख कर सारी जानकारी दी जाती रही। उन्होंने डीसी को पत्र लिखा, जिसमें उन्होंने अपने साथ मारपीट, अभद्र भाषा के इस्तेमाल और धमकियों को लेकर जानकारी दी थी। साथ ही उन्होंने टेंडर प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं को भी विस्तार से अधिकारियों के ध्यान में लाया था।
रंधावा ने अपने पत्रों में यह भी उल्लेख किया था कि टेंडर प्रक्रिया को लेकर उन पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत कराया। इसके अलावा, उन्होंने विभाग के एमडी को भी पत्र लिखकर अपने तबादले की मांग की थी, ताकि वह मौजूदा परिस्थितियों से बाहर निकल सकें।
बताया जा रहा है कि रंधावा द्वारा लिखे गए पत्रों में पूरे घटनाक्रम का क्रमवार उल्लेख किया गया है, जिसमें उन्होंने अपनी सुरक्षा और कार्यस्थल के माहौल को लेकर चिंता जताई थी। इन पत्रों के सामने आने के बाद विभागीय स्तर पर मामले की गंभीरता से समीक्षा की जा रही है।