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चंडीगढ़ की सड़कों पर देखकर चलें: 70 साल पुरानी पाइपलाइन कर रही खोखला, निगम के पास जांच का उपकरण तक नहीं

Thu, 20 Aug 2026 10:23 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Thu, 20 Aug 2026 10:23 AM IST
सार

चंडीगढ़ में लगातार दो दिन हुई भारी बरसात ने प्रशासन के सभी दावों की पोल खोल दी है। बरसात के बाद पूरा चंडीगढ़ एक तरह  से जलमग्न दिखा। अब सड़कें धंसने का नया खतरा पैदा हो गया है।

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Chandigarh roads 70 year old pipeline is hollowing out ground municipal corporation
चंडीगढ़ में बरसात के बाद का हाल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

चंडीगढ़ की सड़कें भले ही ऊपर से मजबूत दिखती हों, लेकिन बारिश के मौसम में सड़क के साइड में अंडर ग्राउंड बिछी 70 साल पुरानी सीवर और स्टॉर्म वॉटर लाइनें बड़ा खतरा बन रही हैं। 
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तेज बारिश के दौरान पुरानी अंडर ग्राउंड ब्रिक वाली पाइपलाइनों के क्षतिग्रस्त होने से सड़क धंसने की घटनाएं ज्यादा ही आने लगी हैं। वहीं स्टॉर्म वॉटर लाइन में डाली सड़क गलियों के पास से सड़कें खोखली होकर धंस रही हैं। सड़क गलियों में लगने वाला मैटीरियल ठीक नहीं होता है या फिर इन्हें ठीक से नहीं बनाया गया। जिससे बरसाती पानी के जमीन में रिसने से सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे बने हैं।
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सबसे बड़ा खतरा यह है कि सड़क के नीचे बिछी पुरानी पाइपलाइन कब टूटेगी और उसके ऊपर की जमीन कब खोखली हो जाएगी, इसका अंदाजा सड़क से गुजरने वाले वाहन चालक को नहीं होता है। लगातार बारिश का पानी जमीन के भीतर रिसने, पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने और मिट्टी के बहने से सड़क का बेस कमजोर हो जाता है। इससे सड़क का एक हिस्सा अचानक धंसकर गड्ढे में तब्दील हो जाता है। सड़क की ऊपरी लेयर लटकी रह जाती है। 



मंगलवार को हुई तेज बारिश में भी सेक्टर 28 पेट्रोल पंप के सामने जा रही स्टॉर्म वॉटर लाइन एकदम बैठ गई। सड़क का एक हिस्सा तो गड्ढे में गिर गया जबकि एक हिस्सा ऊपर लटका रह गया। ऐसे में कोई वाहन चालक निकलता तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। वह तो पुलिस को किसी ने सड़क धंसने की इत्तला कर दी तो बचाव हो गया। वहां प्रशासन और निगम के मुख्य अभियंता पहुंचे।

पहली तेज बारिश में इतनी जगह धंसी सड़कें 
इस बार सेक्टर 28 की मुख्य सड़क के नीचे स्टॉर्म वॉटर लाइन क्षतिग्रस्त होने से सड़क धंसी है। वहीं सेक्टर 6 में गवर्नर हाउस से थोड़ा आगे सड़क गली की वजह से सड़क धंसने लगी है। यही सड़क आगे सेंट कबीर स्कूल लाइट पॉइंट से 80 मीटर पहले स्टॉर्म लाइन का मेन होल टूटने से धंस गई है।

सेक्टर 26 और पार्किंग के पास दोनों साइड बनी सड़क गलियों की वजह से साइकिल ट्रैक ही धंस गया। यहां भी गड्ढा बन गया। साइकिल चलाने वालों को बचकर निकलना पड़ रहा है। यूटी सचिवालय के मोड़ के पास ही सड़क गली कुछ दिन पहले ठीक करवाई थी। वहां से मंगलवार की बारिश में सड़क फिर धंस गई। बरसात के दौरान पुलिस ने वहां पर बैरिकेड्स लगा दी। 



खतरा दिखाई देने से पहले जांचने का उपकरण नहीं 
सड़क पर वाहन लेकर चल रहे व्यक्ति को ऊपर से सब सामान्य दिखता है। उसे क्या पता कि जिस सड़क पर वह जा रहा है उसके कुछ फीट पर नीचे जमीन अंदर से खोखली हो चुकी है। अचानक पाइप टूटने या मिट्टी खिसकने से सड़क का एक हिस्सा धंसने वाला है। जिसमें वह फंस सकता है। इसकी जांच के लिए निगम के पास कोई उपकरण नहीं है। ताकि खतरे से बचा जा सके।



पिछले साल इन जगह धंसी थी सड़क 
पिछले साल मानसून में भी शहर में सेक्टर 20 गुरुद्वारा साहिब के पास , सेक्टर 21 पेट्रोल पंप के पास, सेक्टर 32-33 के स्मॉल चौक, सेक्टर 46-47 के चौक , सेक्टर 45 देव समाज कॉलेज के पास, सेक्टर 37 स्मॉल चौक, सेक्टर 15-14, 24-25 चौक के पास स्टॉर्म वॉटर लाइन टूटने से सड़क धंसी थी।

इसके अलावा सेक्टर 47-48 लाइट पॉइंट के पास सीवर लाइन टूटने से सड़क धंस गई थी जिसमें मोटर साइकिल चालक मोटर साइकिल समेत गिर गया था। इन्हें ठीक करवाने में निगम को दो महीने लगे थे।

नगर निगम चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा का कहना है कि पुरानी ब्रिक लाइन ब्रेक होने से सड़कें धंस रही हैं। जहां पर दो जगह से ब्रिक लाइन मिलती हैं वहीं से ऐसा हो रहा है। इन्हें मजबूत करने के लिए कोई प्रपोजल नहीं बनी है। इस पर काम करवाएंगे। ब्रिक सीवर लाइन को मजबूत करने के लिए 20 करोड़ के टेंडर अलॉट किए गए हैं। ब्रिक वाली कमजोर लाइन को चेक करके उसमें पीवीसी लाइन डाली जाएंगी।

एक्सपर्ट व्यू
एमसी एंड प्रशासन के पूर्व चीफ इंजीनियर वीके भारद्वाज का कहना है कि ब्रिक की लाइन 70 साल पुरानी हो चुकी हैं। ये अपनी उम्र से पार हो चुकी हैं। जमीन के नीचे इतनी गहराई में बिछी लाइनों के लीकेज होने से मिट्टी दरकने से सड़क धंसती है । इसका पता पहले नहीं चल पाता है। इन्हें बदलने की जरूरत है।
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