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एक थी डॉ. नेहा शौरी: नशीली दवाओं पर कार्रवाई करने वाली अधिकारी, जिसने दस साल पहले जान देकर चुकाई थी कीमत
Fri, 16 Oct 2026 01:28 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 16 Oct 2026 01:28 PM IST
सार
डॉ. नेहा शौरी की 2019 में मोरिंडा निवासी बलविंदर सिंह ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में आरोपी ने खुद को भी गोली मारकर जान दे दी थी।
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डाॅ. नेहा शाैरी हत्याकांड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में नशे का मुद्दा गरमाया हुआ है। मानसा में परविंदर सिंह झोटा की सरेआम हत्या के बाद पूरे पंजाब में उबाल आ गया था। गुरुवार को पंजाब बंद कर इस मुद्दे को लेकर लोग सड़क पर उतर आए थे।
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हालांकि नशे के लिए पंजाब में हत्या पहली बार नहीं हुई है। ऐसा ही एक मामला 2019 में खरड़ में सामने आया था। जब एक मेडिकल स्टोर संचालक ने फूड एंड केमिकल टेस्टिंग लैब में घुसकर जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी को गोली मार दी थी।
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मार्च 2019 में मारी थी गोली
29 मार्च 2019 को मोरिंडा निवासी आरोपी बलविंदर सिंह ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की उनके ही दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने सुसाइड कर लिया था।
बलविंदर 2009 में मोरिंडा में जसप्रीत मेडिकल स्टोर नाम की केमिस्ट शॉप चलाता था। उस समय डॉ. शौरी रोपड़ में ड्रग इंसपेक्टर के तौर पर तैनात थीं। उन्होंने 29 सितंबर 2009 को जसप्रीत मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था।
इस दौरान नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली 35 तरह की दवाएं स्टोर से बरामद हुई थीं। इसके संबंध में बलविंदर के पास कोई दस्तावेज नहीं था। इस कारण डॉ. नेहा ने जसप्रीत मेडिकल स्टोर का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था।
भतीजी के सामने की थी हत्या
आरोपी बलविंदर सिंह ने नेहा शौरी को उनके भाई की छह वर्षीय बेटी के सामने गोली मारी थी।
नेहा शौरी ने चंडीगढ़ सेक्टर 16 स्थित मॉडल स्कूल से स्कूलिंग की थी। पीयू से फार्मासिस्ट की डिग्री ली थी। इसके बाद पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के एग्जाम में आठवां रैंक प्राप्त करके ड्रग्स इंस्पेक्टर बनी।
29 मार्च 2019 को मोरिंडा निवासी आरोपी बलविंदर सिंह ने जोनल लाइसेंसिंग अथॉरिटी डॉ. नेहा शौरी की उनके ही दफ्तर में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद आरोपी ने सुसाइड कर लिया था।
बलविंदर 2009 में मोरिंडा में जसप्रीत मेडिकल स्टोर नाम की केमिस्ट शॉप चलाता था। उस समय डॉ. शौरी रोपड़ में ड्रग इंसपेक्टर के तौर पर तैनात थीं। उन्होंने 29 सितंबर 2009 को जसप्रीत मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था।
इस दौरान नशे के लिए इस्तेमाल होने वाली 35 तरह की दवाएं स्टोर से बरामद हुई थीं। इसके संबंध में बलविंदर के पास कोई दस्तावेज नहीं था। इस कारण डॉ. नेहा ने जसप्रीत मेडिकल स्टोर का लाइसेंस कैंसिल कर दिया था।
भतीजी के सामने की थी हत्या
आरोपी बलविंदर सिंह ने नेहा शौरी को उनके भाई की छह वर्षीय बेटी के सामने गोली मारी थी।
नेहा शौरी ने चंडीगढ़ सेक्टर 16 स्थित मॉडल स्कूल से स्कूलिंग की थी। पीयू से फार्मासिस्ट की डिग्री ली थी। इसके बाद पंजाब पब्लिक सर्विस कमीशन के एग्जाम में आठवां रैंक प्राप्त करके ड्रग्स इंस्पेक्टर बनी।