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दुश्मनों की खैर नहीं: भारतीय सेना की खड़गा कोर की बढ़ी ताकत, काउंटर यूएएस ग्रिड से और महफूज होंगी सीमाएं

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 22 Feb 2026 07:25 AM IST
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सार

ऑपरेशन सिंदूर के बाद विकसित किए गए इस काउंटर यूएएस ग्रिड से ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीमाओं को महफूज रखने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे दुश्मन देशों के ड्रोन व विमानों की गतिविधियों की रियल टाइम जानकारी मिलेगी।

Indian Army Kharga Corps strengthens borders to be further secured with counter-UAS grid
काउंटर ग्रेड द्वारा लॉक ड्रोन पर किया गया अटैक - फोटो : सेना
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विस्तार

वेस्टर्न कमांड के अधीनस्थ खड़गा कोर को और ताकतवर बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारतीय सेना की इस स्ट्राइक कोर को अब काउंटर यूएएस (अनमैन्ड एरियल सिस्टम) ग्रिड से भी लैस कर दिया गया है। कोर ने इसका सफल अभ्यास कर लिया है। पश्चिमी मोर्चाें पर तैनात सभी बटालियनों को यह सिस्टम उपलब्ध करवाए जाने की तैयारी है। इससे पाकिस्तान से सटी सीमाओं पर एयर स्पेस सिक्योरिटी और पुख्ता होगी।

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद विकसित किए गए इस काउंटर यूएएस ग्रिड से ड्रोन हमलों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर सीमाओं को महफूज रखने में बड़ी मदद मिलेगी। इससे दुश्मन देशों के ड्रोन व विमानों की गतिविधियों की रियल टाइम जानकारी मिलेगी। उसके बाद इस सिस्टम से उन्हें टारगेट कर निष्क्रिय किया जा सकेगा।
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गत वर्ष मई में पश्चिमी सीमाओं पर भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान पाकिस्तानी सेना ने काफी ड्रोन हमले किए। हालांकि उस वक्त भारतीय सेना ने अपने मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की मदद उन हमलों को निष्क्रिय कर दिया था लेकिन अब इस काउंटर यूएएस ग्रिड से पश्चिमी मोर्चे पर पाकिस्तान के ऐसे हमलों का जवाब और घातक ढंग से दिया जा सकेगा।
वेस्टर्न कमांड के एक अधिकारी ने बताया कि यह ग्रिड एक उच्चस्तरीय मॉड्यूलर कमांड और कंट्रोल सिस्टम है जो दुश्मन के ड्रोन हमलों को भांपकर तुरंत खतरे की जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हो जाएगा और हवाई हमलों से बचाव करेगा। इससे सैनिकों और सेना के बुनियादी ढांचे की हवाई हमलों से सुरक्षा भी काफी हद तक सुनिश्चित हो पाएगी।

हवाई टारगेट पर सटीक हमला

सैन्य अधिकारी ने बताया कि हाल ही में युद्ध की तैयारियों के मद्देनजर हुए एक परीक्षण अभ्यास में खड्गा कोर ने इस काउंटर यूएएस ग्रिड के असर को साबित कर लिया है। कोर के एक फील्ड फॉर्मेशन ने दिन और रात दोनों समय युद्धाभ्यास के दौरान इस सिस्टम का उपयोग कर हवाई टारगेट (ड्रोन) पर सटीकता से हमला कर एक बेहतरीन व सटीक ऑपरेशनल तैयारी का परिचय दिया है।

फायर पावर बढ़ाएगी नई तकनीक

खड्गा कोर को और मजबूत बनाने की दिशा में नई पीढ़ी की तकनीकों के साथ इस कोर की फायर पावर को भी ज्यादा सटीक बनाया जा रहा है। इसके लिए खड्गा शक्ति-2026 के तहत महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में दो दिन का युद्धाभ्यास किया जाएगा। इसमें अटैक हेलिकॉप्टर से टारगेट पर हमला, स्वार्म ड्रोन से शिकार ढूंढना, डिग्रेडेशन आर्टिलरी फायर, आर्मर्ड और मैकेनाइज्ड इन्फेंट्री द्वारा मैनूवर व फायर, गन और रॉकेट से रेड-शूट एंड स्कूट, लोइटर म्युनिशन और स्वार्म ड्रोन से हमला, गन और रॉकेट से फायर, इन्फेंट्री हथियारों से फायर और टारगेट पर हमला, सभी हथियारों से इंटीग्रेटेड फायर पावर इत्यादि अभ्यास किए जाएंगे।

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