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Ludhiana: पुलिस ने शिवसेना नेता अमित अरोड़ा को हिरासत में लिया, परिजनों का आरोप-अज्ञात जगह ले गए
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Wed, 06 May 2026 03:17 PM IST
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सार
शैरी अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार को पुलिस उनके घर पहुंची और अमित अरोड़ा को साथ ले गई। उन्हें पहले थाना डिवीजन नंबर 7 ले जाया गया और फिर देर रात मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल लाया गया।
पुलिस
- फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
पंजाब में शिवसेना के नेता अमित अरोड़ा को लुधियाना पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के बाद देर रात उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जब पुलिस अरोड़ा को मेडिकल परीक्षण के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची और उसके बाद उन्हें एक निजी इनोवा गाड़ी में बैठाकर अज्ञात स्थान की ओर रवाना हो गई।
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पति की सुरक्षा को लेकर चिंतित अमित की पत्नी शैरी ठाकुर अरोड़ा और समर्थकों ने पुलिस की गाड़ी का जगरांव तक पीछा किया, लेकिन पुलिस की टीम उन्हें चकमा देकर निकलने में कामयाब रही। अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अमित अरोड़ा को कहां रखा गया है, जिसे लेकर परिजनों ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
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शैरी अरोड़ा ने बताया कि मंगलवार को पुलिस उनके घर पहुंची और अमित अरोड़ा को साथ ले गई। उन्हें पहले थाना डिवीजन नंबर 7 ले जाया गया और फिर देर रात मेडिकल के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। पत्नी का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पुलिस ने न तो कोई गिरफ्तारी वारंट दिखाया और न ही हिरासत में लेने का कोई ठोस कारण बताया।
उन्होंने कहा कि वह कई घंटों तक सड़कों पर अपने पति की तलाश में भटकती रहीं, लेकिन पुलिस का रवैया पूरी तरह असंवेदनशील रहा। परिजनों के अनुसार, डिवीजन नंबर 7 के एसएचओ को दर्जनों बार फोन किया गया, मगर उन्होंने एक भी कॉल रिसीव नहीं की। मौके पर मौजूद अधिकारियों से जब जवाब मांगा गया, तो उन्होंने केवल इतना कहा कि उनके पास कोई जानकारी नहीं है और वे केवल ऊपर से मिले आदेशों का पालन कर रहे हैं। अमित अरोड़ा की सुरक्षा को लेकर उनके समर्थकों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
अस्पताल के बाहर जुटे कार्यकर्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अरोड़ा को पहले से ही जान का खतरा है और वे हाई थ्रेट श्रेणी में आते हैं। ऐसे संवेदनशील व्यक्ति को सरकारी सुरक्षा वाहन के बजाय एक निजी गाड़ी में ले जाना पुलिस की मंशा पर सवाल खड़े करता है। समर्थकों ने चेतावनी भरे लहजे में पूछा कि यदि इस दौरान अरोड़ा को कोई नुकसान पहुंचता है, तो इसकी जिम्मेदारी क्या पंजाब सरकार या पुलिस प्रशासन लेगा। फिलहाल, परिजनों और समर्थकों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही अमित अरोड़ा की लोकेशन और उन पर की गई कार्रवाई की वजह सार्वजनिक नहीं की गई, तो वे सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करेंगे और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।