मुक्तसर साहिब में मेला माघी शुरू: कड़ाके की सर्दी में उमड़ी संगत, चालीस मुक्तों को नमन कर शहादत को किया याद
न्यूनतम 4 डिग्री तापमान में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच भी संगत की आस्था कम नहीं है। श्री मुक्तसर साहिब में आधी रात से ही संगत स्नान को उमड़ने लगी है।
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दशम पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह के चालीस मुक्तों की शहादत की साक्षी मुक्तसर की पवित्र धरती पर मेला माघी शुरु हो गया है। मेला माघी के चलते बड़ी गिनती में संगतों का मुक्तसर आगमन हुआ है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान आज मुक्तसर साहिब पहुंचे और गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका।
लोहड़ी की रात से ही संगत पहुंचने लगी थी और सुबह से बाद दोपहर तक गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब पहुंचने और पवित्र सरोवर में स्नान का सिलसिला चलता रहेगा। संगत रात 12 बजे आने लगी थी और इस दरमियान तो न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री तक आंका जा रहा था। संगतों ने चालीस मुक्तों को नमन करते हुए उनकी शहादत को याद किया।
संगत गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में नतमस्तक हुई। वहीं गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब, गुरुद्वारा तंबू साहिब, गुरुद्वारा टिब्बी साहिब, गुरुद्वारा दातनसर साहिब, गुरुद्वारा तरनतारन साहिब समेत अन्य गुरुद्वारों में पहुंचकर भी नतमस्तक होने पहुंच रही है।
गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के मैनेजर निर्मलजीत सिंह ने बताया कि 12 जनवरी को गुरुद्वारा शहीद गंज साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब आरंभ हुआ था। जिसका माघी मौके सुबह साढ़े सात बजे भोग डाला गया। भाई महां सिंह दीवान हाल में धार्मिक दीवान सजाए गए। रागी-ढ़ाडी जत्थों द्वारा संगतों को जहां गुरु यश सुना निहाल किया गया। वहीं सिख इतिहास व चालीस मुक्तों की कुर्बानियों से अवगत कराया गया।
15 जनवरी को गुरुद्वारा टिब्बी साहिब में विशेष ढाडी समागम होगा। इसी दिन गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब के नाका नंबर 4 से भव्य नगर कीर्तन आरंभ होगा, जो गुरुद्वारा टिब्बी साहिब, गुरुद्वारा दातनसर साहिब होता हुआ वापिस श्री दरबार साहिब पहुंचकर संपन्न होगा। नगर कीर्तन का जगह-जगह भव्य स्वागत होगा। इसी दिन सुबह ग्यारह बजे गुरुद्वारा त्ंबू साहिब में इच्छुक संगतों को अमृत संचार भी कराया जाएगा।
मलोट रोड पर मनोरंजन मेला भी शुरू
मलोट रोड पर मनोरंजन मेला भी शुरु हो गया है। गुरुघरों में माथा टेकने के उपरांत संगत परिवार समेत मनोरंजन मेला का आनंद उठाएगी। मनोरंजन मेला 28 फरवरी तक चलेगा। वहीं मलोट रोड पर भी मेला ग्राउंड के आस-पास विभिन्न साजो-सामान की दुकानें व स्टालें लगने से रौनक मेला बढ़ गया है।
बता दें कि लोहड़ी की रात जैसे ही संगतों का मुक्तसर आगमन शुरु हुआ तो शहर के दानी सज्जनों ने भी हर बार की तरह दिल खोलकर लंगर शुरु कर दिए। संगतों के स्वागत के लिए जगह-जगह विभिन्न प्रकार के लंगर चल रहे हैं।