बेअदबी कानून पर बड़ा अपडेट: विधानसभा में चर्चा नहीं करवाएगी मान सरकार, इस रिपोर्ट का है इंतजार
बेअदबी रोधी कानून 13 अप्रैल को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ था। इस कानून पर श्री अकाल तख्त साहिब ने आपत्ति जताते हुए पंजाब के सभी सिख विधायकों और मंत्रियों को श्री अकाल तख्त पर तलब किया था।
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बेअदबी रोधी संशोधन कानून दि जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) एक्ट-2026 इस बार विधानसभा में चर्चा के लिए नहीं आएगा। पंजाब सरकार को अभी इस मामले में श्री अकाल तख्त साहिब की कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार है।
सरकार ने इस बिल में शब्दावली से जुड़ा संशोधन करने के बाद इसकी प्रति श्री अकाल तख्त साहिब को भेज दी थी जिसे जत्थेदार अस्वीकार कर चुके हैं।
13 अप्रैल को पारित हुआ था कानून
दरअसल, बेअदबी रोधी कानून को पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधानसभा में सर्वसम्मति से पारित करवाया था मगर इस पर श्री अकाल तख्त साहिब ने आपत्ति जताई थी। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज का कहना था कि यह कानून पंथ से जुड़ा है और न तो इस पर श्री अकाल तख्त साहिब से सलाह की गई और न ही शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से कोई विमर्श किया गया।
इस पर श्री अकाल तख्त साहिब ने सभी सिख विधायकों और मंत्रियों को 25 जून को तलब किया था। इस दौरान श्री अकाल तख्त साहिब ने कई सुझाव देते हुए सरकार को एक महीने में बेअदबी रोधी कानून को दोबारा संशोधित करने और विधानसभा में इसे पारित करवाने को कहा था। पिछले दिनों सरकार ने इस कानून के कुछेक अंशों में संशोधन कर इसकी प्रति श्री अकाल तख्त साहिब को भिजवाई थी जिसे अकाल तख्त के जत्थेदार अस्वीकार कर चुके हैं।
सरकारी सूत्र बताते हैं कि सरकार अब श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा इसी मामले के लिए गठित विशेष कमेटी की रिपोर्ट चाहती है। इसके आने के बाद ही इस कानून को चर्चा के लिए विधानसभा में लाया जाएगा।
दरअसल, यह बेअदबी रोधी कानून सरकार के लिए बहुत महत्वपूर्ण बिल है, क्योंकि सरकार ने इसे बहुत ही कड़ा बनाया है। सरकार का दावा है कि इस कानून के बाद कोई भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करने की हिम्मत नहीं कर पाएगा। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी यह संशोधन बिल एक बड़ा मुद्दा होगा।
अकाल तख्त का विधायकों को फरमान
श्री अकाल तख्त साहिब के सचिवालय ने विधानसभा के 10 सिख विधायकों को पत्र भेजा है। इसमें बेअदबी रोधी कानून में व्यापक संशोधन के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के साथ सहमति बनने तक सरकार के प्रस्ताव को समर्थन न देने की ताकीद की गई है। उन्हें कानून में संशोधन के लिए सरकार पर दबाव बनाने को कहा गया है। पत्र में पंजाब सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई गई है। इसमें कहा गया है कि सरकार ने पहले एक महीने में कानून में संशोधन करने का भरोसा दिया था लेकिन निर्धारित अवधि में कोई प्रभावी बातचीत या विचार-विमर्श शुरू नहीं किया।