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राष्ट्रीय राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट: पंजाब के 31 ब्लैक कॉरिडोर पर हर पांच घंटे में हादसा, रोज चार की मौत

Mon, 03 Aug 2026 09:30 AM IST
Nivedita राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 03 Aug 2026 09:30 AM IST
सार

रिपोर्ट के अनुसार ब्लैक कॉरिडोर की पहचान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्वे और इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) के आंकड़ों के आधार पर की गई। देशभर में ऐसे 6,358 ब्लैक कॉरिडोर चिह्नित हुए हैं।

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Ministry of National Highways report accident occurs every five hours on Punjab 31 black corridors
सड़क हादसा। - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

पंजाब के राष्ट्रीय राजमार्गों पर 31 ब्लैक कॉरिडोर ऐसे चिन्हित किए गए हैं जहां औसतन हर पांच घंटे में एक सड़क हादसा हो रहा है। इन हादसों में प्रतिदिन औसतन चार लोगों की जान जा रही है। 

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सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार सबसे अधिक 13 ब्लैक कॉरिडोर मोहाली और सात फतेहगढ़ साहिब में हैं। इन स्थानों पर हादसे रोकने के लिए सुधार कार्य शुरू कर दिए गए हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार ब्लैक कॉरिडोर की पहचान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित सर्वे और इलेक्ट्रॉनिक डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (ई-डीएआर) के आंकड़ों के आधार पर की गई। देशभर में ऐसे 6,358 ब्लैक कॉरिडोर चिह्नित हुए हैं। पंजाब में मोहाली और फतेहगढ़ साहिब के बाद बठिंडा और लुधियाना शहर में दो-दो ब्लैक कॉरिडोर मिले हैं। अमृतसर ग्रामीण, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना ग्रामीण, मानसा, पटियाला और संगरूर में एक-एक ब्लैक कॉरिडोर की पहचान की गई है।
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मंत्रालय का कहना है कि इन मार्गों पर इंजीनियरिंग सुधार, संकेतकों में बदलाव और सुरक्षा उपायों के जरिए हादसों में कमी लाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

तीन साल में राष्ट्रीय राजमार्गों पर हजारों हादसे
राष्ट्रीय राजमार्गों पर हादसे लगातार चिंता बढ़ा रहे हैं। वर्ष 2024 में 1,912 सड़क हादसों में 1,562 लोगों की मौत हुई जबकि 1,171 लोग घायल हुए। वर्ष 2023 में 2,388 हादसों में 1,895 लोगों की जान गई और 1,315 लोग घायल हुए। वर्ष 2022 में 2,293 हादसों में 1,881 लोगों की मौत हुई जबकि 1,172 लोग घायल हुए।

प्रदेश में भी नहीं थम रहे सड़क हादसे
राष्ट्रीय राजमार्गों के अलावा प्रदेश में कुल सड़क हादसों के आंकड़े भी गंभीर तस्वीर दिखाते हैं। वर्ष 2024 में 6,063 सड़क हादसों में 4,759 लोगों की मौत हुई। वर्ष 2023 में 6,269 हादसों में 4,829 लोगों ने जान गंवाई जबकि वर्ष 2022 में 6,138 हादसों में 4,756 लोगों की मौत दर्ज की गई।


तेज रफ्तार और नियमों की अनदेखी सबसे बड़ी वजह
विशेषज्ञों के अनुसार तेज रफ्तार, यातायात नियमों की अनदेखी, ओवरलोडिंग, व्यावसायिक वाहनों की कमजोर निगरानी और कई स्थानों पर सड़क की खराब इंजीनियरिंग हादसों की प्रमुख वजह हैं। केंद्र सरकार ने चार लेन और उससे अधिक चौड़ाई वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध तरी से एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का फैसला किया है। इससे यातायात की निगरानी बेहतर होगी और दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिलेगी।

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