लापता स्वरूप मामला: बादल परिवार के कारोबार तक पहुंची जांच की आंच; एसआईटी की कार्रवाई से शिअद आक्रामक
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर बादल गुरुवार को पंजाब पुलिस मुख्यालय में डीजीपी गाैरव यादव से मिलने पहुंचे। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 328 स्वरूपों के लापता होने के मामले में पुलिस सुखबीर बादल के सीए सतविंदर सिंह कोहली को दोबारा प्रोडक्शन वारंट पर लेना चाहती है।
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श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के 328 लापता स्वरूपों के मामले में गठित एसआईटी की जांच अब शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के शीर्ष नेतृत्व और बादल परिवार के कारोबार तक पहुंचने लगी है। इसी के चलते शिअद अध्यक्ष व पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल अचानक आक्रामक मोड में नजर आए। वीरवार को कोर कमेटी की बैठक के दौरान ही सुखबीर बादल बैठक से उठकर सीधे पंजाब पुलिस मुख्यालय पहुंचे और डीजीपी के समक्ष अपनी गिरफ्तारी की पेशकश कर दी।
सूत्रों के अनुसार, एसआईटी की कार्रवाई का दायरा बढ़ने और बादल परिवार से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों की जांच के बाद राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। शिअद का मानना है कि जांच अब मुद्दे से भटककर राजनीतिक बदले की दिशा में बढ़ रही है।
सीए व अकाउंटेंट पर कार्रवाई से बढ़ा तनाव
इस मामले में एसआईटी ने एसजीपीसी के पूर्व ऑडिटर सतिंदर कोहली को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा है। कोहली बादल परिवार के चार्टर्ड अकाउंटेंट भी रह चुके हैं। सूत्रों का कहना है कि एसआईटी उनका प्रोडक्शन वारंट लेकर आगे पूछताछ कर सकती है। सुखबीर बादल का आरोप है कि लापता स्वरूपों की जांच के नाम पर एसआईटी उनके सीए और अकाउंटेंट से जुड़े व्यावसायिक परिसरों पर छापेमारी कर रही है। इसमें आयकर रिटर्न दाखिल करने वाली फर्म अश्वनी एंड एसोसिएट्स के कार्यालय और बठिंडा स्थित एक पूर्व अकाउंटेंट का परिसर भी शामिल है। शिअद का दावा है कि इस दौरान कारोबार से जुड़ी बैलेंस शीट और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए।
सुखबीर बादल ने कहा कि उनके सभी व्यावसायिक लेन-देन सार्वजनिक रिकॉर्ड में हैं। सुखविलास रिसॉर्ट और बस कंपनी से जुड़ा हर काम कानून के दायरे में है और जांच एजेंसियां चाहें तो सत्यापन कर सकती हैं।
जांच कमेटी पर सवाल
सुखबीर बादल ने एसआईटी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए कहा कि टीम में शामिल कुछ अधिकारियों पर पहले से ही गंभीर आरोप हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि जैसे पहले बिक्रम मजीठिया को झूठे मामलों में फंसाया गया, अब वही रणनीति उनके खिलाफ अपनाई जा रही है।
मजीठिया का तीखा हमला
जेल से जमानत पर बाहर आए अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी सरकार और पुलिस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि उनकी हत्या हुई तो इसके लिए सीधे तौर पर पंजाब के डीजीपी जिम्मेदार होंगे। मजीठिया ने दावा किया कि राज्य में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है, गैंगस्टरवाद बढ़ रहा है और आम लोग दहशत में हैं। उन्होंने कहा कि वे किसानों, मजदूरों, व्यापारियों और गरीबों की आवाज उठाते रहेंगे, चाहे दबाव कितना ही क्यों न बढ़े।
