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Punjab: जय हो से गूंजा बीटिंग द रिट्रीट समारोह ,अटारी बॉर्डर पर संगीतकार एआर रहमान ने बांधा समा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 08 Jun 2026 12:03 AM IST
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सार
भारत-पाकिस्तान सीमा पर आयोजित बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एआर रहमान ने पहली बार लाइव प्रस्तुति दी। पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
अमृतसर के अटारी बॉर्डरपहुंचे गायक एआर रहमान
- फोटो : संवाद
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विस्तार
अटारी सीमा स्थित जेसीपी स्टेडियम में रविवार शाम देशभक्ति और भावनाओं का अनूठा संगम देखने को मिला। प्रसिद्ध संगीतकार एआर रहमान ने ‘मां तुझे सलाम’ और ‘जय हो’ जैसे लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुति देकर हजारों दर्शकों को भावुक कर दिया। उनके मंच पर पहुंचते ही पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर आयोजित बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एआर रहमान ने पहली बार लाइव प्रस्तुति दी। फिल्म मैं वापस आऊंगा की टीम की ओर से आयोजित ‘जय हो- ए ट्रिब्यूट टू द ब्रेवहार्ट्स’ कार्यक्रम देश के वीर जवानों और उनकी सेवाओं को समर्पित रहा। कार्यक्रम में बीएसएफ अधिकारी, जवान, स्थानीय लोग और देशभर से पहुंचे दर्शक शामिल हुए। रहमान के गीतों ने न केवल लोगों के दिलों को छुआ बल्कि सीमा पर तैनात जवानों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को भी मजबूत किया।
कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा कि अटारी सीमा पर एआर रहमान की प्रस्तुति केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं बल्कि इतिहास,भावनाओं और इंसानी रिश्तों को समर्पित एक विशेष पल है। उन्होंने कहा कि सीमाएं देशों को अलग कर सकती हैं लेकिन भावनाओं और यादों को नहीं बांट सकतीं। उनकी आगामी फिल्म मैं वापस आऊंगा वर्ष 1947 के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है जो दर्द, बिछड़न, उम्मीद और मानवीय संवेदनाओं की कहानी को पर्दे पर लेकर आएगी।
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बीएसएफ के 60 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए इम्तियाज अली ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का इससे बेहतर अवसर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि बीएसएफ के जवान हर परिस्थिति में देश की सुरक्षा के लिए डटे रहते हैं और पूरा देश उनके बलिदान का ऋणी है।
भारत-पाकिस्तान सीमा पर आयोजित बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एआर रहमान ने पहली बार लाइव प्रस्तुति दी। फिल्म मैं वापस आऊंगा की टीम की ओर से आयोजित ‘जय हो- ए ट्रिब्यूट टू द ब्रेवहार्ट्स’ कार्यक्रम देश के वीर जवानों और उनकी सेवाओं को समर्पित रहा। कार्यक्रम में बीएसएफ अधिकारी, जवान, स्थानीय लोग और देशभर से पहुंचे दर्शक शामिल हुए। रहमान के गीतों ने न केवल लोगों के दिलों को छुआ बल्कि सीमा पर तैनात जवानों के प्रति सम्मान और गर्व की भावना को भी मजबूत किया।
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कार्यक्रम के दौरान फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने कहा कि अटारी सीमा पर एआर रहमान की प्रस्तुति केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं बल्कि इतिहास,भावनाओं और इंसानी रिश्तों को समर्पित एक विशेष पल है। उन्होंने कहा कि सीमाएं देशों को अलग कर सकती हैं लेकिन भावनाओं और यादों को नहीं बांट सकतीं। उनकी आगामी फिल्म मैं वापस आऊंगा वर्ष 1947 के विभाजन की पृष्ठभूमि पर आधारित है जो दर्द, बिछड़न, उम्मीद और मानवीय संवेदनाओं की कहानी को पर्दे पर लेकर आएगी।
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर आयोजित बीटिंग द रिट्रीट समारोह के दौरान एआर रहमान ने पहली बार लाइव प्रस्तुति दी। पूरा स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट और देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।