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Punjab: पंथक राजनीति से सत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी मजबूत करने की तैयारी, चुनाव से पहले रणनीति बनाने में जुटे दल

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 08 Feb 2026 01:04 PM IST
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सार

फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दल चुनावी मोड में आ चुके हैं। विरोधी दल जहां प्रदेश में कानून-व्यवस्था, नशा तस्करी, अधूरे वादों समेत बुनियादी समस्याओं व अधूरी परियोजनाओं को सरकार के खिलाफ सियासी हथियार बनाकर आप की घेराबंदी की तैयारी कर रहे हैं।

Political parties in Punjab are strengthening their path to power through sectarian politics
पंजाब की राजनीति - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब में विधानसभा चुनाव से पहले सियासी दल अपनी पंथक राजनीति को धार देने में जुट गए हैं। शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी के बाद अब भारतीय जनता पार्टी ने भी इसी लाइन पर आगे बढ़ना शुरू कर दिया है। पार्टियों का मानना है कि पंजाब में पंथक एजेंडा मतदाताओं की भावनाओं से जुड़ने का एक बड़ा जरिया बन सकता है। लिहाजा विभिन्न सियासी मुद्दाें के साथ-साथ हर पार्टी अपने पंथक एजेंडों को पूरी तरजीह देते हुए रणनीति तैयार करेगी।

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फरवरी 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव के मद्देनजर राजनीतिक दल चुनावी मोड में आ चुके हैं। विरोधी दल जहां प्रदेश में कानून-व्यवस्था, नशा तस्करी, अधूरे वादों समेत बुनियादी समस्याओं व अधूरी परियोजनाओं को सरकार के खिलाफ सियासी हथियार बनाकर आप की घेराबंदी की तैयारी कर रहे हैं वहीं आप सरकार बिजली, शिक्षा व स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए सकारात्मक बदलावों और औद्योगिक व अवसंरचनात्मक विकास को अपने प्राइमरी एजेंडों में रखे हुए है।
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पक्ष-विपक्ष के इन्हीं मुद्दों में एक एजेंडा कॉमन है और वे है पंथ। सभी दल जानते हैं कि पंजाब में पंथक राजनीति बहुत असरदार रहती है। इस एजेंडे के सकारात्मक और नकारात्मक परिणाम सूबे में सरकार बना भी सकते हैं और सत्ता से बाहर भी कर सकते हैं। लिहाजा शिअद, आप और अब भाजपा भी गंभीरता के साथ इस एजेंडे पर आगे बढ़ रही है।

सरकार की ओर से पंथक एजेंडों से जुड़ी बड़ी घोषणाओं का एलान भी शुरू हो चुका है क्योंकि समय अब इस एजेंडे को धार देने का है। हलवारा एयरपोर्ट का नाम श्री गुरु रविदास जी के नाम से रखा गया तो फरीदपुर में 10 करोड़ से गुरु जी की बाणी का अनुसंधान केंद्र बनने की घोषणा हो गई है।

नवंबर में भव्य स्तर पर गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहादत दिवस बनाने के बाद आप सरकार ने अब पूरा साल श्री गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती मनाने का एलान कर दिया है। इसी तर्ज पर भाजपा ने भी पहले गुरु तेग बहादुर जी का हर जिले में शहादत दिवस मनाया और अब पार्टी भी श्री गुरु रविदास जी की भव्य जयंती कार्यक्रम मना रही है। इस उपलक्ष्य में पीएम नरेंद्र मोदी भी जालंधर स्थित डेरा सचखंड बल्ला का दौरा कर चुके हैं।

उधर, क्रिसमस के भव्य आयोजनों के मंचों पर भी आप के मंत्री व अन्य नेता अतिथि बनकर पहुंचे थे जबकि अब पूरे प्रदेश में हमारे राम नाटक के 40 शो करवाने की तैयारी है। उधर शिअद का तो प्रमुख एजेंडा ही पंथ रहा है।

ये मुद्दे सुर्खियों में रहेंगे
कुछ पंथक मुद्दे ऐसे भी हैं जो इस चुनावी साल में सियासी गलियारों की चर्चा बने रहेंगे। इनमें एसजीपीसी चुनाव, बेअदबियां, बहिबलकलां व कोटकपूरा गोलीकांड, श्री अकाल तख्त के जत्थेदारों की नियुक्ति के नियम, अन्य राज्यों में स्थित गुरुद्वारों के प्रबंधन का विवाद, सिख संस्थानों पर सरकारी नियंत्रण का आरोप, सिखों के धार्मिक मामलों में सत्ता का हस्तक्षेप, एसजीपीसी सिख संस्थानों को विभाजित करने सरकारी नियंत्रण बढ़ने का आरोप इत्यादि शामिल हैं।

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