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कांग्रेस में रार: बागी नेताओं पर दबाव, नहीं माने तो हाशिये पर जाएंगे नाराज नेता; टिकट की रेस से भी होंगे बाहर!
Thu, 09 Jul 2026 02:01 PM IST
Sharukh Khan
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Sharukh Khan
Updated Thu, 09 Jul 2026 02:01 PM IST
सार
पंजाब कांग्रेस में रार जारी है। प्रदेश प्रभारी बघेल के स्पष्ट रुख से बागी नेता दबाव में हैं। हाईकमान के फैसले की अवहेलना अनुशासनहीनता मानी जाएगी साथ ही टिकट की रेस से भी बाहर हो सकते हैं। चन्नी, रंधावा परगट, खैरा, आशु समेत कई बड़े नेताओं ने अभी भी बघेल की बैठकों से दूरी बना रखी है।
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Punjab Congress
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
हाईकमान से सलाह मशविरे के बाद पंजाब कांग्रेस में चल रही बगावत पर प्रदेश प्रभारी बघेल के स्पष्ट रुख से बागी नेता थोड़े दबाव में आ गए हैं। उन्होंने साफ कर दिया है कि पंजाब में नेतृत्व और गठित की गई चुनावी कमेटियों के फैसले पर कोई परिवर्तन नहीं होगा। बघेल के इस कड़े संदेश के बाद बागी गुट में हलचल है।
नाराज नेताओं को यह भी संकेत दे दिए गए हैं कि हाईकमान के फैसले को न मानने वाले नेता हाशिये पर कर दिए जाएंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में वे टिकट की रेस से बाहर भी हो सकते हैं। राहुल गांधी ने भी फरवरी में पंजाब दौरे के दौरान बरनाला में मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों को दो टूक कह दिया था कि पार्टी में एकजुट होकर रहना होगा अन्यथा उन्हें बाहर बैठा दिया जाएगा।
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नाराज नेताओं को यह भी संकेत दे दिए गए हैं कि हाईकमान के फैसले को न मानने वाले नेता हाशिये पर कर दिए जाएंगे और आगामी विधानसभा चुनाव में वे टिकट की रेस से बाहर भी हो सकते हैं। राहुल गांधी ने भी फरवरी में पंजाब दौरे के दौरान बरनाला में मल्लिकार्जुन खरगे की मौजूदगी में सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों को दो टूक कह दिया था कि पार्टी में एकजुट होकर रहना होगा अन्यथा उन्हें बाहर बैठा दिया जाएगा।
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उधर, पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी गुट के कई नेता बुधवार को पंजाब प्रदेश मुख्यालय पहुंचे और उन्होंने प्रदेश प्रभारी बघेल से मुलाकात भी की। इनमें कई पूर्व विधायक शामिल रहे। उधर, कुछेक वरिष्ठ नेताओं, पूर्व मंत्रियों व पूर्व स्पीकर से मिलने बघेल भी उनके घर पहुंचे।
दूसरी ओर, पूर्व डिप्टी सीएम चरणजीत सिंह रंधावा, विधायक परगट सिंह, सुखपाल सिह खैरा, भरत भूषण आशु, कार्यवाहक प्रदेशाध्यक्ष संगत सिंह गिलजियां समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने अभी भी बघेल की बैठकों से दूरी बना रखी है। बघेल दो दिन और चंडीगढ़ में रहेंगे।
पार्टी सूत्र बताते हैं कि चन्नी गुट ने हाईकमान को प्रदेश में पार्टी नेतृत्व बदलने और चन्नी को प्रदेशाध्यक्ष या सीएम फेस घोषित करने के फैसले पर विचार करने के लिए सात दिन का समय दिया था जो कि पूरा होने वाला है। लिहाजा चन्नी गुट के यही वरिष्ठ नेता जल्द ही मोरिंडा में चन्नी के आवास पर फिर एकजुट होकर आगामी रणनीति पर चर्चा करेंगे।
प्रियंका गांधी ले रहीं अपडेट
विवाद पर नजर रखने के लिए प्रियंका गांधी की टीम चंडीगढ़ में मौजूद है और बगावत की रिपोर्ट लगातार प्रियंका को अपडेट की जा रही है। राहुल गांधी अभी विदेश दौरे से नहीं लौटे हैं। पांच दिन के दौरे के बाद भूपेश बघेल भी अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेगे। चन्नी गुट को अभी तक हाईकमान से मिलने का समय नहीं मिला है।
विवाद पर नजर रखने के लिए प्रियंका गांधी की टीम चंडीगढ़ में मौजूद है और बगावत की रिपोर्ट लगातार प्रियंका को अपडेट की जा रही है। राहुल गांधी अभी विदेश दौरे से नहीं लौटे हैं। पांच दिन के दौरे के बाद भूपेश बघेल भी अपनी रिपोर्ट हाईकमान को सौंपेगे। चन्नी गुट को अभी तक हाईकमान से मिलने का समय नहीं मिला है।
हाईकमान का निर्णय अंतिम होता है : औजला
अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह ओजला ने बुधवार को पूर्व सीएम चन्नी से मुलाकात की। औजला ने भी चन्नी को हाईकमान का स्पष्ट रुख समझाते हुए उन्हें मनाने और जिद छोड़ने की कोशिश की। इसके बाद औजला ने कहा, कुछ लोगों के आपसी मतभेद हैं।
अमृतसर से सांसद गुरजीत सिंह ओजला ने बुधवार को पूर्व सीएम चन्नी से मुलाकात की। औजला ने भी चन्नी को हाईकमान का स्पष्ट रुख समझाते हुए उन्हें मनाने और जिद छोड़ने की कोशिश की। इसके बाद औजला ने कहा, कुछ लोगों के आपसी मतभेद हैं।
बड़ी पार्टी है, कुछ बातें हो जाती हैं। हाईकमान का निर्णय अंतिम होता है। सभी हाईकमान के फैसले के साथ हैं। कुछ वरिष्ठ नेताओं के मन में कुछ बात है, उसे प्रभारी बघेल जल्द सुलटा लेंगे। सभी को हाईकमान की बात माननी चाहिए। चन्नी से बात हुई है, जल्द मसला खत्म हो जाएगा।
आप नेता गढ़ी बोले- अलग झंडा उठा लें चन्नी
आम आदमी पार्टी के नेता व पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, पूर्व सीएम चन्नी कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा है। कोई दलित आगे बढ़े, यह बात शायद कई कांग्रेसियों को रास नहीं आ रही है। कांग्रेस नेता हमेशा बिखरे रहते हैं और यही इनकी फितरत है।
आम आदमी पार्टी के नेता व पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष जसवीर सिंह गढ़ी ने कहा, पूर्व सीएम चन्नी कांग्रेस का बड़ा दलित चेहरा है। कोई दलित आगे बढ़े, यह बात शायद कई कांग्रेसियों को रास नहीं आ रही है। कांग्रेस नेता हमेशा बिखरे रहते हैं और यही इनकी फितरत है।
पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की भी जब कांग्रेस हाईकमान ने सुनवाई नहीं की थी तो उन्होंने पार्टी छोड़कर अलग पार्टी बना ली थी। आज पूर्व सीएम चन्नी के सामने भी यही हालात हैं। उन्हें भी चार रंग वाला अपना अलग झंडा उठाकर समर्थन के लिए गांव-गांव निकल जाना चाहिए।
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