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पंजाब सरकार की ई-नीलामी नीति में बदलाव: 10% राशि जमा करवाकर संपत्ति पर ले सकेंगे लोन, लोगों को होगा फायदा

राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 19 Jan 2026 09:20 AM IST
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सार

पहले संपत्ति पर लोन के लिए 25% राशि जमा करवाने की शर्त होती थी। साथ ही विभाग ने नीलामी के लिए व्यावसायिक संपत्तियों की फीस भी घटाई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद नीति के बदलाव के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है।

Punjab government e-auction policy Property buyers take out loans by depositing 10% of amount
पंजाब में ई-नीलामी नीति में बड़ा बदलाव - फोटो : फाइल
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विस्तार
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आवास और शहरी विकास विभाग ने ई-नीलामी नीति में बड़ा बदलाव किया है। अब खरीदार आवंटन पत्र की 10% राशि व 2% कैंसर सेस जमा करवाकर संपत्ति पर लोन ले सकेंगे। इसके लिए उन्हें अलग से अनुमति के लिए आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी।

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पहले संपत्ति पर लोन के लिए 25% राशि जमा करवाने की शर्त होती थी। साथ ही विभाग ने नीलामी के लिए व्यावसायिक संपत्तियों की फीस भी घटाई है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद नीति के बदलाव के संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। इसके अनुसार सफल बोली के बाद 15% राशि अब आवंटन पत्र जारी करने के बाद 30 दिन के अंदर जमा करवानी होगी। 
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पहले सात दिन के अंदर यह राशि जमा करवानी होती थी। इसी तरह संपत्ति की बाकी 75% जमा करवाने के प्रावधान संबंधित अथॉरिटी के मुख्य प्रशासक की तरफ से तय किए जाएंगे जबकि पहले इसके लिए दो विकल्प निर्धारित किए गए थे। एक में 50% राशि 90 दिन और 10% राशि संपत्ति पर कब्जे की पेशकश के 30 दिन के अंदर जमा करवानी होती थी। इसमें 15% की छूट मिलती थी। दूसरे विकल्प में 12 तिमाही किस्तों में राशि जमा करवानी होती थी। 

अब मुख्य प्रशासक खरीदारों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए ही शेष 75 फीसदी जमा करवाने का समय तय कर सकेंगे। राज्य सरकार ई-नीलामी में अधिक से अधिक संपत्तियों को नीलाम करना चाहती है ताकि विभाग को राजस्व प्राप्त हो सके। अकेले गमाडा से ही 5 से 10 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने का प्रयास है। यही कारण है कि 5450 करोड़ रुपये की संपत्तियों की नीलामी की जा रही है।

5 करोड़ आरक्षित मूल्य तो 10 लाख देनी होगी फीस : मल्टीप्लैक्स, अस्पताल, होटल, नर्सिंग होम, ग्रुप हाउसिंग और स्कूल व अन्य व्यावसायिक साइटों के लिए फीस (पात्रता शुल्क) में बड़ा बदलाव किया गया है। अब नीलामी में भाग लेने के लिए 5 करोड़ तक आरक्षित मूल्य है तो 10 लाख फीस लगेगी। इसी तरह 10 करोड़ तक आरक्षित मूल्य पर 20 लाख, 25 करोड़ तक आरक्षित मूल्य पर 50 लाख और 100 करोड़ तक आरक्षित मूल्य तो 1 करोड़ रुपये फीस लगेगी। इससे पहले एक एकड़ तक की साइट के लिए ही 25 लाख रुपये फीस देनी होती थी जबकि एक से पांच एकड़ तक साइट के लिए 2 करोड़ फीस लगती थी। इससे व्यावसायिक संपत्तियां खरीदने के इच्छुक लोगों से काफी बोझ कम होगा।

एससीओ व बूथ की फीस में भी बदलाव

गमाडा की संपत्तियों एससीओ, एससीएफ व बूथ के लिए पात्रता शुल्क में भी बदलाव किया गया। एक करोड़ आरक्षित मूल्य वाली संपत्तियों के लिए 5 लाख रुपये फीस लगेगी जबकि एक करोड़ से ऊपर आरक्षित मूल्य वाली संपत्तियों के लिए 10 लाख रुपये फीस लगेगी। गमाडा 42 प्रमुख साइटों की नीलामी कर रहा है। इसमें आवासीय प्लॉट, एससीओ, ग्रुप हाउसिंग, मिक्स्ड लैंड यूज, अस्पताल व होटल साइट शामिल हैं।

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