गेहूं के आटे के निर्यातकों को बड़ी राहत: सरकार ने पांच लाख टन शिपमेंट को दी मंजूरी, 21 जनवरी से डलेंगे आवेदन
Wheat Flour Export: सरकार ने तीन साल बाद गेहूं के आटे के निर्यात पर ढील देते हुए पांच लाख टन शिपमेंट को मंजूरी दी है। जानें आवेदन की तारीख, पात्रता और डीजीएफटी की नई गाइडलाइंस।
विस्तार
गेहूं उत्पादक किसानों और निर्यातकों के लिए एक बड़ी खबर है। भारत सरकार ने गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों के निर्यात पर लगी रोक में महत्वपूर्ण ढील दी है। सरकार ने एक अधिसूचना जारी कर पांच लाख टन गेहूं के आटे के निर्यात की अनुमति दे दी है। यह फैसला उद्योग के लिए एक बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि केंद्र सरकार ने 2022 में घरेलू कीमतों को नियंत्रित करने और खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए गेहूं के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था। तीन साल से अधिक के अंतराल के बाद, यह प्रतिबंधों में पहली बड़ी ढील है। भारत, जो इस कमोडिटी का एक प्रमुख उत्पादक है, अब वैश्विक बाजार में अपनी सीमित उपस्थिति फिर से दर्ज करा सकेगा।
क्या कहता है डीजीएफटी का नया आदेश?
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) की ओर से 16 जनवरी को जारी अधिसूचना के अनुसार, गेहूं के आटे और संबंधित उत्पादों का निर्यात सामान्य रूप से प्रतिबंधित श्रेणी में ही रहेगा। हालांकि, मौजूदा नीतिगत शर्तों से ऊपर उठते हुए, सरकार ने विशिष्ट रूप से 5 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) तक के निर्यात की अनुमति दी है। इस कोटे का लाभ उठाने के लिए निर्यातकों को महानिदेशालय से अनुमति लेनी होगी और इसके लिए एक निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। यह कदम रबी सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बुवाई के बाद आया है, जो अक्तूबर के अंत से नवंबर तक चलती है।
आवेदन की प्रक्रिया और महत्वपूर्ण तारीखें क्या हैं?
डीजीाफटी ने निर्यातकों के लिए आवेदन की समय सीमा और प्रक्रिया स्पष्ट कर दी है। जो निर्यातक इस 5 लाख टन के कोटे के तहत शिपमेंट भेजना चाहते हैं, उनके लिए आवेदन की समय सारिणीबइस प्रकार है:
- पहला चरण: आवेदनों का पहला सेट 21 जनवरी, 2026 से 31 जनवरी, 2026 तक आमंत्रित किया जाएगा।
- रोलिंग विंडो: इसके बाद, यदि निर्यात की अनुमति वाली मात्रा शेष रहती है, तो हर महीने के आखिरी दस दिनों के दौरान आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे।
- वैधता: निर्यात मंजूरी की वैधता इसे जारी होने की तारीख से छह महीने तक होगी।
मात्रा का आवंटन एक विशेष 'एग्जिम सुविधा समिति' की ओर से तय किया जाएगा।
कौन कर सकता है आवेदन?
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि केवल वैध और स्थापित खिलाड़ी ही इस निर्यात विंडो का लाभ उठा सकें। अधिसूचना के अनुसार, आवेदन करने के लिए निम्नलिखित पात्रता मानदंड तय किए गए हैं:
- निर्माता निर्यातक: फ्लोर मिल्स या प्रोसेसिंग यूनिट्स जिनके पास गेहूं का आटा और संबंधित उत्पाद बनाने के लिए वैध आईईसी और एफएसएसएआई लाइसेंस है, वे आवेदन कर सकते हैं।
- मर्चेंट निर्यातक: निर्यात प्रसंस्करण इकाइयों और विशेष आर्थिक क्षेत्रों के अलावा, मर्चेंट निर्यातक भी आवेदन कर सकते हैं। शर्त यह है कि उनके पास वैध आईईसी और एफएसएसएआई लाइसेंस होना चाहिए, साथ ही सहायक निर्माता के रूप में कार्य करने वाली फ्लोर मिलों के साथ वैध समझौता या आपूर्ति समझौता होना अनिवार्य है। सरकार का यह कदम गेहूं प्रसंस्करण उद्योग को बढ़ावा देने और अतिरिक्त स्टॉक को वैश्विक बाजार में खपाने की दिशा में एक संतुलित प्रयास है। कड़े पात्रता मानदंडों और सीमित कोटे के माध्यम से सरकार ने यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि घरेलू आपूर्ति बाधित न हो, जबकि निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के अवसर मिल सकें।