Q3 Results: पीएनबी का मुनाफा 13% बढ़कर ₹5100 करोड़ हुआ, आईआरएफसी के लाभ में 10.51 फीसदी की वृद्धि
पीएनबी का मुनाफा दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में 13 प्रतिशत बढ़कर 5,100 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं भारतीय रेलवे वित्त निगम लिमिटेड (आईआरएफसी) ने तीसरी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में 10.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
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सरकारी स्वामित्व वाले पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने दिसंबर 2025 को समाप्त तीसरी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में 13 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। बैंक ने 5,100 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया, जिसका मुख्य कारण खराब ऋणों में कमी आना है। सार्वजनिक क्षेत्र के दूसरे सबसे बड़े ऋणदाता ने पिछले वर्ष की इसी तिमाही में 4,508 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
पीएनबी के एमडी और सीईओ अशोक चंद्र ने बताया कि यह बैंक का अब तक का सबसे अधिक तिमाही मुनाफा है, और इसका लक्ष्य हर तिमाही में 5,000 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ हासिल करना है।
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कुल आय बढ़कर 37253 करोड़ रुपये हो गई
पीएनबी ने एक नियामक फाइलिंग में बताया कि कुल आय एक साल पहले के 34,752 करोड़ रुपये से बढ़कर 37,253 करोड़ रुपये हो गई है। इस तिमाही के दौरान ब्याज से होने वाली आय भी 31,340 करोड़ रुपये से बढ़कर 32,231 करोड़ रुपये हो गई।शुद्ध ब्याज आय बढ़कर घटकर 10533 करोड़ रुपये हो गई
हालांकि, वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही में शुद्ध ब्याज आय (एनआईआई) घटकर 10,533 करोड़ रुपये रह गई, जो वित्त वर्ष 2025 की तीसरी तिमाही में 11,032 करोड़ रुपये थी, यानी 4.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इस अवधि के दौरान, परिचालन लाभ पिछले वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में 6,621 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 7,481 करोड़ रुपये हो गया।आईआरएफसी ने कितना कमाया मुनाफा?
भारतीय रेलवे वित्त निगम लिमिटेड (आईआरएफसी) ने तीसरी तिमाही के लिए अपने शुद्ध लाभ में 10.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज करते हुए 1,802 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। रेल मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में आने वाली इस राष्ट्रीय वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) ने पिछले वर्ष की इसी अवधि में 1,631 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया था।
कंपनी का कुल व्यय घटकर 4,917 करोड़ रुपये रह गया
- आईआरएफसी ने एक नियामक फाइलिंग में कहा कि कंपनी की कुल आय अक्तूबर-दिसंबर अवधि में मामूली रूप से घटकर 6,719 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 6,766.39 करोड़ रुपये थी।
- समीक्षाधीन अवधि के दौरान मिनी-रत्न कंपनी का कुल व्यय घटकर 4,917.04 करोड़ रुपये हो गया।
- वहीं एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 5,135.7 करोड़ रुपये था।
- कंपनी की कुल संपत्ति दिसंबर 2024 के अंत में बढ़कर 52,046 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही के अंत में यह 47,443 करोड़ रुपये थी।