सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   Moody's projects India's GDP growth at 7.3%, driving a surge in insurance demand Business News in Hindi

मूडीज का बड़ा दावा: 7.3% की रफ्तार से दौड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, इंश्योरेंस सेक्टर में आएगी बंपर तेजी

बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Mon, 19 Jan 2026 02:10 PM IST
विज्ञापन
सार

मूडीज रेटिंग्स ने भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.3% रहने का अनुमान जताया है, जिससे बीमा क्षेत्र में प्रीमियम वृद्धि, घरेलू आय में वृद्धि और मांग में तेजी आने की उम्मीद है। जानें कैसे सरकारी सुधार और डिजिटलीकरण इस क्षेत्र को बदल रहे हैं।

Moody's projects India's GDP growth at 7.3%, driving a surge in insurance demand Business News in Hindi
भारतीय अर्थव्यवस्था। - फोटो : amarujala
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और बढ़ती विकास दर का सीधा फायदा अब देश के बीमा क्षेत्र को मिलता दिख रहा है। ग्लोबल रेटिंग एजेंसी मूडीज ने अपनी हालिया रिपोर्ट में उम्मीद जतायी है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की जीडीपी 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ेगी। मूडीज का कहना है कि यह आर्थिक विस्तार न केवल औसत घरेलू आय को बढ़ाएगा, बल्कि बीमा कवरेज की मांग में भी जबरदस्त उछाल लाएगा।

Trending Videos

मूडीज ने भारत की अर्थव्यवस्था के बारे में क्या कहा?

मूडीज रेटिंग्स ने भारत के आर्थिक परिदृश्य पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 (मार्च 2026 में समाप्त होने वाला वर्ष) में अर्थव्यवस्था 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो पिछले वर्ष के 6.5 प्रतिशत से अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, आर्थिक विकास का सीधा असर प्रति व्यक्ति आय पर पड़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 में जीडीपी प्रति व्यक्ति सालाना आधार पर 8.2 प्रतिशत बढ़कर 11,176 अमेरिकी डॉलर हो गई, जबकि हेडलाइन जीडीपी में 6.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी। बढ़ती आय ने लोगों की क्रय शक्ति को मजबूत किया है, जिससे वित्तीय सुरक्षा उत्पादों की मांग बढ़ी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

मजबूत आर्थिक आंकड़े बीमा क्षेत्र पर क्या असर डाल रहे?

मजबूत आर्थिक आंकड़ों ने बीमा उद्योग को नई ऊर्जा दी है। मूडीज के आंकड़ों के मुताबिक:

  • प्रीमियम में उछाल: 2025-26 के पहले आठ महीनों (अप्रैल-नवंबर) में कुल बीमा प्रीमियम राजस्व 17 प्रतिशत बढ़कर 10.9 लाख करोड़ रुपये हो गया।
  • सेगमेंट अनुसार वृद्धि: हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में 14 प्रतिशत और लाइफ इंश्योरेंस के नए बिजनेस प्रीमियम में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।
  • यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष (2024-25) की तुलना में काफी तेज है, जब प्रीमियम में केवल 7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई थी।

बीमा क्षेत्र में मजबूती का क्या है कारण?

मूडीज ने इस वृद्धि के पीछे भारतीय उपभोक्ताओं में बढ़ती जोखिम जागरूकता और अर्थव्यवस्था के निरंतर डिजिटलीकरण को मुख्य कारण माना है। डिजिटलीकरण ने बीमा उत्पादों की बिक्री और वितरण को आसान बना दिया है, जो भारतीय बीमा विनियामक के 2047 तक 'सभी के लिए बीमा' के लक्ष्य के तहत है। इसके अलावा, सरकार सरकारी स्वामित्व वाली बीमा कंपनियों की लाभप्रदता सुधारने के लिए कई कदम उठा रही है। ये हैं-

  • एलआईसी में अल्पांश हिस्सेदारी की बिक्री।
  • सरकारी कंपनियों के प्रदर्शन में सुधार की शर्त पर पुनर्पूंजीकरण।
  • संभावित विलय या निजीकरण के प्रस्ताव।

मूडीज ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि भारतीय बीमा कंपनियों में विदेशी निवेश की सीमा को पूंजी के 74 प्रतिशत से बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने से कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय लचीलापन मिलेगा। मूडीज का मानना है कि मजबूत आर्थिक विस्तार, डिजिटलीकरण और कर सुधारों के चलते बीमा उद्योग की लाभप्रदता, जो वर्तमान में कमजोर है, में सुधार होने की पूरी संभावना है।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed