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Punjab: रेलवे को जमीन नहीं हुई ट्रांसफर, नई लाइनों की चार परियोजनाएं बेपटरी
Fri, 31 Jul 2026 07:00 AM IST
शाहिल शर्मा
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Fri, 31 Jul 2026 07:00 AM IST
सार
पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि इस संदर्भ में पिछले दिनों केंद्र ने पंजाब सरकार को पत्र भी लिखा है जिसमें जल्द से जल्द इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने का आग्रह किया गया है।
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ट्रेन पटरी
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
पंजाब में नई रेल लाइनें बिछाने के चार प्रोजेक्ट बेपटरी हैं, क्योंकि इनके लिए अभी तक पंजाब सरकार की ओर से रेलवे को जमीन ट्रांसफर नहीं की गई है। यह जमीन सूबा सरकार को निशुल्क रेलवे को उपलब्ध करवानी है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। लिहाजा इन परियोजनाओं को सिरे चढ़ने में लंबा समय लग सकता है।
पंजाब में चार नई रेल परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार और औद्योगिक विकास को बड़ा लाभ मिल सकता है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों को प्रमुख शहरों और रेलवे जंक्शनों से जोड़ा जा सकेगा। स्थानीय लोगों व व्यापारियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा। आसान सफर से लेकर माल ढुलाई की लागत और समय कम हो सकता है। पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि इस संदर्भ में पिछले दिनों केंद्र ने पंजाब सरकार को पत्र भी लिखा है, जिसमें जल्द से जल्द इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने का आग्रह किया गया है।
ये परियोजनाएं और उनके फायदे
- अलाल-हिम्मताना कॉर्ड लाइन
मालवा क्षेत्र में अलाल और हिम्मताना स्टेशन के बीच यह एक सीधी शॉर्टकट रेल लाइन है। इसकी सबसे बड़ी अड़चन भूमि अधिग्रहण है। इसके लिए 20 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। 12.52 किमी लंबी इस लाइन पर 174 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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फायदा : अलाल-हिम्मताना कॉर्ड लाइन छोटी परियोजना है लेकिन रेलवे नेटवर्क के लिहाज से इसका महत्व काफी है। इससे एक शॉर्टकट व वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा और कुछ ट्रेनों को लंबा रास्ता लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रा व माल ढुलाई का समय घट जाएगा। इससे मालवा में धुरी-मालेरकोटला-संगरूर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
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पंजाब में चार नई रेल परियोजनाओं से राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार और औद्योगिक विकास को बड़ा लाभ मिल सकता है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों को प्रमुख शहरों और रेलवे जंक्शनों से जोड़ा जा सकेगा। स्थानीय लोगों व व्यापारियों को भी इसका बड़ा लाभ मिलेगा। आसान सफर से लेकर माल ढुलाई की लागत और समय कम हो सकता है। पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने बताया कि इस संदर्भ में पिछले दिनों केंद्र ने पंजाब सरकार को पत्र भी लिखा है, जिसमें जल्द से जल्द इन परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को सिरे चढ़ाने का आग्रह किया गया है।
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ये परियोजनाएं और उनके फायदे
- अलाल-हिम्मताना कॉर्ड लाइन
मालवा क्षेत्र में अलाल और हिम्मताना स्टेशन के बीच यह एक सीधी शॉर्टकट रेल लाइन है। इसकी सबसे बड़ी अड़चन भूमि अधिग्रहण है। इसके लिए 20 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। 12.52 किमी लंबी इस लाइन पर 174 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
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फायदा : अलाल-हिम्मताना कॉर्ड लाइन छोटी परियोजना है लेकिन रेलवे नेटवर्क के लिहाज से इसका महत्व काफी है। इससे एक शॉर्टकट व वैकल्पिक मार्ग तैयार होगा और कुछ ट्रेनों को लंबा रास्ता लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यात्रा व माल ढुलाई का समय घट जाएगा। इससे मालवा में धुरी-मालेरकोटला-संगरूर क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
- फिरोजपुर-पट्टी नई रेल लाइन परियोजना
25.72 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से तैयार होगी। रेल मंत्रालय द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए 194.11 करोड़ रुपये की राशि दिसंबर 2025 में पंजाब सरकार को उपलब्ध करा दी गई थी लेकिन आज तक अधिग्रहित भूमि का कब्जा रेलवे को नहीं सौंपा गया है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
फायदा: यह लाइन फिरोजपुर जिले के मल्लांवाला खास को तरनतारन जिले के घड़ियाला से जोड़ेगी। इससे फिरोजपुर-अमृतसर की दूरी घटेगी तथा यात्रियों का समय और खर्च बचेगा। स्थानीय किसानों व कारोबारियों के लिए माल ढुलाई की लागत कम होगी और व्यापार व उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। फिरोजपुर-पट्टी क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक है, लिहाजा रेलवे ने भी इस परियोजना को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है।
तलवंडी साबो वाया रामा मंडी-सड्डा सिंहवाला नई रेल लाइन
43 किमी की यह लाइन तलवंडी साबो तक सीधी रेल कनेक्टिविटी देने के लिए रामा मंडी से सड्डा सिंहवाला के बीच बिछाई जानी है। इस पर 231 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन पंजाब सरकार को मुफ्त में देनी थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी लंबित है।
फायदा : इस रेल लाइन से तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। ललेआणा, तलवंडी साबो, जगा राम तीर्थ और कमालू सवाईच नाम से चार नए स्टेशन बनेंगे। मानसा और बठिंडा के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा।
कादियां-ब्यास नई रेल लाइन
यह माझा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना है। इसके तहत गुरदासपुर जिले के कादियां को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित लाइन की लंबाई 39.68 किलोमीटर है। परियोजना का रूट कादियां–ढपई-घुमाण-बुटाला-सठियाला-ब्यास से होकर गुजरेगा। कानूनी अड़चनों के कारण इसका काम आगे नहीं बढ़ सका था और परियोजना को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। अब इसे नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।
फायदा : इससे माझा क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। स्थानीय उद्योग और व्यापार को बल मिलेगा तथा इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
25.72 किलोमीटर लंबी इस नई रेल लाइन के लिए फिरोजपुर और तरनतारन जिलों में 165.69 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। यह 300 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत से तैयार होगी। रेल मंत्रालय द्वारा भूमि अधिग्रहण के लिए 194.11 करोड़ रुपये की राशि दिसंबर 2025 में पंजाब सरकार को उपलब्ध करा दी गई थी लेकिन आज तक अधिग्रहित भूमि का कब्जा रेलवे को नहीं सौंपा गया है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।
फायदा: यह लाइन फिरोजपुर जिले के मल्लांवाला खास को तरनतारन जिले के घड़ियाला से जोड़ेगी। इससे फिरोजपुर-अमृतसर की दूरी घटेगी तथा यात्रियों का समय और खर्च बचेगा। स्थानीय किसानों व कारोबारियों के लिए माल ढुलाई की लागत कम होगी और व्यापार व उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। फिरोजपुर-पट्टी क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा के नजदीक है, लिहाजा रेलवे ने भी इस परियोजना को रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया है।
तलवंडी साबो वाया रामा मंडी-सड्डा सिंहवाला नई रेल लाइन
43 किमी की यह लाइन तलवंडी साबो तक सीधी रेल कनेक्टिविटी देने के लिए रामा मंडी से सड्डा सिंहवाला के बीच बिछाई जानी है। इस पर 231 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन पंजाब सरकार को मुफ्त में देनी थी, लेकिन जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अभी लंबित है।
फायदा : इस रेल लाइन से तख्त श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। ललेआणा, तलवंडी साबो, जगा राम तीर्थ और कमालू सवाईच नाम से चार नए स्टेशन बनेंगे। मानसा और बठिंडा के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, जिससे स्थानीय किसानों और व्यापारियों को लाभ होगा।
कादियां-ब्यास नई रेल लाइन
यह माझा क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण रेल परियोजना है। इसके तहत गुरदासपुर जिले के कादियां को अमृतसर जिले के ब्यास से जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित लाइन की लंबाई 39.68 किलोमीटर है। परियोजना का रूट कादियां–ढपई-घुमाण-बुटाला-सठियाला-ब्यास से होकर गुजरेगा। कानूनी अड़चनों के कारण इसका काम आगे नहीं बढ़ सका था और परियोजना को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था। अब इसे नए सिरे से आगे बढ़ाया जा रहा है।
फायदा : इससे माझा क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। स्थानीय उद्योग और व्यापार को बल मिलेगा तथा इस क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।