Punjab:रणनीति को धार देगा शिअद.. किसान, पंथक व विकास के मुद्दों पर फोकस, जिला-हलका प्रभारियों से जुटाया फीडबैक
विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के मुख्य मुद्दे क्या रहेंगे, यह भी पार्टी हाईकमान ने तय कर लिया है। इसके तहत किसान, पंथक, व्यापारी और विकास के मसलों पर सबसे ज्यादा फोकस करते शिअद अपनी रणनीति को धार देगा।
विस्तार
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने आगामी विधानसभा चुनाव की संगठनात्मक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी विंगों की सक्रियता बढ़ाते हुए संगठन को मजबूती देने के लिए बूथ स्तर तक सभी पदों को फरवरी तक भरने का लक्ष्य दिया गया है। विधानसभा चुनाव के दौरान पार्टी के मुख्य मुद्दे क्या रहेंगे, यह भी पार्टी हाईकमान ने तय कर लिया है। इसके तहत किसान, पंथक, व्यापारी और विकास के मसलों पर सबसे ज्यादा फोकस करते शिअद अपनी रणनीति को धार देगा।
दरअसल, जिला परिषद व पंचायत समिति चुनाव के बाद से शिअद के हौसले थोड़े बढ़े हुए हैं। इन चुनावों में पार्टी का वोट प्रतिशत अपेक्षाकृत बढ़ा है। 14 साल सत्ता से दूर शिअद 2027 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर सत्ता में वापसी चाहता है। इसके लिए पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने चिंतन-मंथन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर बादल व उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने सभी जिलों के प्रधानों (शहरी व देहाती) व हलका प्रभारियों संग बैठक कर विभिन्न मुद्दों पर फीड बैक लिया।
10 सूत्रीय एजेंडों पर चर्चा करते हुए इन प्रभारियों से बाढ़ के दौरान शिअद की जनता के बीच भूमिका, सरकार के लैंड पूलिंग बिल का विरोध और इस पर सरकार का रोल बैक व जिला परिषद और ब्लाॅक समिति चुनाव में शिअद का वोट प्रतिशत बढ़ने पर सभी जिलों के अध्यक्षों व प्रभारियों से फीडबैक लिया गया। इसके जरिये शिअद ने यह जानने का प्रयास किया कि इन गतिविधियों के बाद जिलों में पार्टी की स्थिति क्या है।
यह रहेगी पार्टी की रणनीति
- बीज विधेयक, एमएसपी गारंटी, प्रदेश में व्यापारियों-उद्यमियों की स्थिति, गैंगस्टरवाद, विकास में देरी और सिख संस्थानों के समक्ष सरकारी चुनौतियों व हस्तक्षेप के मुद्दों को जनता के बीच ले जाएगी पार्टी।
- पंजाब पर कर्जा बढ़ रहा और अर्थव्यवस्था बिगड़ रही है। इससे जनता कैसे प्रभावित हो सकती है, शिअद कार्यकर्ता व नेता लोगों को बताएंगे।
- आप सरकार के वादे क्या थे। कितने पूरे हुए और जो वादे किए गए वे धरातल पर कैसे उतरेंगे, इस मुद्दे को भी उठाया जाएगा।
- फरवरी से जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया जाएगा, जिला और हलका प्रभारी बूथ स्तर पर सभी नियुक्तियां सुनिश्चित करेंगे। सर्कल अध्यक्ष 31 जनवरी तक बन जाने चाहिए।
- पहला लक्ष्य नगर निगमों और नगर समितियों के चुनाव जीतना होगा। लिहाजा जहां-जहां यह चुनाव हैं, वहां ज्यादा फोकस रहेगा।
- पांच बार पंजाब के सीएम रहे प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल के दौरान करवाए गए कामों को हर रैली में बताया जाएगा।
हर हफ्ते चार हलकों में रैलियां करेगा शिअद
जिला अध्यक्षों व हलका प्रभारियों के साथ बैठक के बाद शिरोमणि अकाली दल ने उपाध्यक्ष डॉ. दलजीत चीमा व मुख्य प्रवक्ता अर्शदीप सिंह कलेर ने प्रेसवार्ता कर बताया कि फरवरी से प्रदेशभर में रैलियों का दौर शुरू हो जाएगा। शिअद सुप्रीमो ने सभी जिला प्रधानों व प्रभारियों को निर्देश दे दिए हैं। हर हफ्ते चार रैलियां करने का लक्ष्य रखा है। यह रैलियां सभी 117 हलकों में होंगी। चीमा ने कहा कि सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में जनसंपर्क बढ़ाने के भी निर्देश दिए गए हैं। 328 स्वरूपों के गुम होने के मुद्दे पर उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस मसले पर सिर्फ राजनीति हो रही है। सरकार बिना वजह एसजीपीसी से टकराव पैदा कर रही है।
मुख्यमंत्री सेहत योजना पर सवाल खड़े करते हुए चीमा ने कहा कि इस योजना के जरिये लोगों को सिर्फ गुमराह किया जा रहा है क्योंकि इस योजना का लाभ देने के लिए सही मायनों में एक बड़े बजट की आवश्यकता है जो कि सरकार के पास उपलब्ध नहीं है।
भाजपा-शिअद के बीच गठबंधन पर उन्होंने कहा कि अकाली दल अभी हर जिले में अपना संगठन मजबूत कर रहा है। पहले संगठन मजबूत हो जाए उसके बाद नेताओं और कार्यकर्ताओं की जो राय होगी उसके तहत आगे फैसला लिया जाएगा।