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बंदी सिखों का मुद्दा: बीजेपी हाईकमान का क्या रहेगा स्टैंड,  स्थानीय पार्टी नेताओं की हाईकमान पर नजर

मोहित धुपड़, चंडीगढ़ Published by: शाहिल शर्मा Updated Tue, 23 Jun 2026 07:00 AM IST
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सार

पंजाब के भाजपा नेता यह जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा फिर से उठेगा, लिहाजा भाजपा हाईकमान इस मामले में पार्टी लाइन स्पष्ट करे। डिटेल में पढ़ें खबर...

The issue of Sikh prisoners in Punjab for election
बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मिलते पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पंजाब के भाजपा नेता विधानसभा चुनाव से पहले उन मुद्दों पर चिंतन-मंथन में जुटे हैं जिन्हें मतदाताओं के सामने प्रमुखता से उठाया जाना है। इन मुद्दों में एक अहम मुद्दा बंदी सिखों की रिहाई भी रहेगा। इस संवदेनशील मुद्दे पर पार्टी लाइन क्या रहेगी, इस पर भाजपा नेता हाईकमान से स्पष्टता चाहते हैं। इसके अलावा भाजपा पंजाब के कार्यकर्ताओं संग ब्रेनस्टॉर्मिंग पर भी जोर दिया जाएगा। बंदी सिखों की रिहाई का मामला पंजाब में एक बड़ा मसला है, जिसे लगातार अन्य राजनीतिक पार्टियां खासकर कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल प्रमुखता से संसद तक उठाते रहे हैं। 


यह मसला आज सूबे में पंजाबियों के एक बड़े धड़े की भावनाओं से जुड़ा हुआ है, जिसके लिए कई सिख जत्थेबंदियां महीनों से विभिन्न मोर्चे लगाए बैठी हैं। ये लोग मांग कर रहे हैं कि जेलों में बंद जिन सिख कैदियों की सजा पूरी हो गई है, उन्हें रिहा कर दिया जाए। पंजाब के भाजपा नेता यह जानते हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में यह मुद्दा फिर से उठेगा, लिहाजा भाजपा हाईकमान इस मामले में पार्टी लाइन स्पष्ट करे। पार्टी सूत्र बताते हैं कि चुनाव से पहले केंद्र सरकार वैधानिक तरीके से कुछ एक बंदी सिखों को रिहा भी कर सकती है।
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काम से तय होगी परफॉर्मेंस
चुनाव से पूर्व भाजपा इस साल सूबे में तीन आंतरिक सर्वे करवा चुकी है। ये सर्वे एक-एक सीट पर किया गया है। पिछले दिनों इसी के मद्देनजर दिल्ली में अमित शाह और नितिन नबीन के साथ पंजाब के भाजपा नेताओं का सीट-टू-सीट मंथन हुआ था। इसके अलावा पार्टी हाईकमान ने यह भी तय कर दिया है कि पंजाब में कार्यकर्ताओं व नेताओं की परफॉर्मेंस अब केवल काम से तय होगी। पंजाब फतह करना है तो उन्हें एसी कमरे छोड़कर फील्ड में सक्रिय रहते हुए सकारात्मक रिजल्ट देना पड़ेगा। उधर, कई दलों के वरिष्ठ नेता भी भाजपा के संपर्क में हैं, उनके जल्द भाजपाई बनने पर भी चर्चा चल रही है।

मुद्दे की गहन समझ जरूरी
पंजाब विधानसभा चुनाव में भाजपा ने जिन मुद्दों को मतदाताओं के बीच जाकर उठाना है, उसकी गहन समझ नेताओं से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं तक होनी चाहिए। इसके लिए पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ ब्रेनस्टॉर्मिंग पर जोर देगी ताकि मतदाताओं तक पार्टी के मुद्दों व नीतियों को प्रभावशाली ढंग से पहुंचाया जा सके। इससे नेताओं और कार्यकर्ताओं की बुद्धिशीलता में भी इजाफा होगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने ऐसे सत्रों की शुरुआत कर दी जो कि आगे जारी रहेंगे। इन मुद्दों में प्रमुखत: किसान, किसानी, जवानी, नशा, हथियार तस्करी, बिगड़ी कानून-व्यवस्था, कमजोर वित्तीय स्थिति, पंजाब को समृद्ध व प्रगतिशील बनाना इत्यादि शामिल हैं।
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