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जानकी दास हत्याकांड: सांबा से खाली हाथ लौटी चंडीगढ़ पुलिस, जम्मू पुलिस ने आरोपी अमित को साैंपने से किया इनकार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 23 Jun 2026 11:51 AM IST
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सार
जानकी दास हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर सनी मेहरा और आर्यन का उपचार सेक्टर-16 अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले तीन अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संबंधों, आर्थिक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
कैशियर पर गोली चलाते आरोपी
- फोटो : संवाद
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विस्तार
चंडीगढ़ सेक्टर-11 के श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकी दास हत्याकांड की जांच में नया मोड़ आ गया है। मामले में पूछताछ के लिए अमित उर्फ शराबी को हिरासत में लेने सांबा पहुंची चंडीगढ़ पुलिस को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने खाली हाथ लौटा दिया। जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि अमित से जुड़े मामलों की जांच अभी जारी है और जांच पूरी होने तक उसे किसी अन्य एजेंसी को नहीं सौंपा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां अमित उर्फ शराबी के आपराधिक नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित गैंगस्टर कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह हत्या के प्रयास के एक मामले में करीब दो वर्ष जेल में रह चुका है। इसी दौरान उसकी मुलाकात कई शूटरों और गैंगस्टरों से हुई थी। आशंका है कि इन्हीं संपर्कों के जरिये वह बाद में पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसके संबंध किसी आतंकी या आतंकी समर्थक नेटवर्क से तो नहीं रहे। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उधर, जानकी दास हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर सनी मेहरा और आर्यन का उपचार सेक्टर-16 अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले तीन अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संबंधों, आर्थिक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि कई गिरफ्तारियां होने के बावजूद हत्या के पीछे का असली मकसद अब भी साफ नहीं हो पाया है।
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सबसे बड़ी चुनौती वारदात में इस्तेमाल जिगाना पिस्टल की बरामदगी है। सूत्रों के अनुसार हमलावरों ने जानकी दास पर 13 गोलियां दागी थीं, लेकिन अब तक हथियार बरामद नहीं हो सका है। पुलिस का मानना है कि पिस्टल की बरामदगी से पूरे षड्यंत्र और हत्या के कारणों पर महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इस बीच ट्राइसिटी के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। लगातार सामने आ रहे धमकी और फायरिंग के मामलों के बाद कारोबारी वर्ग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित है। व्यापारियों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इसका असर कारोबारी माहौल पर पड़ सकता है। वहीं पुलिस का दावा है कि गैंगस्टर नेटवर्क, साइबर ठगों और स्थानीय सहयोगियों की पहचान के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर जांच तेज कर दी गई है।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा एजेंसियां अमित उर्फ शराबी के आपराधिक नेटवर्क, उसके संपर्कों और संभावित गैंगस्टर कनेक्शन की गहन पड़ताल कर रही हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि वह हत्या के प्रयास के एक मामले में करीब दो वर्ष जेल में रह चुका है। इसी दौरान उसकी मुलाकात कई शूटरों और गैंगस्टरों से हुई थी। आशंका है कि इन्हीं संपर्कों के जरिये वह बाद में पंजाब के गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ा। सुरक्षा एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि उसके संबंध किसी आतंकी या आतंकी समर्थक नेटवर्क से तो नहीं रहे। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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उधर, जानकी दास हत्याकांड में गिरफ्तार शूटर सनी मेहरा और आर्यन का उपचार सेक्टर-16 अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के रहने वाले तीन अन्य संदिग्धों को भी गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां आरोपियों के आपसी संबंधों, आर्थिक लेन-देन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं। हालांकि कई गिरफ्तारियां होने के बावजूद हत्या के पीछे का असली मकसद अब भी साफ नहीं हो पाया है।
सबसे बड़ी चुनौती वारदात में इस्तेमाल जिगाना पिस्टल की बरामदगी है। सूत्रों के अनुसार हमलावरों ने जानकी दास पर 13 गोलियां दागी थीं, लेकिन अब तक हथियार बरामद नहीं हो सका है। पुलिस का मानना है कि पिस्टल की बरामदगी से पूरे षड्यंत्र और हत्या के कारणों पर महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं।
इस बीच ट्राइसिटी के व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है। लगातार सामने आ रहे धमकी और फायरिंग के मामलों के बाद कारोबारी वर्ग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित है। व्यापारियों का कहना है कि यदि ऐसे मामलों में जल्द और सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो इसका असर कारोबारी माहौल पर पड़ सकता है। वहीं पुलिस का दावा है कि गैंगस्टर नेटवर्क, साइबर ठगों और स्थानीय सहयोगियों की पहचान के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ मिलकर जांच तेज कर दी गई है।