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युद्ध नशे के विरुद्ध का एक साल: 16.70 करोड़ की ड्रग मनी बरामद, मान बोले- पिछली सरकारों ने बर्बाद कीं पीढ़ियां
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Ankesh Kumar
Updated Mon, 02 Mar 2026 07:44 PM IST
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सार
पंजाब सरकार की तरफ से चलाए जा रहे युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान का एक साल पूरा हो चुका है। सीएम मान ने कहा कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई।
मुख्यमंत्री भगवंत मान।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने युद्ध नशे के विरुद्ध अभियान को एक साल पूरा होने पर कहा कि पिछली सरकारों ने नशे के कारोबार को संरक्षण देकर पीढ़ियों को बर्बाद कर दिया जबकि आप सरकार नशे के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रही रही है। नशा आपूर्ति के नेटवर्क को सख्ती से समाप्त किया गया है।
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मान ने कहा कि मार्च 2025 से फरवरी 2026 तक नशों के खतरे के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति लागू की गई। नशा तस्करी के आरोप में कुल 36,178 एफआईआर दर्ज की गईं और 51,648 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त 2,277 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई और 49 लाख से अधिक नशीली गोलियां और कैप्सूल बरामद किए गए। आरोपियों से 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई और तस्करों से संबंधित करोड़ों रुपये की संपत्तियां जब्त या ध्वस्त की गई हैं। एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल सजा दर लगभग 84 प्रतिशत रही है जो निरंतर सुधार के साथ वर्ष 2025 में लगभग 88 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ मिसाल कायम करने वाली सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। यह लड़ाई पंजाब की युवा पीढ़ी को बचाने के लिए है और इसे बिना किसी रुकावट के लगातार जारी रखा जाएगा।
नशों के विरुद्ध लड़ रहे जंग : पन्नू
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब नशे के विरुद्ध लड़ाई लड़ रहा है जिसे आगे और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नशे की लत एक विश्वव्यापी खतरा है। हम मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों में हालात देख रहे हैं और भारत के दूसरे राज्यों में भी बड़ी समस्या हैं लेकिन कोई भी राज्य या देश पंजाब की तरह योजनाबद्ध तरीके से इस तरह की लड़ाई नहीं लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि कोई भी लड़ाई जनता की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकती। नशा मुक्ति मोर्चा के तहत पंजाब को पांच जोन में बांटा गया था जिसमें दोआबा, माझा, मालवा ईस्ट, मालवा वेस्ट और मालवा सेंट्रल शामिल है। पूरे पंजाब में विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गईं। कमेटी के सदस्यों को नशा तस्करों की सीधी रिपोर्ट पुलिस हैडक्वार्टर को देने के लिए एक सुरक्षित एप दी गई है और 48 घंटों के अंदर कार्रवाई करनी जरूरी है। पूरी जांच के बाद, 2,000 से ज्यादा शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है। नशा छुड़ाओं केंद्रों के ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इलेक्ट्रिकल काम, फास्ट फूड और दूसरे ट्रेड में स्किल ट्रेनिंग शुरू की है।