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होशियारपुर फास्ट ट्रैक कोर्ट का फैसला: नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में दो आरोपियों को 20 साल की सजा
संवाद न्यूज एजेंसी, होशियारपुर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 24 Jan 2026 08:40 AM IST
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सार
घटना दिसंबर 2023 की है, जब पांच साल की बच्ची अपने पिता के नशामुक्ति केंद्र में इलाज के दौरान आरोपियों की देखरेख में थी। पिता के लौटने के बाद बच्ची ने दर्द की शिकायत की, और चिकित्सकीय जांच से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई।
court room
- फोटो : ANI
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विस्तार
होशियारपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट ने शुक्रवार को बच्चों के खिलाफ अपराधों में सख्त फैसला सुनाते हुए, दो आरोपियों परमजीत सिंह और भूपिंदर सिंह उर्फ टंकी को नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 20-20 साल की सजा दी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनप्रीत कौर ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3), 376डी और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2023 की है, जब पांच साल की बच्ची अपने पिता के नशामुक्ति केंद्र में इलाज के दौरान आरोपियों की देखरेख में थी। पिता के लौटने के बाद बच्ची ने दर्द की शिकायत की, और चिकित्सकीय जांच से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। फरवरी 2024 में एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया कि पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, जैसा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों में है।
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अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मनप्रीत कौर ने दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 376(3), 376डी और पोक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत दोषी ठहराया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना दिसंबर 2023 की है, जब पांच साल की बच्ची अपने पिता के नशामुक्ति केंद्र में इलाज के दौरान आरोपियों की देखरेख में थी। पिता के लौटने के बाद बच्ची ने दर्द की शिकायत की, और चिकित्सकीय जांच से यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई। फरवरी 2024 में एफआईआर दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को निर्देशित किया कि पीड़िता को 6 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए, जैसा सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों में है।
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