{"_id":"6a7df7c1803208388703c7a6","slug":"major-action-in-psiec-plot-allotment-scam-ed-raids-11-locations-over-three-days-2026-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"PSIEC प्लॉट आवंटन घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: ED की 11 ठिकानों पर 3 दिन रेड, 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज; लाखों जब्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PSIEC प्लॉट आवंटन घोटाले पर बड़ी कार्रवाई: ED की 11 ठिकानों पर 3 दिन रेड, 4.01 करोड़ रुपये फ्रीज; लाखों जब्त
Thu, 13 Aug 2026 10:29 PM IST
Digvijay Singh
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Published by: Digvijay Singh
Updated Thu, 13 Aug 2026 10:29 PM IST
सार
पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसआईईसी) में कथित अवैध औद्योगिक प्लॉट आवंटन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (पीएसआईईसी) में कथित अवैध औद्योगिक प्लॉट आवंटन और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के जालंधर जोनल ऑफिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ईडी ने 4, 5 और 6 अगस्त 2026 को लगातार तीन दिनों तक पंजाब और चंडीगढ़ में 11 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई पीएमएलए, 2002 के तहत की गई।
विज्ञापन
तलाशी के दौरान ईडी टीमों ने 12.15 लाख रुपए की अघोषित नकदी, कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस बरामद कर जब्त किए। इसके अलावा पीएसआईईसी के दो सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े बैंक खातों में मौजूद करीब 4.01 करोड़ रुपए की राशि फ्रीज की गई है। ईडी के अनुसार, तलाशी अभियान चंडीगढ़, अमृतसर, गुरदासपुर और लुधियाना स्थित 11 परिसरों में चलाया गया। इसके साथ ही एजेंसी ने पीएसआईईसी के कार्यालय में सर्वे भी किया। कार्रवाई के दौरान विभिन्न परिसरों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल उपकरण बरामद किए गए। इनमें डिजिटल डेटा से संबंधित डिवाइस भी शामिल हैं, जिनकी जांच के जरिए कथित लेन-देन और प्लॉट आवंटन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
विज्ञापन
ईडी की जांच के अनुसार, पीएसआईईसी के कुछ अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और अन्य करीबी लोगों को नियमों और निर्धारित प्रक्रिया का कथित उल्लंघन करते हुए औद्योगिक प्लॉट आवंटित किए। जांच में यह भी सामने आने का दावा किया गया है कि कुछ आवेदकों ने फर्जी फर्मों और फर्जी पतों का इस्तेमाल कर औद्योगिक प्लॉट हासिल किए। ईडी के मुताबिक, इनमें से कुछ संस्थाओं को वास्तविक औद्योगिक गतिविधियों का अनुभव या जानकारी नहीं थी।
विज्ञापन
प्लॉटों को आगे बेचकर मुनाफा कमाने का आरोप
ईडी की जांच में कथित तौर पर यह भी सामने आया कि कुछ औद्योगिक प्लॉट शेल एंटिटीज और फर्जी फर्मों के नाम पर आवंटित किए गए और बाद में उन्हें बाजार भाव पर तीसरे पक्ष को बेच दिया गया। जांच एजेंसी के अनुसार, कुछ मामलों में औद्योगिक इस्तेमाल के लिए आवंटित प्लॉटों को बाद में रेजिडेंशियल या कमर्शियल प्लॉटिंग के लिए डायवर्ट किए जाने के भी साक्ष्य मिले हैं।
ईडी ने पीएसआईईसी के दो सेवानिवृत्त अधिकारियों से जुड़े बैंक खातों में करीब 4.01 करोड़ रूपए की राशि फ्रीज की है। इन अधिकारियों में सेवानिवृत्त सीजीएम सुरिंदर पाल सिंह और सेवानिवृत्त जीएम जसविंदर सिंह रंधावा हैं। इसके अलावा विभिन्न ठिकानों से 12.15 लाख रुपए की नकदी जब्त की गई है। तलाशी के दौरान ईडी ने कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस कब्जे में लिए हैं। इनसे कथित प्लॉट आवंटन, वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों के बीच संपर्कों की जानकारी जुटाई जा रही है। डिजिटल सामग्री की आगे जांच और फॉरेंसिक विश्लेषण किया जा सकता है।
विजिलेंस एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी ईडी जांच
ईडी ने यह मनी लॉन्ड्रिंग जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। केस में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत पीएसआईईसी के कुछ अधिकारियों और निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था। ईडी के अनुसार, जांच में कथित अवैध प्लॉट आवंटन के बदले रिश्वत की रकम नकद और अन्य स्तरित वित्तीय लेन-देन के माध्यम से प्राप्त किए जाने के साक्ष्य सामने आए हैं। फिलहाल मामले में ईडी की जांच जारी है और तलाशी के दौरान मिले दस्तावेजों व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।