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जालंधर में हादसा: घर में आग लगने से विधायक की 28 साल की भतीजी जिंदा जली, पैरालाइसिस था; बिस्तर से उठ नहीं पाई
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 20 Jan 2026 09:37 AM IST
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सार
फिल्लौर के विधायक चौधरी विक्रमजीत सिंह की भतीजी को पैरालाइसिस था। घर में आग लगने के दाैरान वह बिस्तर से नहीं उठ सकी और जिंदा जलने से उसकी माैत हो गई।
जालंधर में लगी आग
- फोटो : संवाद
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विस्तार
जालंधर के न्यू विजय नगर इलाके में सोमवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। यहां एक कोठी में अचानक आग लगने से 28 वर्षीय युवती रूबिका की जिंदा जलकर मौत हो गई। बताया जा रहा है कि रूबिका को पैरालाइसिस थी और मानसिक रूप से भी अस्वस्थ थी, जिस कारण वह आग लगने के दौरान बिस्तर से उठ नहीं सकी।
थाना-4 की प्रभारी इंस्पेक्टर अनु पलयाल के अनुसार पुलिस को देर रात आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक रूबिका की मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट सामने आया है।
जिस कमरे में आग लगी, वहां दीवारों पर पीवीसी शीटें लगी थीं। प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और जहरीले धुएं ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया।
रूबिका उस समय बेड पर लेटी हुई थी और आग की चपेट में आकर बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि मृतका रिश्ते में फिल्लौर के विधायक चौधरी विक्रमजीत सिंह की भतीजी थी। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर घरों में सुरक्षा मानकों और पीवीसी जैसी ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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थाना-4 की प्रभारी इंस्पेक्टर अनु पलयाल के अनुसार पुलिस को देर रात आग लगने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक रूबिका की मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट सामने आया है।
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जिस कमरे में आग लगी, वहां दीवारों पर पीवीसी शीटें लगी थीं। प्लास्टिक सामग्री होने के कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया और जहरीले धुएं ने पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया।
रूबिका उस समय बेड पर लेटी हुई थी और आग की चपेट में आकर बाहर निकलने का कोई मौका नहीं मिला। बताया जा रहा है कि मृतका रिश्ते में फिल्लौर के विधायक चौधरी विक्रमजीत सिंह की भतीजी थी। घटना के बाद इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच जारी है। इस हादसे ने एक बार फिर घरों में सुरक्षा मानकों और पीवीसी जैसी ज्वलनशील सामग्री के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।