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पिता की आत्महत्या में बेटे ने ढूंढा फायदा: वसूली के लिए बना डाला फर्जी खुदकुशी नोट, इस एक चूक से खुल गई पोल
संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा (पंजाब)
Published by: Nivedita
Updated Mon, 11 May 2026 09:16 AM IST
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सार
लुधियाना के गांव एतिआणा के पशु चारा कारोबारी कुंदन लाल ने शनिवार रात को जहर निगल लिया था। रविवार को उनकी माैत के बाद बेटे ने पुलिस को दो सुसाइड नोट दिए थे। अब पूरे मामले में बड़ा खुलासा हुआ है।
लुधियाना में पशु चारा कारोबारी की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लुधियाना के गांव एतिआणा के पशु चारा कारोबारी बुजुर्ग कुंदन लाल (82) के खुदकुशी करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस को मृतक की जेब से जो दो पेज का खुदकुशी नोट मिला था वो फर्जी था।
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इस नोट को बुजुर्ग के बेटे धरमिंदर कुमार ने लिखा था ताकि देनदारों को झूठे केस में फंसाकर वसूली कर सके। देर रात इस साजिश का खुलासा होने से सनसनी मच गई।
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हस्ताक्षर में कर दी बड़ी गलती
धरमिंदर ने खुदकुशी नोट लिखने में सबसे बड़ी गलती पिता के हस्ताक्षर में कर दी जिसके चलते वो पकड़ा गया। जल्दबाजी में धरमिंदर ने पिता के हस्ताक्षर अंग्रेजी में करते हुए कुंदन लाल की जगह कुंदन सिंह लिख दिया। इसी से उसकी पोल खुल गई।सख्ती से पूछताछ में धरमिंदर कुमार ने अपनी गलती मान ली। इसके बाद गांव की पंचायत ने भी उसका साथ छोड़ दिया। सुधार पुलिस ने धरमिंदर कुमार के खिलाफ फिलहाल कोई केस दर्ज नहीं किया और कुंदन लाल के खुदकुशी मामले में धारा 174 में कानूनी कार्रवाई करके शव का पोस्टमार्टम करवा दिया। शाम को गांव के शमशानघाट में कुंदन लाल का अंतिम सस्कार कर दिया गया।
शनिवार रात को निगला था जहर
कुंदन लाल ने शनिवार रात जहरीला पदार्थ निगल लिया था और रविवार तड़के लुधियाना के नामी अस्पताल में उनकी मौत हो गई। शव का पंचनामा करने के दौरान सुधार पुलिस को कुंदन लाल की जेब से दो पेज का खुदकुशी नोट मिला था जिसमें कई दुकानदारों और व्यापारियों के नाम के साथ 35 लाख रुपये के करीब लेनदारी का जिक्र किया गया था।पुलिस को ऐसे हुआ शक
थाना सुधार के प्रभारी इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि मृतक के बेटे ने पुलिस को दो पन्नों का एक सुसाइड नोट सौंपा था, जिसमें कई लोगों पर करीब 35 लाख रुपये न लौटाने का आरोप लगाया गया था। नोट में लिखा गया था कि देनदारों द्वारा फोन न उठाने के कारण कुंदन लाल मानसिक तनाव में थे और इसी वजह से उन्होंने यह कदम उठाया।इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह के अनुसार उन्हें शक तब हुआ जब सुसाइड नोट में ये लिखा देखा कि कई लोगों से 35 लाख लेने थे। इंस्पेक्टर गुरदीप सिंह ने बताया कि उनकी 35 वर्ष की नौकरी में ऐसे केस तो आए जहां कर्ज के चलते किसी ने आत्महत्या की हो परंतु ये पहला केस था जिसमें किसी ने लोगों से 35 लाख लेने हो और जहर निगल लिया हो। इसी शक में उन्होंने बारीकी से जांच की तो जांच के दौरान सुसाइड नोट की लिखावट संदिग्ध लगी।
शुरुआत में देखने पर ही यह लिखावट किसी 81-82 वर्षीय बुजुर्ग व्यक्ति की प्रतीत नहीं हो रही थी। इसके अलावा, मृतक का नाम कुंदन लाल था, जबकि नोट के नीचे अंग्रेजी में कुंदन सिंह के हस्ताक्षर किए गए थे।
इसके बाद पुलिस ने मृतक के बेटे धरमिंदर कुमार को पूछताछ के लिए बुलाया। सख्ती से पूछताछ के दौरान पूरा मामला स्पष्ट हो गया और कथित सुसाइड नोट की सत्यता सामने आ गई। पुलिस जांच के दौरान गांव की पंचायत ने भी स्पष्ट कर दिया कि वह किसी भी गलत या झूठे मामले में धरमिंदर कुमार का समर्थन नहीं करेगी। पंचायत के इस रुख के बाद धरमिंदर टूट गया ।