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पत्रकारों पर एफआईआर पर रोक: हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को दी सीख-लोगों की आवाज दबाने की कोशिश न करें
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 08:32 PM IST
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सार
याचिकाकर्ता मणिक गोयल और अन्य ने दलील दी कि सीएम की गैर-मौजूदगी में हेलीकॉप्टर के उपयोग से जुड़ी पोस्ट पत्रकारिता के दायरे और जनहित में थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है।
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब के मुख्यमंत्री को आवंटित हेलीकॉप्टर के कथित उपयोग को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करने वाले पत्रकारों के खिलाफ लुधियाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज की थी। अब इस पर कार्रवाई पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। कोर्ट ने याचिका पर पंजाब सरकार को नोटिस जारी करते हुए जवाब दाखिल करने का आदेश भी दिया।
याचिकाकर्ता मणिक गोयल और अन्य ने दलील दी कि सीएम की गैर-मौजूदगी में हेलीकॉप्टर के उपयोग से जुड़ी पोस्ट पत्रकारिता के दायरे और जनहित में थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए कि कोई सवाल ही न उठा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यहां पुलिस राज नहीं है। लोग सरकार से सवाल पूछने का अधिकार रखते हैं। किसी की आवाज दबाने की कोशिश न करें।
कोर्ट ने सरकार को चेतावनी दी कि लोगों की आलोचना को दबाने का प्रयास न किया जाए और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाए।
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याचिकाकर्ता मणिक गोयल और अन्य ने दलील दी कि सीएम की गैर-मौजूदगी में हेलीकॉप्टर के उपयोग से जुड़ी पोस्ट पत्रकारिता के दायरे और जनहित में थी। इसके बावजूद उनके खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर सीधा आघात है। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार को इतना संवेदनशील नहीं होना चाहिए कि कोई सवाल ही न उठा सके। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यहां पुलिस राज नहीं है। लोग सरकार से सवाल पूछने का अधिकार रखते हैं। किसी की आवाज दबाने की कोशिश न करें।
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कोर्ट ने सरकार को चेतावनी दी कि लोगों की आलोचना को दबाने का प्रयास न किया जाए और जनता की भावनाओं का सम्मान किया जाए।