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Ludhiana News: सांसद सतनाम सिंह संधू ने छोटे साहिबजादों को किया नमन
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आनंदपुर साहिब। गुरु गोबिंद सिंह जी के छोटे साहिबज़ादों की अतुलनीय शहादत की स्मृति में 26 दिसंबर को आनंदपुर साहिब स्थित विरासत-ए-खालसा में अद्वितीय शहादत समागम का आयोजन किया गया। यह आयोजन राज्यसभा सांसद सतनाम सिंह संधू ने संत समाज के सहयोग से किया। कार्यक्रम केंद्र सरकार द्वारा घोषित शहादत दिवस के अवसर पर आयोजित हुआ, जिसमें सिख समुदाय के विभिन्न संप्रदायों के संत, धर्मगुरु, शिक्षाविद्, फिल्म कलाकार, सामाजिक कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में बच्चे और युवा शामिल हुए।
समागम में उदासी, निरंकारी, नामधारी, निर्मले, नानकपंथी और राधा स्वामी संप्रदायों की सहभागिता रही। इस दौरान गतका, गुरबानी कीर्तन, कविशरी, ढाडी वार, दस्तारबंदी और वाद-विवाद जैसी सांस्कृतिक व धार्मिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पंजाब भर से चयनित प्रतिभागियों ने इनमें भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विज्ञान, खेल, परफॉर्मिंग आर्ट्स, सामाजिक सेवा, उद्यमिता और सिख धार्मिक कला-संस्कृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 14 सिख युवाओं को विद्यार्थी प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें तीन वर्षीय गतका खिलाड़ी फतेह सिंह गिल सहित कई प्रतिभाशाली बच्चे शामिल रहे। साहिबज़ादों की शहादत पर आधारित पुस्तकों और चित्रों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि छोटे साहिबजोदों का बलिदान भारतीय इतिहास का सबसे मार्मिक अध्याय है, जो अत्याचार के सामने अडिग साहस का प्रतीक है। उन्होंने शहादत दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह दिन आने वाली पीढ़ियों को साहस, विश्वास और त्याग की प्रेरणा देता रहेगा। संवाद
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समागम में उदासी, निरंकारी, नामधारी, निर्मले, नानकपंथी और राधा स्वामी संप्रदायों की सहभागिता रही। इस दौरान गतका, गुरबानी कीर्तन, कविशरी, ढाडी वार, दस्तारबंदी और वाद-विवाद जैसी सांस्कृतिक व धार्मिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। पंजाब भर से चयनित प्रतिभागियों ने इनमें भाग लिया।
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कार्यक्रम के दौरान विज्ञान, खेल, परफॉर्मिंग आर्ट्स, सामाजिक सेवा, उद्यमिता और सिख धार्मिक कला-संस्कृति में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 14 सिख युवाओं को विद्यार्थी प्रतिभा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इनमें तीन वर्षीय गतका खिलाड़ी फतेह सिंह गिल सहित कई प्रतिभाशाली बच्चे शामिल रहे। साहिबज़ादों की शहादत पर आधारित पुस्तकों और चित्रों की प्रदर्शनी भी आकर्षण का केंद्र रही। सांसद सतनाम सिंह संधू ने कहा कि छोटे साहिबजोदों का बलिदान भारतीय इतिहास का सबसे मार्मिक अध्याय है, जो अत्याचार के सामने अडिग साहस का प्रतीक है। उन्होंने शहादत दिवस को राष्ट्रीय स्तर पर मनाने के निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि यह दिन आने वाली पीढ़ियों को साहस, विश्वास और त्याग की प्रेरणा देता रहेगा। संवाद
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