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जूते बने सुरक्षा कवच: सीटी यूनिवर्सिटी का कमाल, खतरे में बस पैर हिलाइए; स्मार्ट जूते भेज देंगे मदद का संकेत

Tue, 06 Oct 2026 09:10 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना Published by: Nivedita Updated Tue, 06 Oct 2026 09:10 AM IST
सार

जूते में लगा एक्सेलेरोमीटर विशेष गतिविधि को पहचानकर आपातकालीन संकेत सक्रिय करता है। यह संकेत निर्धारित प्रतिक्रिया प्रणाली तक भेजा जाता है। इससे उपयोगकर्ता को अलग से किसी उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती।

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Robotics and Automation Laboratory at CTU Ludhiana developed smart emergency safety shoes
सीटीयू ने बनाए स्मार्ट जूते - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लुधियाना के सीटी विश्वविद्यालय की रोबोटिक्स एवं स्वचालन प्रयोगशाला ने व्यक्तिगत सुरक्षा के लिए स्मार्ट आपातकालीन सुरक्षा जूते विकसित किए हैं। 
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इन जूतों में पैर की एक पूर्व-निर्धारित गतिविधि से आपातकालीन चेतावनी सक्रिय की जा सकती है। यह तकनीक चोरी या खतरे जैसी आपात स्थितियों में वैकल्पिक सुरक्षा माध्यम का काम करेगी, जब मोबाइल फोन उपलब्ध न हो।

जूते में लगा एक्सेलेरोमीटर विशेष गतिविधि को पहचानकर आपातकालीन संकेत सक्रिय करता है। यह संकेत निर्धारित प्रतिक्रिया प्रणाली तक भेजा जाता है। इससे उपयोगकर्ता को अलग से किसी उपकरण की जरूरत नहीं पड़ती। इन जूतों का डिजाइन गुप्त और उपयोगकर्ता-अनुकूल है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अंदर छिपे होते हैं, जिससे ये सामान्य जूतों जैसे दिखते हैं। प्रणाली में रिचार्ज होने वाले उपकरण लगे हैं। इससे बार-बार बदलने की जरूरत नहीं होगी। रोबोटिक्स एवं स्वचालन प्रयोगशाला की टीम ने इन्हें केवल एक सप्ताह में विकसित किया है।
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वास्तविक परिस्थितियों में परीक्षण और उद्देश्य
रोबोटिक्स टीम के अभियंता पुलकित सांगर, धर्मप्रीत सिंह और गुरकीरत सिंह ने इन जूतों को विकसित और परीक्षण किया। टीम ने वास्तविक जीवन की विभिन्न परिस्थितियों में इनकी कार्यक्षमता का मूल्यांकन किया। प्रो. चांसलर डॉ. मनबीत सिंह ने इसे वास्तविक चुनौतियों का समाधान बताया। कुलपति डॉ. नितिन टंडन के अनुसार यह नवाचार विश्वविद्यालय में शोध और समस्या-समाधान की भावना दर्शाता है। विश्वविद्यालय का लक्ष्य ऐसे तकनीकी समाधान विकसित करना है, जिनका समाज पर उपयोगी प्रभाव पड़े।
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