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कनाडा में पढ़ाई महंगी: अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए जीआईसी में वृद्धि, दोगुने से ज्यादा हुआ खर्च
Tue, 01 Sep 2026 09:37 AM IST
Nivedita
कंवरपाल, संवाद, हलवारा
कंवरपाल, संवाद, हलवारा
Published by: Nivedita
Updated Tue, 01 Sep 2026 09:37 AM IST
सार
अब विद्यार्थी को ट्यूशन फीस और कनाडा पहुंचने का यात्रा खर्च अलग से देना होगा। 2000 के दशक की शुरुआत से यह आवश्यकता 10,000 डॉलर पर टिकी थी। 2015 से 2023 तक इसमें कोई वार्षिक वृद्धि नहीं हुई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
कनाडा सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई परमिट आवेदन में बड़ा वित्तीय झटका दिया है। एक सितंबर 2026 से जीवन-यापन के खर्च के लिए जरूरी राशि जीआईसी को बढ़ा दिया गया है। यह राशि अब 23,448 कनाडाई डॉलर होगी।
यह राशि एक विद्यार्थी के साल भर के रहने, खाने-पीने और यात्रा जैसे खर्चों के लिए है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी को ट्यूशन फीस और कनाडा पहुंचने का यात्रा खर्च अलग से देना होगा। 2000 के दशक की शुरुआत से यह आवश्यकता 10,000 डॉलर पर टिकी थी। 2015 से 2023 तक इसमें कोई वार्षिक वृद्धि नहीं हुई।
एक जनवरी 2024 में इसे 20,635 डॉलर किया गया था। अब 1 सितंबर 2026 से यह 23,448 डॉलर हो जाएगी। इस तरह 10,000 डॉलर से 23,448 डॉलर तक कुल 13,448 डॉलर की वृद्धि हुई है। यह करीब 134.5 फीसदी की बढ़ोतरी है। कनाडा ने स्पष्ट किया है कि यह रकम हर साल सितंबर में महंगाई के आधार पर संशोधित की जाएगी।
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परिवारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
पंजाब सहित पूरे भारत के परिवारों को अब कनाडा भेजने से पहले पूरा हिसाब करना चाहिए। अनेक परिवार बच्चे को भेजने के लिए जमीन, बचत और कर्ज तक दांव पर लगा देते हैं। एजेंटों की बातों पर भरोसा न करें कि पढ़ाई के बाद काम और पीआर पक्की है। कनाडा के मौजूदा नियमों में ऐसा कोई स्वत: सिद्ध रास्ता नहीं है। विद्यार्थी को पार्ट टाइम नौकरी से फीस, रहने और परिवार का कर्ज निकलने की
सोच नहीं रखनी चाहिए।
कनाडा जाने का नया मंत्र
विद्यार्थी को पहले गंभीरता से पढ़ाई करनी होगी। पढ़ाई के बाद पीजीडब्ल्यूपी की पात्रता हासिल करनी होगी। फिर कनाडा के श्रम बाजार और इमिग्रेशन कार्यक्रम की शर्तों को पूरा करना होगा। पीआर एक अलग प्रक्रिया है और उसकी पात्रता अपने आप नहीं बनती। 50 से 70 लाख रुपये खर्च करने वाले परिवारों को भावनाओं से नहीं, योजना और गणना से फैसला करना होगा।
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यह राशि एक विद्यार्थी के साल भर के रहने, खाने-पीने और यात्रा जैसे खर्चों के लिए है। इसके अतिरिक्त विद्यार्थी को ट्यूशन फीस और कनाडा पहुंचने का यात्रा खर्च अलग से देना होगा। 2000 के दशक की शुरुआत से यह आवश्यकता 10,000 डॉलर पर टिकी थी। 2015 से 2023 तक इसमें कोई वार्षिक वृद्धि नहीं हुई।
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एक जनवरी 2024 में इसे 20,635 डॉलर किया गया था। अब 1 सितंबर 2026 से यह 23,448 डॉलर हो जाएगी। इस तरह 10,000 डॉलर से 23,448 डॉलर तक कुल 13,448 डॉलर की वृद्धि हुई है। यह करीब 134.5 फीसदी की बढ़ोतरी है। कनाडा ने स्पष्ट किया है कि यह रकम हर साल सितंबर में महंगाई के आधार पर संशोधित की जाएगी।
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परिवारों के लिए महत्वपूर्ण संदेश
पंजाब सहित पूरे भारत के परिवारों को अब कनाडा भेजने से पहले पूरा हिसाब करना चाहिए। अनेक परिवार बच्चे को भेजने के लिए जमीन, बचत और कर्ज तक दांव पर लगा देते हैं। एजेंटों की बातों पर भरोसा न करें कि पढ़ाई के बाद काम और पीआर पक्की है। कनाडा के मौजूदा नियमों में ऐसा कोई स्वत: सिद्ध रास्ता नहीं है। विद्यार्थी को पार्ट टाइम नौकरी से फीस, रहने और परिवार का कर्ज निकलने की
सोच नहीं रखनी चाहिए।
कनाडा जाने का नया मंत्र
विद्यार्थी को पहले गंभीरता से पढ़ाई करनी होगी। पढ़ाई के बाद पीजीडब्ल्यूपी की पात्रता हासिल करनी होगी। फिर कनाडा के श्रम बाजार और इमिग्रेशन कार्यक्रम की शर्तों को पूरा करना होगा। पीआर एक अलग प्रक्रिया है और उसकी पात्रता अपने आप नहीं बनती। 50 से 70 लाख रुपये खर्च करने वाले परिवारों को भावनाओं से नहीं, योजना और गणना से फैसला करना होगा।