जीरकपुर। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 एक अप्रैल से लागू हो गए हैं। इन नियमों का पालन कर जीरकपुर की सुषमा क्रिसेंट सोसाइटी में एक पेटेंटेड एरोबिन कंपोस्टर लगाया है। इसके साथ ही यह जीरकपुर की पहली हाउसिंग सोसाइटी बन गई है जिसने इस नई तकनीक को अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार, हाउसिंग सोसाइटी, होटल, रेस्टोरेंट और मैरिज पैलेस जैसे बड़े पैमाने पर कचरा पैदा करने वालों को अपने स्तर पर ही कचरे का निपटान करना होगा। स्वच्छ भारत मिशन के आईईसी कार्यक्रम समन्वयक सुखविंदर सिंह देओल ने सुषमा क्रिसेंट सोसाइटी के निवासियों को यह जानकारी दी।
यह कंपोस्टर ऑर्गेनिक कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन के लिए स्थापित किया गया है। इसे आईपीसीए की तकनीकी सलाह और सहयोग से लगाया गया है। आईपीसीए ने टिकाऊ अपशिष्ट प्रबंधन को बढ़ावा दिया है। इंस्टॉलेशन के समय सुखविंदर सिंह देओल ने सुषमा क्रिसेंट की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां साफ़-सुथरा और हरा-भरा भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती हैं। देओल ने कहा कि सुषमा क्रिसेंट की यह पहल बाकी हाउसिंग सोसाइटियों के लिए भी एक मिसाल साबित होगी। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम 2026 का पालन करना अनिवार्य है। यह नई तकनीक कचरा प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे स्वच्छ और हरा-भरा वातावरण बनाने में मदद मिलेगी।