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Mohali News: उल्टी-दस्त और टाइफाइड का प्रकोप, एक हफ्ते में 36 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती
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जीरकपुर। भीषण गर्मी और उमस के बीच जीरकपुर, ढकोली और बलटाना क्षेत्रों में पेट संबंधी बीमारियों में वृद्धि हुई है। पिछले एक हफ्ते में ढकोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तीन दर्जन से अधिक मरीज उल्टी-दस्त और टाइफाइड के साथ पहुंचे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्थिति पर विशेष नजर रखते हुए जांच अभियान तेज कर दिया है। दूषित पेयजल और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों को संक्रमण का संभावित कारण माना जा रहा है। चंडीमंदिर मिलिट्री स्टेशन से जुड़े स्वास्थ्य अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर ढकोली के दशमेश एन्क्लेव, सोढ़ी एनक्लेव और कृष्णा एनक्लेव को संभावित रूप से प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। ढकोली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 10 से 15 नए मरीज पेट संबंधी समस्याओं के साथ उपचार के लिए आ रहे हैं। इनमें से कई मरीजों को गंभीर स्थिति के कारण भर्ती भी करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने दूषित पेयजल, अत्यधिक गर्मी और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन को संक्रमण फैलने की प्रमुख वजह बताया है।
स्वास्थ्य विभाग ने पानी के नमूने लेकर शुरू की जांच
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच शुरू कर दी है। जल स्रोतों में क्लोरीनेशन बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की अपील की है। उन्होंने ताजा भोजन खाने और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा है।
दूषित पानी पीने से चुकी है कई लोगों की मौत
जीरकपुर शहर में पहले भी दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। करीब तीन वर्ष पहले एकता विहार बलटाना में भी एक बच्ची की मृत्यु हो गई थी। कुछ महीने पहले स्थानीय गांव नाभा में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर से दूषित पानी के कारण लोगों में पेट से संबंधित बीमारियां फैलने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी समस्या से बचने के लिए समय-समय पर शहर के सभी ट्यूबवेलों के पानी के नमूने लेकर जांच करवानी चाहिए।
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फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी व्यक्ति में पेट दर्द, उल्टी, दस्त या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। - गगनदीप सिंह शेरगिल, एसएमओ, सीएचसी, ढकोली
स्वास्थ्य विभाग ने पानी के नमूने लेकर शुरू की जांच
स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच अभियान तेज कर दिया है। विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों से पानी के नमूने एकत्र कर उनकी जांच शुरू कर दी है। जल स्रोतों में क्लोरीनेशन बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पीने की अपील की है। उन्होंने ताजा भोजन खाने और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा है।
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दूषित पानी पीने से चुकी है कई लोगों की मौत
जीरकपुर शहर में पहले भी दूषित पानी पीने से कई लोगों की मौत हो चुकी है। करीब तीन वर्ष पहले एकता विहार बलटाना में भी एक बच्ची की मृत्यु हो गई थी। कुछ महीने पहले स्थानीय गांव नाभा में दूषित पानी के कारण कई लोगों की मौत हो गई थी। अब एक बार फिर से दूषित पानी के कारण लोगों में पेट से संबंधित बीमारियां फैलने लगी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन को ऐसी समस्या से बचने के लिए समय-समय पर शहर के सभी ट्यूबवेलों के पानी के नमूने लेकर जांच करवानी चाहिए।
फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है। किसी भी व्यक्ति में पेट दर्द, उल्टी, दस्त या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी जाती है, ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। - गगनदीप सिंह शेरगिल, एसएमओ, सीएचसी, ढकोली