{"_id":"696566061660ddcad20058c7","slug":"dilapidated-roads-a-survey-was-conducted-after-12-years-but-construction-has-not-yet-begun-mohali-news-c-71-1-mli1016-137900-2026-01-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"जर्जर सड़कें : 12 साल बाद किया केवल सर्वे, निर्माण आज तक नहीं हुआ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जर्जर सड़कें : 12 साल बाद किया केवल सर्वे, निर्माण आज तक नहीं हुआ
विज्ञापन
विज्ञापन
जीरकपुर। नगर परिषद लोगों को गड्ढा मुक्त सड़कें तक नहीं दे पा रही है। आए दिन जर्जर सड़कों पर वाहन चालक फिसलकर चोटिल हो रहे हैं। शिकायतों के बाद भी नगर परिषद की आंखें नहीं खुल रही है। बलटाना स्थित हरमिलाप नगर फेज-1 की जर्जर सड़कों को लेकर स्थानीय लोगों ने नगर परिषद की ढीली कार्यप्रणाली और लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। स्थानीय लोगों ने एमसी पर आरोप लगाकर कहा कि करीब छह माह पहले हरमिलाप नगर फेज-1 की जर्जर सड़कों का नगर परिषद ने सर्वे किया था, यहां तक कि सर्वे करने आए नगर परिषद के कर्मचारियों ने जर्जर सड़कों को जल्द बनाने का वादा भी किया था, जो कि अभी तक पूरा नहीं हुई है।
स्थानीय निवासी हरमिलाप नगर प्रोग्रेसी सोसाइटी के प्रधान बालकिशन सिंह ने बताया कि यहां की टूटी सड़कों के लेकर नगर परिषद को कई बार शिकायत दी गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हरमिलाप नगर फेज-1 की सड़कें आज से करीब 12 साल पहले 2013-14 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार में पूर्व विधायक एनके शर्मा की नेतृत्व में बनीं थी। इसके बाद से हरमिलाप नगर की सड़कों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। रोजाना स्कूल जाने वाले छात्र, बुजुर्ग, दो पहिया वाहन चालक महिला जर्जर सड़कों पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है।
कोट
परिषद नहीं दे पा रही सड़क
हरमिलाप नगर के लोगों ने अपनी कमाई से घर तो अच्छे खासे बना लिए हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि सरकार उनको करीब 12 साल के अधिक समय से अच्छी सड़कें नहीं दे पा रही है। जबकि सरकार हर आदमी से टैक्स ले रही है। समय पर लोगों को मूलभूत सुविधा नहीं मिलना इससे ज्यादा बुरा और क्या हो सकता है। - बालकिशन सिंह, हरमिलाप नगर, प्रोग्रेसी सोसाइटी प्रधान
कोट
सर्वे किया सड़क नहीं बनी
करीब 6 माह पहले हरमिलाप नगर फेज-1 की सड़कों का सर्वे करने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी आए थे। जब उनसे पूछा तो बताया कि जल्द ही जर्जर सड़कों को बनाया जाएगा लेकिन उस दिन के बाद न तो अभी तक सड़क बनीं और न ही कोई कर्मचारी दोबारा वापस आया। लगता है अधिकारी अपना वादा भूल गए। -अजमेर सिंह, निवासी हरमिलाप नगर, फेज-1
नहीं होती शिकायतों पर सुनवाई
पंजाब में खासकर जीरकपुर में शिकायतों की सुनवाई नहीं होती है। आम लोग कितनी भी शिकायत कर लें, लेकिन उसका रिजल्ट जीरो है। यहां सुनवाई नहीं होती है। जीरकपुर में भ्रष्टाचार फलफूल रहा है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 साल से हरमिलाप नगर की सड़कें नहीं बनीं हैं। इससे ज्यादा स्थानीय लोगों के लिए और क्या बुरा हो सकता है। - विजय कुमार अरोरा, निवासी हरमिलाप नगर फेज-1
बीमारी की रहती है संभावना
हरमिलाप नगर में करोड़ों की कोठियां बनीं हैं, लेकिन सड़कों की वजह से उनकी कोई वैल्यू नहीं है। वाहन चलने से धूल के गुबार उठते हैं। घरों में धूल घुसती है। धूल की वजह से बच्चे भी घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। बीमारी का डर लगा रहता है। लेकिन एक आम आदमी कर भी क्या सकता है बस झेल रहे हैं। - जया वर्मा, निवासी हरमिलाप नगर फेज-1
सोमवार को सड़कों के टेंडर खोल दिए हैं। अगले कुछ ही दिनों में टूटी सड़कों का काम पूरा हो जाएगा। किसी भी वाहन चालक और राहगीर को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। - परविंदर भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।
Trending Videos
स्थानीय निवासी हरमिलाप नगर प्रोग्रेसी सोसाइटी के प्रधान बालकिशन सिंह ने बताया कि यहां की टूटी सड़कों के लेकर नगर परिषद को कई बार शिकायत दी गई है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि हरमिलाप नगर फेज-1 की सड़कें आज से करीब 12 साल पहले 2013-14 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार में पूर्व विधायक एनके शर्मा की नेतृत्व में बनीं थी। इसके बाद से हरमिलाप नगर की सड़कों पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। रोजाना स्कूल जाने वाले छात्र, बुजुर्ग, दो पहिया वाहन चालक महिला जर्जर सड़कों पर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। लेकिन किसी को कोई परवाह नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोट
परिषद नहीं दे पा रही सड़क
हरमिलाप नगर के लोगों ने अपनी कमाई से घर तो अच्छे खासे बना लिए हैं, लेकिन हैरानी की बात है कि सरकार उनको करीब 12 साल के अधिक समय से अच्छी सड़कें नहीं दे पा रही है। जबकि सरकार हर आदमी से टैक्स ले रही है। समय पर लोगों को मूलभूत सुविधा नहीं मिलना इससे ज्यादा बुरा और क्या हो सकता है। - बालकिशन सिंह, हरमिलाप नगर, प्रोग्रेसी सोसाइटी प्रधान
कोट
सर्वे किया सड़क नहीं बनी
करीब 6 माह पहले हरमिलाप नगर फेज-1 की सड़कों का सर्वे करने के लिए नगर परिषद के कर्मचारी आए थे। जब उनसे पूछा तो बताया कि जल्द ही जर्जर सड़कों को बनाया जाएगा लेकिन उस दिन के बाद न तो अभी तक सड़क बनीं और न ही कोई कर्मचारी दोबारा वापस आया। लगता है अधिकारी अपना वादा भूल गए। -अजमेर सिंह, निवासी हरमिलाप नगर, फेज-1
नहीं होती शिकायतों पर सुनवाई
पंजाब में खासकर जीरकपुर में शिकायतों की सुनवाई नहीं होती है। आम लोग कितनी भी शिकायत कर लें, लेकिन उसका रिजल्ट जीरो है। यहां सुनवाई नहीं होती है। जीरकपुर में भ्रष्टाचार फलफूल रहा है। इस बात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 12 साल से हरमिलाप नगर की सड़कें नहीं बनीं हैं। इससे ज्यादा स्थानीय लोगों के लिए और क्या बुरा हो सकता है। - विजय कुमार अरोरा, निवासी हरमिलाप नगर फेज-1
बीमारी की रहती है संभावना
हरमिलाप नगर में करोड़ों की कोठियां बनीं हैं, लेकिन सड़कों की वजह से उनकी कोई वैल्यू नहीं है। वाहन चलने से धूल के गुबार उठते हैं। घरों में धूल घुसती है। धूल की वजह से बच्चे भी घरों से बाहर नहीं निकलते हैं। बीमारी का डर लगा रहता है। लेकिन एक आम आदमी कर भी क्या सकता है बस झेल रहे हैं। - जया वर्मा, निवासी हरमिलाप नगर फेज-1
सोमवार को सड़कों के टेंडर खोल दिए हैं। अगले कुछ ही दिनों में टूटी सड़कों का काम पूरा हो जाएगा। किसी भी वाहन चालक और राहगीर को परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। - परविंदर भट्टी, ईओ, नगर परिषद जीरकपुर।