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पंजाब कांग्रेस में हाईकमान का सख्त संदेश: कोई नेतृत्व परिवर्तन नहीं, गुटबाजी बर्दाश्त नहीं
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-नेताओं को सलाह, सार्वजनिक रूप से पार्टी के मामले मंचाें पर न उठाएं
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अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले छिड़ी कलह और गुटबाजी ने राष्ट्रीय नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इस संदर्भ में वीरवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के लगभग 30 वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली।
बैठक में हाईकमान ने कहा कि पंजाब में किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपनी जिम्मेदारी बनाए रखेंगे। साथ ही पार्टी में गुटबाजी और अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने नेताओं से अपील की कि जनता की उम्मीदों और पार्टी की छवि के लिए एकजुटता जरूरी है।
कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध
बैठक के बाद कांग्रेसी नेता वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि विवादित मुद्दों को सिर्फ हाईकमान के सामने उठाया जाए, मीडिया या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बयान न दें। नेताओं को अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है। दलित और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व पर पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस एससी, एसटी और कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह उपस्थित थे। भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सभी एकजुटता के साथ चुनाव में उतरेगी और सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा करेगी। हाईकमान का यह संदेश साफ कर देता है कि पार्टी किसी भी कीमत पर आंतरिक कलह को बर्दाश्त नहीं करेगी।
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चंडीगढ़। चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस में विधानसभा चुनाव से पहले छिड़ी कलह और गुटबाजी ने राष्ट्रीय नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है। इस संदर्भ में वीरवार को नई दिल्ली में वरिष्ठ नेता राहुल गांधी और राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के लगभग 30 वरिष्ठ नेताओं की बैठक ली।
बैठक में हाईकमान ने कहा कि पंजाब में किसी भी तरह का नेतृत्व परिवर्तन नहीं होगा। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग अपनी जिम्मेदारी बनाए रखेंगे। साथ ही पार्टी में गुटबाजी और अनुशासनहीनता को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने नेताओं से अपील की कि जनता की उम्मीदों और पार्टी की छवि के लिए एकजुटता जरूरी है।
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कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध
बैठक के बाद कांग्रेसी नेता वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी ने नेताओं को निर्देश दिए हैं कि विवादित मुद्दों को सिर्फ हाईकमान के सामने उठाया जाए, मीडिया या सोशल मीडिया पर सार्वजनिक बयान न दें। नेताओं को अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है। दलित और अन्य पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व पर पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस एससी, एसटी और कमजोर वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में पंजाब के प्रभारी महासचिव भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता अंबिका सोनी, नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, महासचिव सुखजिंदर सिंह रंधावा, राणा केपी सिंह, विजय इंदर सिंगला और डॉ. अमर सिंह उपस्थित थे। भूपेश बघेल ने कहा कि पंजाब में कांग्रेस सभी एकजुटता के साथ चुनाव में उतरेगी और सरकार बनाने का लक्ष्य पूरा करेगी। हाईकमान का यह संदेश साफ कर देता है कि पार्टी किसी भी कीमत पर आंतरिक कलह को बर्दाश्त नहीं करेगी।