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Patiala News: पीआरटीसी कर्मियों को अब तक वेतन-पेंशन नहीं, रैली निकाल पुतले फूंके
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-सरकार से 600 करोड़ बकाया जारी करने की मांग
-- -
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी के कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन और पेंशन अब तक न मिलने से रोष बढ़ता जा रहा है। वीरवार को रिटायर्ड वर्कर्स भाईचारा यूनियन और पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने नए बस स्टैंड पर जोरदार रैली कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के पुतले फूंके गए और नारेबाजी की गई।
मुलाजिम नेता निर्मल सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को दी जा रही मुफ्त यात्रा सुविधा के बदले पीआरटीसी को मिलने वाले करीब 600 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर रही। इसी कारण कर्मचारियों को हर माह वेतन और पेंशन समय पर नहीं मिल पा रही। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर कर्मचारियों और उनके परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
सरकार पर गंभीर आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मुफ्त सफर के नाम पर जनता पर एहसान जताती है जबकि इसकी कीमत पीआरटीसी के कर्मचारी चुका रहे हैं। कर्मचारियों को भूखा रखकर दी जा रही यह सुविधा सरकारी ट्रांसपोर्ट को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के चार साल के कार्यकाल में पीआरटीसी के बेड़े में एक भी नई बस शामिल नहीं की गई।
150 करोड़ से ज्यादा का बकाया
एक्शन कमेटी के अनुसार पीआरटीसी कर्मचारियों का करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया लंबित है। इसमें पे कमीशन का एरियर, रिटायर्ड कर्मचारियों के भुगतान, मेडिकल बिल, डीए एरियर, संशोधित ग्रास वेतन और एसीपी लाभ शामिल हैं। नेताओं ने इसे आर्थिक उत्पीड़न करार देते हुए कहा कि हर माह पहली तारीख को वेतन और पेंशन न मिलना सबसे बड़ा अन्याय है। प्रदर्शनकारियों ने पीआरटीसी प्रबंधन की भी कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि न तो सरकार और न ही मैनेजमेंट को इस बात की चिंता है कि कर्मचारी बच्चों की फीस, इलाज, बैंक किस्तें और सामाजिक जिम्मेदारियां कैसे निभाएं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-जनवरी का वेतन और पेंशन तुरंत जारी हो।
-मुफ्त यात्रा के बदले 600 करोड़ का भुगतान।
-सभी लंबित एरियर और बकाया का निपटारा।
-वेतन-पेंशन हर माह तय तारीख पर मिले।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला।
पंजाब रोडवेज पनबस/पीआरटीसी के कर्मचारियों को जनवरी माह का वेतन और पेंशन अब तक न मिलने से रोष बढ़ता जा रहा है। वीरवार को रिटायर्ड वर्कर्स भाईचारा यूनियन और पीआरटीसी वर्कर्स एक्शन कमेटी के बैनर तले कर्मचारियों ने नए बस स्टैंड पर जोरदार रैली कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के पुतले फूंके गए और नारेबाजी की गई।
मुलाजिम नेता निर्मल सिंह धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को दी जा रही मुफ्त यात्रा सुविधा के बदले पीआरटीसी को मिलने वाले करीब 600 करोड़ रुपये का भुगतान नहीं कर रही। इसी कारण कर्मचारियों को हर माह वेतन और पेंशन समय पर नहीं मिल पा रही। उन्होंने कहा कि इसका सीधा असर कर्मचारियों और उनके परिवारों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।
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सरकार पर गंभीर आरोप
नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार मुफ्त सफर के नाम पर जनता पर एहसान जताती है जबकि इसकी कीमत पीआरटीसी के कर्मचारी चुका रहे हैं। कर्मचारियों को भूखा रखकर दी जा रही यह सुविधा सरकारी ट्रांसपोर्ट को कमजोर करने की साजिश है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार के चार साल के कार्यकाल में पीआरटीसी के बेड़े में एक भी नई बस शामिल नहीं की गई।
150 करोड़ से ज्यादा का बकाया
एक्शन कमेटी के अनुसार पीआरटीसी कर्मचारियों का करीब 150 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया लंबित है। इसमें पे कमीशन का एरियर, रिटायर्ड कर्मचारियों के भुगतान, मेडिकल बिल, डीए एरियर, संशोधित ग्रास वेतन और एसीपी लाभ शामिल हैं। नेताओं ने इसे आर्थिक उत्पीड़न करार देते हुए कहा कि हर माह पहली तारीख को वेतन और पेंशन न मिलना सबसे बड़ा अन्याय है। प्रदर्शनकारियों ने पीआरटीसी प्रबंधन की भी कड़ी आलोचना की। उनका कहना था कि न तो सरकार और न ही मैनेजमेंट को इस बात की चिंता है कि कर्मचारी बच्चों की फीस, इलाज, बैंक किस्तें और सामाजिक जिम्मेदारियां कैसे निभाएं।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
-जनवरी का वेतन और पेंशन तुरंत जारी हो।
-मुफ्त यात्रा के बदले 600 करोड़ का भुगतान।
-सभी लंबित एरियर और बकाया का निपटारा।
-वेतन-पेंशन हर माह तय तारीख पर मिले।