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पंजाब में बदला माैसम: तेज हवाओं के साथ बरसे बादल, मानसा में भारी बारिश से जलभराव; किसान परेशान
Thu, 15 Oct 2026 07:57 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Thu, 15 Oct 2026 07:57 AM IST
सार
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को भी कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद 17 से 20 अक्तूबर तक मौसम शुष्क रहने का पूर्वानुमान है।
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मानसा डीसी के घर के बाहर बारिश का पानी रोकने के लिए लगाए बांध।
- फोटो : संवाद
विस्तार
पंजाब में वीरवार को मौसम के मिजाज बदल गए। मानसा में आज सुबह भारी बारिश शुरू हो गई, जिससे शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया। कई जगहों पर लोगों के घरों में भी पानी घुसने की सूचना है।
बारिश के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। मंडियों में खुले में पड़ा धान बारिश के कारण भीग गया है। खेतों में धान की कटाई का काम पहले ही पिछले दिनों हुई बारिश के कारण प्रभावित हो रहा था। अब दोबारा बारिश होने से कटाई में और देरी होने की आशंका है। इसके अलावा खेतों में नरमे की चुगाई का काम भी प्रभावित होगा।
वहीं फरीदकोट, राजपुरा समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ आई बरसात से माैसम में ठंडक घुल गई।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के बठिंडा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर कौर ने 15 अक्तूबर को बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। उन्होंने बताया था कि पंजाब के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी आशंका है।
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उन्होंने किसानों को सलाह दी थी कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करें और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए पहले से जरूरी प्रबंध करें। कटाई के लिए तैयार धान की फसल को मौसम साफ होने पर जल्द काटने का प्रयास करें। कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
डॉ. जतिंदर कौर ने मंडियों में पड़े धान और अन्य फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से अच्छी तरह ढकने तथा पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने की सलाह भी दी थी। उन्होंने नरमे की चुगाई मौसम साफ होने के बाद करने को कहा था।
खेतों में सिंचाई से बचने की सलाह
मानसा के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह सिद्धू ने बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में सिंचाई करने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान सब्जियों के खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी के उचित प्रबंध करें। तेज हवाओं के कारण फसलों के गिरने और अन्य नुकसान की आशंका को देखते हुए भी जरूरी सावधानियां बरतें।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव
भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है। कुछ स्थानों पर लोगों के घरों में भी पानी भरने से परेशानी बढ़ गई है। बारिश के चलते शहर में जलनिकासी व्यवस्था और किसानों के सामने खड़ी चुनौतियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।
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बारिश के कारण जहां आम जनजीवन प्रभावित हुआ है, वहीं किसानों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। मंडियों में खुले में पड़ा धान बारिश के कारण भीग गया है। खेतों में धान की कटाई का काम पहले ही पिछले दिनों हुई बारिश के कारण प्रभावित हो रहा था। अब दोबारा बारिश होने से कटाई में और देरी होने की आशंका है। इसके अलावा खेतों में नरमे की चुगाई का काम भी प्रभावित होगा।
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वहीं फरीदकोट, राजपुरा समेत कई शहरों में तेज हवाओं के साथ आई बरसात से माैसम में ठंडक घुल गई।
पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के बठिंडा स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र की विशेषज्ञ डॉ. जतिंदर कौर ने 15 अक्तूबर को बारिश, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की संभावना जताई थी। उन्होंने बताया था कि पंजाब के कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि होने की भी आशंका है।
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उन्होंने किसानों को सलाह दी थी कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर कृषि कार्य करें और फसलों को संभावित नुकसान से बचाने के लिए पहले से जरूरी प्रबंध करें। कटाई के लिए तैयार धान की फसल को मौसम साफ होने पर जल्द काटने का प्रयास करें। कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रखें।
डॉ. जतिंदर कौर ने मंडियों में पड़े धान और अन्य फसलों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल से अच्छी तरह ढकने तथा पानी की निकासी के उचित प्रबंध करने की सलाह भी दी थी। उन्होंने नरमे की चुगाई मौसम साफ होने के बाद करने को कहा था।
खेतों में सिंचाई से बचने की सलाह
मानसा के मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. हरजिंदर सिंह सिद्धू ने बारिश की संभावना को देखते हुए किसानों को खेतों में सिंचाई करने से बचने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि किसान सब्जियों के खेतों में पानी जमा न होने दें और निकासी के उचित प्रबंध करें। तेज हवाओं के कारण फसलों के गिरने और अन्य नुकसान की आशंका को देखते हुए भी जरूरी सावधानियां बरतें।
शहर के निचले इलाकों में जलभराव
भारी बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी जमा हो गया है। कुछ स्थानों पर लोगों के घरों में भी पानी भरने से परेशानी बढ़ गई है। बारिश के चलते शहर में जलनिकासी व्यवस्था और किसानों के सामने खड़ी चुनौतियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।