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CBSE News: ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से होगी 12वीं की कॉपियों की जांच, बोर्ड ने किया बड़ा फैसला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अजमेर
Published by: अजमेर ब्यूरो
Updated Tue, 10 Feb 2026 04:21 PM IST
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सार
बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में
सीबीएसई ने बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026 से कक्षा 12वीं की कॉपियों की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से की जाएगी।
CBSE की परीक्षा व्यवस्था में डिजिटल क्रांति
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विस्तार
सीबीएसई ने परीक्षा मूल्यांकन प्रणाली में बड़ा बदलाव करते हुए वर्ष 2026 से कक्षा 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली से करने का निर्णय लिया है। बोर्ड का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था से मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और त्रुटिरहित होगी।
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परीक्षा नियंत्रक संयम भारद्वाज द्वारा जारी आदेश के अनुसार CBSE हर वर्ष भारत सहित 26 देशों में कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं आयोजित करता है, जिनमें करीब 46 लाख विद्यार्थी शामिल होते हैं। इतनी बड़ी संख्या में उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में समय और संसाधनों की भारी खपत होती है। ऑन-स्क्रीन मार्किंग लागू होने से पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होगी।
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नई प्रणाली में अंकों की टोटलिंग ऑटोमेटिक होगी, जिससे मैन्युअल त्रुटियों की संभावना समाप्त हो जाएगी। अधिक संख्या में शिक्षक ऑनलाइन माध्यम से मूल्यांकन कर सकेंगे, जिससे परिणाम शीघ्र घोषित किए जा सकेंगे। उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन की आवश्यकता नहीं होगी और शिक्षक अपने ही विद्यालय में रहकर मूल्यांकन कर सकेंगे। इससे समय, खर्च और कागज की बचत होगी। रिजल्ट के बाद अंकों के सत्यापन की आवश्यकता भी कम होगी, जिससे छात्रों और बोर्ड दोनों को राहत मिलेगी।
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स्कूलों को करना होगा तकनीकी प्रबंध
ऑन-स्क्रीन मार्किंग के लिए स्कूलों में आवश्यक तकनीकी सुविधाएं अनिवार्य होंगी। इसके तहत सार्वजनिक स्टेटिक आईपी युक्त कंप्यूटर लैब, विंडोज 8 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम, न्यूनतम 4 जीबी रैम, 1 जीबी फ्री स्पेस, नवीनतम इंटरनेट ब्राउजर, एडोब रीडर, कम से कम 2 एमबीपीएस की स्थिर इंटरनेट सुविधा और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी।
शिक्षकों का डेटा अपडेट जरूरी
सीबीएसई ने निर्देश दिए हैं कि कक्षा 11वीं और 12वीं के शिक्षकों को OSM मूल्यांकन के लिए तैनात किया जाएगा। मूल्यांकन से पूर्व उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा और लॉगिन क्रेडेंशियल उनके मोबाइल व ईमेल पर भेजे जाएंगे।
इसके लिए OASIS पोर्टल पर शिक्षकों का नाम, विषय, अनुभव, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी अपडेट करना अनिवार्य है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि यदि 13 फरवरी शाम 4 बजे तक डेटा अपडेट नहीं किया गया, तो संबंधित स्कूल का परिणाम रोका जा सकता है।
सीबीएसई ने स्पष्ट किया है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बाधा को गंभीर उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित स्कूल या शिक्षक के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह पहल शिक्षा प्रणाली को डिजिटल युग के अनुरूप बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और समयबद्ध हो सकेगी।
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