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आज से बड़े बदलाव: राजस्व न्यायालयों में 7 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग; आज से हर रोज 4 घंटे की सुनवाई अनिवार्य

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 01 Apr 2026 11:35 AM IST
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सार

राजस्थान के 1700 राजस्व न्यायालयों में पेंडिंग मामलों की संख्या बढ़ती जा रही है। मौजूदा समय में करीब 7 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं। इसमें सबसे ज्यादा एसडीओ कोर्ट में हैं। आज से राजस्व न्यायालयों में हर रोज 4 घंटे सुनवाई होगी- 

Rajasthan cracks down on pendency in revenue courts; 4-hour daily hearings mandated
राजस्थान राजस्व की स्थिति - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार

राजस्थान सरकार ने राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए नए वित्तीय वर्ष से विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का उद्देश्य वर्षों से लंबित विवादों को तेजी से निपटाना और न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राज्यभर के राजस्व अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन निर्देशों के तहत तहसील से लेकर जिला और संभाग स्तर तक न्यायिक कार्यवाही को सुव्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।

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निर्देशों के अनुसार सभी राजस्व न्यायालयों में प्रतिदिन सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक अनिवार्य रूप से चार घंटे की नियमित सुनवाई करनी होगी। साथ ही तीन साल से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस की समय पर तामील सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर अखबारों में प्रकाशन का सहारा लेने को भी कहा गया है।
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उपखंड अधिकारियों और सहायक कलेक्टरों को 1 अप्रैल 2026 तक के 100 सबसे पुराने लंबित मामलों की पहचान कर उन्हें चालू वित्तीय वर्ष में प्राथमिकता से निस्तारित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए मासिक प्रगति समीक्षा भी अनिवार्य होगी। सरकार ने यह भी माना है कि नोटिस में देरी, रिकॉर्ड की अनुपलब्धता और प्रक्रियागत खामियां लंबित मामलों का मुख्य कारण हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए निस्तारण प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जाएगी।



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संभागीय आयुक्तों और जिला कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण करने तथा प्रगति में सुधार की रिपोर्ट राजस्व मंडल को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं पुराने मामलों में रिकॉर्ड प्रस्तुत न करने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। मुख्य सचिव ने इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि लंबित मामलों में कमी आए और आमजन को समय पर न्याय मिल सके।

राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की स्थिति
राजस्थान के करीब 1700 से अधिक राजस्व न्यायालयों में 10 लाख लाख से ज्यादा मामले रजिस्टर्ड हैं
करीब साढ़े 7 लाख से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं। इनमें  सबसे ज्यादा पेंडेंसी 5 लाख 77 हजार से ज्यादा एसडीओ कोर्ट में तथा इसके बाइद रेवेन्यू बोर्ड में दूसरे नंबर पर सर्वाधिक सवा लाख मामले पेंडिंग हैं। पेंडेंसी में 83 प्रतिशत(लगभग 4 लाख मामले) मामले 1 साल से अधिक पुराने एवं 10 प्रतिशत मामले करीब एक साल पुराने
इनमें मुख्य रूप से नामांतरण (दाखिल - ख़ारिज ), जमीन पर मालिकाना हक की घोषणा से सम्बंधित मुक़दमे व बटवारा के वाद से जुड़े मुकदमें शामिल हैं। 

पेंडेंसी का मुख्य कारण

-न्यायिक अधिकारियों की कमी और नियमित रूप से न्यायालय में न बैठना।
- तकनीकी संसाधनों की कमी और प्रक्रियागत जटिलताएं।
- अधिकारियों का स्थानांतरण होने से मामलों की सुनवाई में देरी। 

सरकार ने इस स्थिति से निपटने के लिए ऑनलाइन केस मैनेजमेंट सिस्टम और नियमित मासिक समीक्षा के निर्देश दिए हैं ताकि पेंडेंसी कम हो सके।

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