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पश्चिम एशिया युद्ध की भारी कीमत: जीडीपी में 2025 की बढ़ोतरी से ज्यादा का नुकसान, UN की रिपोर्ट में अहम खुलासा

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, न्यूयॉर्क Published by: Nitin Gautam Updated Wed, 01 Apr 2026 10:11 AM IST
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सार

पश्चिम एशिया में जारी संकट का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है, लेकिन पश्चिम एशियाई देशों की अर्थव्यवस्था पर इसका असर ज्यादा गहरा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट के अनुसार, युद्ध के चलते पश्चिम एशियाई क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है और 40 लाख से ज्यादा लोगों के गरीबी रेखा से नीचे जाने की आशंका है। 

west asia crisis war may cause losses exceeding 2025 regional cumulative GDP says UN report
ईरान इस्राइल युद्ध - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव, अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। यह युद्ध जितना लंबा खिंच रहा है, वैश्विक स्तर पर उसका उतना ही गहरा असर पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि पश्चिम एशिया के देशों ने बीते साल यानी 2025 में जितनी कुल जीडीपी बढ़ोतरी की थी, ईरान युद्ध में उससे ज्यादा का अब तक नुकसान हो चुका है। साथ ही ये भी कहा गया है कि युद्ध जैसे-जैसे लंबा खिंचेगा, ये नुकसान और बढ़ता जाएगा। 
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पिछले साल की कुल वृद्धि से ज्यादा का हो सकता है नुकसान
संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) की रिपोर्ट के अनुसार, इस युद्ध से पश्चिम एशिया की अर्थव्यवस्थाओं को उनकी सामूहिक जीडीपी का 3.7 से 6 प्रतिशत तक नुकसान हो सकता है। यह नुकसान अधिकतम 194 अरब डॉलर तक हो सकता है। यह कुल आर्थिक नुकसान 2025 में पश्चिम एशिया क्षेत्र द्वारा हासिल की गई जीडीपी वृद्धि से भी अधिक हो सकता है।
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40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं
'मिलिट्री एस्केलेशन इन द मिडिल ईस्ट: इकोनॉमिक एंड सोशल इम्प्लिकेशंस फॉर द अरब स्टेट्स रीजन' शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में कहा गया है कि बेरोजगारी दर में लगभग 4 प्रतिशत अंकों तक वृद्धि हो सकती है, जिससे करीब 36 लाख नौकरियां खत्म हो सकती हैं। यह संख्या 2025 में सृजित कुल नौकरियों से भी अधिक है। रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रतिकूल परिस्थितियों के चलते लगभग 40 लाख लोग गरीबी रेखा के नीचे जा सकते हैं।

रिपोर्ट में क्षेत्र की संरचनात्मक कमजोरियों को उजागर किया गया है, जो यह दिखाती हैं कि अल्पकालिक सैन्य तनाव भी पश्चिम एशिया में लंबे समय तक व्यापक सामाजिक-आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, मानव विकास सूचकांक (HDI) के आधार पर पश्चिम एशिया का मानव विकास लगभग 0.2 से 0.4 प्रतिशत तक गिर सकता है, जो करीब आधे वर्ष से लेकर लगभग एक वर्ष तक की प्रगति के नुकसान के बराबर है।

ये भी पढ़ें- West Asia Conflict LIVE: ईरान युद्ध में शामिल होने की तैयारी में यूएई, होर्मुज के नजदीकी द्वीपो पर नजर

संयुक्त राष्ट्र ने अरब देशों को दी सलाह
यूएनडीपी के अरब देशों के क्षेत्रीय ब्यूरो के निदेशक और संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव अब्दल्लाह अल दरदारी ने बताया, 'यह संकट क्षेत्र के देशों के लिए चेतावनी है कि वे अपनी राजकोषीय, क्षेत्रीय और सामाजिक नीतियों की रणनीति पर पुनर्विचार करें। यह क्षेत्र के विकास पथ में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।' उन्होंने कहा, 'हमारे निष्कर्ष इस बात पर जोर देते हैं कि क्षेत्रीय सहयोग को मजबूत करना जरूरी है, ताकि अर्थव्यवस्थाओं को हाइड्रोकार्बन आधारित वृद्धि पर निर्भरता से बाहर निकालकर अर्थव्यवस्थाओं का विविधीकरण किया जा सके। साथ ही उत्पादन आधार का विस्तार हो, व्यापार और लॉजिस्टिक्स प्रणाली सुरक्षित बने और आर्थिक साझेदारियां बढ़ें, जिससे संघर्षों के प्रभाव को कम किया जा सके।'


 
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