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जैसलमेर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: अलकनंदा नदी में गिरी कार, डॉक्टर समेत तीन की मौत; चार लापता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 03:54 PM IST
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सार
उत्तराखंड के देवप्रयाग के पास एक कार के 200 फीट गहरी खाई में गिरकर अलकनंदा नदी में बह जाने से जैसलमेर निवासी डॉ. दिनेश माली, उनकी माता और चालक की मौत हो गई। चार सदस्य लापता हैं।
उत्तराखंड की वादियों में घूमने निकला परिवार हादसे का शिकार हुआ
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
उत्तराखंड की वादियों में घूमने निकले राजस्थान के जैसलमेर निवासी एक परिवार की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं। देवप्रयाग के निकट हुए भीषण सड़क हादसे में एक कार अनियंत्रित होकर करीब 200 फीट गहरी खाई में गिर गई और सीधे अलकनंदा नदी में समा गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में जैसलमेर निवासी चिकित्सक डॉ. दिनेश माली, उनकी माता कमला देवी और वाहन चालक की मौत हो गई, जबकि परिवार के चार सदस्य अब भी लापता हैं। एक मासूम बच्चे को गंभीर हालत में बचा लिया गया है, जिसका अस्पताल में उपचार चल रहा है।
उत्तराखंड भ्रमण पर गया था परिवार
जानकारी के अनुसार, जैसलमेर शहर के दरियानाथ बावड़ी क्षेत्र निवासी माली परिवार उत्तराखंड भ्रमण पर गया था। परिवार पहले हरिद्वार पहुंचा और वहां धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इसके बाद परिवार के कुछ सदस्य पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के लिए रवाना हुए।
कार में सवार थे आठ लोग
बताया जा रहा है कि डॉ. दिनेश माली अपनी माता कमला देवी, बहन गुड्डी देवी और उनके बच्चों के साथ किराए की कार में देवप्रयाग क्षेत्र की ओर जा रहे थे। कार में कुल आठ लोग सवार थे। पहाड़ी मार्ग पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार गहरी खाई में जा गिरी। देखते ही देखते वाहन अलकनंदा नदी के तेज बहाव में बह गया।
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मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और फ्लड रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और नदी के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद तीन शव बरामद कर लिए हैं, जबकि चार लोगों की तलाश जारी है।
कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया
रेस्क्यू टीमों ने अलकनंदा नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया है। गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है, लेकिन नदी का तेज बहाव अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। हादसे में डॉ. दिनेश माली की बहन गुड्डी देवी और उनकी तीन बेटियां नर्मदा, जानवी तथा अश्लेषा लापता हैं। प्रशासन की ओर से लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
ये भी पढ़ें- Rajasthan News: राजस्थान में आबकारी विभाग का बड़ा पुनर्गठन, ‘आबकारी प्रवर्तन एवं निरोधक बल’ के गठन को मंजूरी
परिवार के लिए राहत की बात यह रही कि गुड्डी देवी के पुत्र आयुष्मान को बचाव दल ने घायल अवस्था में नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार माली परिवार जैसलमेर से ट्रेन के जरिए उत्तराखंड पहुंचा था। परिवार के मुखिया लूणाराम भी इस यात्रा में शामिल थे, लेकिन हरिद्वार पहुंचने के बाद वे वहीं रुक गए। डॉ. दिनेश माली अन्य परिजनों के साथ आगे की यात्रा पर निकल गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद परिवार इतनी बड़ी त्रासदी का सामना करेगा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार तत्काल उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। परिवार और स्थानीय लोग अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
उत्तराखंड भ्रमण पर गया था परिवार
जानकारी के अनुसार, जैसलमेर शहर के दरियानाथ बावड़ी क्षेत्र निवासी माली परिवार उत्तराखंड भ्रमण पर गया था। परिवार पहले हरिद्वार पहुंचा और वहां धार्मिक स्थलों के दर्शन किए। इसके बाद परिवार के कुछ सदस्य पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा के लिए रवाना हुए।
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कार में सवार थे आठ लोग
बताया जा रहा है कि डॉ. दिनेश माली अपनी माता कमला देवी, बहन गुड्डी देवी और उनके बच्चों के साथ किराए की कार में देवप्रयाग क्षेत्र की ओर जा रहे थे। कार में कुल आठ लोग सवार थे। पहाड़ी मार्ग पर अचानक चालक का वाहन से नियंत्रण हट गया और कार गहरी खाई में जा गिरी। देखते ही देखते वाहन अलकनंदा नदी के तेज बहाव में बह गया।
मौके पर पहुंची रेस्क्यू टीम
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और फ्लड रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र और नदी के तेज बहाव के कारण राहत एवं बचाव कार्य में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद तीन शव बरामद कर लिए हैं, जबकि चार लोगों की तलाश जारी है।
कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया गया
रेस्क्यू टीमों ने अलकनंदा नदी के कई किलोमीटर क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया है। गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है, लेकिन नदी का तेज बहाव अभियान को चुनौतीपूर्ण बना रहा है। हादसे में डॉ. दिनेश माली की बहन गुड्डी देवी और उनकी तीन बेटियां नर्मदा, जानवी तथा अश्लेषा लापता हैं। प्रशासन की ओर से लगातार खोजबीन की जा रही है, लेकिन देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका था।
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परिवार के लिए राहत की बात यह रही कि गुड्डी देवी के पुत्र आयुष्मान को बचाव दल ने घायल अवस्था में नदी से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। प्राथमिक उपचार के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उसका इलाज जारी है। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार माली परिवार जैसलमेर से ट्रेन के जरिए उत्तराखंड पहुंचा था। परिवार के मुखिया लूणाराम भी इस यात्रा में शामिल थे, लेकिन हरिद्वार पहुंचने के बाद वे वहीं रुक गए। डॉ. दिनेश माली अन्य परिजनों के साथ आगे की यात्रा पर निकल गए थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही घंटों बाद परिवार इतनी बड़ी त्रासदी का सामना करेगा।
घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के अन्य सदस्य और रिश्तेदार तत्काल उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए हैं। फिलहाल एसडीआरएफ, पुलिस और प्रशासन की टीमें लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई हैं। परिवार और स्थानीय लोग अब भी उनके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।