सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Balotra News ›   Balotra News: Suspicious death case in Saudi Arabia Ramesh Meghwal's body not returned home even after a month

सऊदी अरब में मौत: एक माह बाद भी वतन नहीं लौटा रमेश का शव; HC ने केंद्र, राज्य सरकार और दूतावास को थमाया नोटिस

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा Published by: हिमांशु प्रियदर्शी Updated Sun, 14 Dec 2025 06:31 PM IST
विज्ञापन
सार

Balotra News: सऊदी अरब में संदिग्ध हालात में मृत बालोतरा के युवक रमेश मेघवाल का शव एक माह बाद भी भारत नहीं लाया गया। मां ने हाईकोर्ट की शरण ली, जिस पर कोर्ट ने केंद्र, राज्य और दूतावास को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
 

Balotra News: Suspicious death case in Saudi Arabia Ramesh Meghwal's body not returned home even after a month
मृतक रमेश के शव को भारत लाने को लेकर हाईकोर्ट ने केंद्र, राज्य और दूतावास को नोटिस में दिए निर्देश - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार

सऊदी अरब में काम करने गए बालोतरा जिले के युवक रमेश मेघवाल की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन उसका शव अब तक भारत नहीं पहुंच पाया है। शव न आने से परिवार गहरे सदमे में है और मां बेटे की अंतिम झलक के इंतजार में हर दिन टूटती जा रही है।

Trending Videos

 
बेहतर भविष्य के सपने लेकर गया था विदेश
बालोतरा जिले के गिड़ा/सोहड़ा गांव निवासी रमेश मेघवाल (42) पढ़ा-लिखा और मेहनती युवक था। उसने बीएसटीसी की पढ़ाई की थी और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने तथा आगे की पढ़ाई के उद्देश्य से विदेश जाने का निर्णय लिया। अक्तूबर में वह स्थानीय एजेंटों के माध्यम से कतर के वीजा पर सऊदी अरब पहुंचा।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
काम और सुविधाओं को लेकर किया गया था वादा
परिजनों के अनुसार रमेश को बताया गया था कि उसे 20 ऊंटों की देखभाल का हल्का काम करना होगा, जिसमें दिन में केवल 2–3 घंटे काम, आरामदायक एसी कमरा और अन्य सुविधाएं मिलेंगी। लेकिन सऊदी अरब पहुंचते ही उसे वहां की वास्तविक परिस्थितियों का सामना करना पड़ा।
 
काम का अत्यधिक दबाव और कथित प्रताड़ना
परिवार का कहना है कि रमेश से 20–25 की जगह करीब 100 ऊंटों की देखभाल करवाई जा रही थी। मजदूर कम होने के कारण काम का दबाव लगातार बढ़ता गया। बड़े भाई गेनाराम के अनुसार रमेश ने फोन पर कई बार बताया था कि उसके साथ मारपीट होती है और माहौल अमानवीय है। उसने एजेंटों से भारत वापस भेजने की गुहार भी लगाई थी, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
 
13 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत
13 नवंबर को परिवार को रमेश की मौत की सूचना मिली। बताया गया कि उसकी मौत संदिग्ध हालात में हुई है। इसके बाद से परिवार लगातार शव के भारत आने का इंतजार कर रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी है।
 
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
रमेश की मौत के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। मां तीजो देवी का रो-रो कर बुरा हाल है। रिश्तेदार अपने काम छोड़कर एक महीने से परिवार के साथ हैं। परिजनों का कहना है कि रमेश आत्महत्या जैसा कदम उठाने वाला व्यक्ति नहीं था और वह जल्द घर लौटने की तैयारी कर रहा था।

यह भी पढ़ें- Congress Mahaarally: राजस्थान के नेताओं का दिल्ली कूच, बसों में भरकर जत्थे हुए रवाना
 
जनप्रतिनिधियों से लेकर मंत्रालय तक लगाई गुहार
परिजनों ने सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल और पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सहित कई जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। विदेश मंत्री और सऊदी दूतावास को पत्र लिखकर शव भारत लाने और निष्पक्ष जांच की मांग की गई, लेकिन एक महीने तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। 26 नवंबर को विदेश मंत्रालय से अंतिम संदेश मिला कि मामला जांच में है।
 
हाईकोर्ट ने माना गंभीर और मानवीय मामला
न्याय की आस में रमेश की मां तीजो देवी ने राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की। जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की सिंगल बेंच ने इसे गंभीर और मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा मामला मानते हुए केंद्र सरकार, राजस्थान सरकार और सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास के काउंसलर को नोटिस जारी कर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।

यह भी पढ़ें- Rajasthan News: कांग्रेस रैली पर शेखावत का तीखा बयान, जोधपुर दौरे में जनसुनवाई और विकास योजनाओं पर भी रखी बात
 
केंद्र सरकार का पक्ष और जांच की स्थिति
केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल भारत व्यास ने कोर्ट में बताया कि 10 दिसंबर को रियाद स्थित भारतीय दूतावास के कम्युनिटी वेलफेयर विभाग से ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें मौत को कथित आत्महत्या बताया गया है। सऊदी पुलिस जांच कर रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
 
परिवार की मांग और व्यापक सवाल
परिजनों की मांग है कि रमेश का शव जल्द भारत लाया जाए और सऊदी अरब में निष्पक्ष जांच कर दोषियों को सजा दी जाए। उनका कहना है कि यह मामला सिर्फ एक व्यक्ति की मौत का नहीं, बल्कि विदेशों में काम कर रहे हजारों प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा और अधिकारों से भी जुड़ा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed