2026 Election: बिहार की हॉट सीट पर इसी साल उप चुनाव; नितिन नवीन की छोड़ी कुर्सी पर कौन बैठेगा? खींचतान शुरू
Bihar News : बिहार के नए मुख्यमंत्री को लेकर बिल्कुल नए चेहरे पर दिल्ली में चर्चा तेज है। इस बीच बिहार की हॉट सीट पर उप चुनाव को लेकर भी खींचतान शुरू हो गई है। यह सीट नितिन नवीन के राज्यसभा जाने से खाली हुई है।
विस्तार
बिहार के नए मुख्यमंत्री के नामों की सूची में अब चौंकाने वाला नाम भी जुड़ रहा है। न विधायक, न विधान पार्षद। न भाजपा में ही कोई बड़ा चेहरा। वह नाम दिल्ली में ज्यादा चर्चा में है। नाम जब तक भारतीय जनता पार्टी घोषित नहीं करती, सिर्फ चर्चा ही कह सकते हैं। लेकिन, इधर बिहार की राजनीति में बिहार की सबसे हॉट सीट पर उप चुनाव की चर्चा तेज हो गई है। भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन के राज्यसभा चुनाव जीतने के बाद बिहार विधानसभा से इस्तीफे के बाद खाली हुई इस सीट को लेकर कई तरह की बातें चल रही हैं। प्रत्याशी तो कई दिख रहे हैं, लेकिन एक चर्चा जाति की भी है।
नितिन नवीन के सामने विपक्ष हुआ था धाराशाई
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में भी नितिन नवीन बांकीपुर से उतरे थे। बिहार चुनाव के दौरान विपक्षी महागठबंधन के अंदर इतनी सिरफुटौव्वल थी कि अंतिम समय तक वहां स्पष्ट नहीं था कि इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी देगी या राजद अपना उम्मीदवार उतारेगा। अंत में बन गई खिचड़ी। कांग्रेस नेत्री रेखा कुमारी ने राजद के टिकट पर नामांकन किया। राजद का सिम्बल हासिल करने के लिए उन्होंने कांग्रेस छोड़ तेजस्वी यादव की पार्टी ज्वाइन की थी। हालांकि, इस उठापटक का कोई फलाफल नहीं निकला। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की ओर से भाजपा प्रत्याशी नितिन नवीन ने बांकीपुर सीट पर बड़ी जीत हासिल की। उन्हें 98299 वोट मिले, जबकि रेखा कुमारी को 46363 मतों से संतोष करना पड़ा। प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी की प्रत्याशी वंदना कुमारी को 7717 मत मिले थे। बाकी, आम आदमी पार्टी सहित छोटे दलों और निर्दलीय तीन अंकों में अटक कर रह गए थे।
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पहला बड़ा सवाल- कायस्थों के पास रहेगी सीट?
बिहार चुनाव के बाद भाजपा ने बांकीपुर विधायक नितिन नवीन को पहले पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया और फिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी भी सौंप दी। इसके बाद उन्हें राज्यसभा भी बुला लिया। नितिन नवीन कायस्थ जाति से हैं। कायस्थों को बिहार की जातीय जनगणना के बाद से हाशिये पर रखा जा रहा था। कायस्थों के भारी प्रभाव वाले पटना की कुम्हरार सीट भाजपा ने कायस्थों से छीनी तो उसके लिए भी यही राय बनी थी। इसके बाद नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाकर पार्टी ने एक हद तक उस छवि को तोड़ दिया है। लेकिन, अब एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि कहीं भाजपा नितिन नवीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने के नाम पर कायस्थों की यह सीट भी तो नहीं छीन लेगी? कहा जा रहा है कि नितिन नवीन खुद ऐसा नहीं होने देंगे, लेकिन साथ-साथ यह भी बात सामने आ रही है कि उप चुनाव में भाजपा दूसरा दांव भी खेल सकती है।
अब तक सिर्फ कायस्थ ही प्रत्याशी प्रतीक्षा कर रहे
भाजपा इस सीट को कायस्थों के पास छोड़ती है या नहीं, यह भविष्य बताएगा। फिलहाल, भाजपा और विपक्षी दलों के अंदर कायस्थ प्रत्याशी ही उप चुनाव की तैयारी कर रहे हैं। इनमें एक मौजूदा विधान पार्षद भी हैं, जो इस प्रतिष्ठित सीट पर उतरने के लिए दिल्ली में कैंपेन कर रहे हैं। अपना नाम तय खुद नहीं बता रहे हैं, लेकिन प्रचार इसी तरह का हो रहा है। एक पूर्व विधायक के बेटे और छात्र नेता का नाम भी मार्केट में है। केंद्र की राजनीति कर रहे भाजपा के एक नेता विधायकी चुनाव में नहीं उतरना चाह रहे, हालांकि उनका नाम लंबे समय से चर्चा में है। खास बात यह भी है कि ऐसे नामों के बीच जदयू होकर भाजपा में आए एक पुराने राजनेता के नाम की भी चर्चा तेज है। यह सीट भाजपा की रही है, इसलिए जदयू की ओर से इसपर कोई तैयारी नहीं दिख रही है। दूसरी तरफ महागठबंधन की ओर से इस सीट पर भले ही पिछली बार राजद ने प्रत्याशी उतारा था, लेकिन कांग्रेस के एक कायस्थ नेता इसके लिए प्रयासरत हैं।
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