सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Balotra News ›   Balotra News: Massive Rare Earth Mineral Reserves Found in Siwana, Big Boost for India’s Future

Balotra News: बालोतरा की धरती में ‘भविष्य का खजाना’, सिवाना में मिला रेयर अर्थ मिनरल्स का विशाल भंडार

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा Published by: बालोतरा ब्यूरो Updated Mon, 25 May 2026 07:58 AM IST
विज्ञापन
सार

राजस्थान का बालोतरा अब सिर्फ रिफाइनरी परियोजना के लिए नहीं, बल्कि देश के भविष्य की हाईटेक ताकत के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। सिवाना क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स को भारत की सामरिक और आर्थिक सुरक्षा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है
 

Balotra News: Massive Rare Earth Mineral Reserves Found in Siwana, Big Boost for India’s Future
राजस्थान में मिले क्रिटिकल मिनरल्स
विज्ञापन

विस्तार

बालोतरा जिला अब सिर्फ रिफाइनरी परियोजना या पेट्रो-इंडस्ट्री के लिए ही नहीं, बल्कि देश की सामरिक, तकनीकी और आर्थिक सुरक्षा के एक नए केंद्र के रूप में उभरता दिखाई दे रहा है। जिले के सिवाना क्षेत्र में मिले रेयर अर्थ मिनरल्स (दुर्लभ खनिज) ने देशभर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। यह खोज भारत को रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण जैसे हाईटेक क्षेत्रों में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है।


केंद्रीय खान मंत्रालय की टेक्निकल कम कॉस्ट कमेटियों की जयपुर में हुई संयुक्त बैठक में सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में मौजूद दुर्लभ खनिजों के विशाल भंडार को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यह सामने आया कि सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स के अलग-अलग हिस्सों में रेयर अर्थ एलिमेंट्स (REE), हेवी रेयर अर्थ एलिमेंट्स (HREE) और कई क्रिटिकल रेयर मेटल्स का बड़ा भंडार मौजूद है। इन खनिजों के तकनीकी मूल्यांकन और विस्तृत सर्वेक्षण के लिए तीन कंपनियों को जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


750 वर्ग किलोमीटर में फैला है सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स
भूवैज्ञानिक दृष्टि से सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। यह एक प्राचीन ज्वालामुखीय संरचना है, जो करीब 750 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। लंबे समय से यहां खनिज संभावनाओं को लेकर अध्ययन चल रहा था लेकिन हालिया सर्वेक्षणों में जो तथ्य सामने आए हैं, उन्होंने इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है।
विज्ञापन
Trending Videos


सर्वेक्षण में यहां नियोबियम, जिरकोनियम और हाफनियम जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण खनिजों की मौजूदगी सामने आई है। ये वही तत्व हैं, जिनका इस्तेमाल आधुनिक रक्षा तकनीक, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, न्यूक्लियर रिएक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स, माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स और मेडिकल साइंस में किया जाता है। नियोबियम और हाफनियम जैसे खनिज हाई-टेम्परेचर सुपरअलॉय तैयार करने में उपयोग किए जाते हैं। इनसे रॉकेट इंजन, जेट इंजन और मिसाइल तकनीक के लिए मजबूत धातु तैयार होती है।

इन खनिजों का उपयोग सुपरकंडक्टिंग मैग्नेट बनाने में भी किया जाता है, जो मेडिकल एमआरआई मशीनों से लेकर वैज्ञानिक अनुसंधान उपकरणों तक में काम आते हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रिक कारों की बैटरियों, ग्रीन एनर्जी सिस्टम और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में भी इनकी भारी मांग है।

ये भी पढ़ें: Barmer News: भीषण गर्मी में मजदूरों का संघर्ष जारी, विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने गृहमंत्री से मांगा न्याय

ऊर्जा और सामरिक सुरक्षा को मिलेगा बड़ा सहारा
दुनियाभर में रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। चीन लंबे समय से इन खनिजों के उत्पादन और सप्लाई में प्रमुख भूमिका निभाता रहा है। ऐसे में भारत में इतने बड़े स्तर पर दुर्लभ खनिजों का मिलना रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यदि सिवाना क्षेत्र में खनन और प्रोसेसिंग कार्य सफलतापूर्वक शुरू होता है तो भारत कई महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम कर सकेगा। इससे रक्षा उत्पादन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और स्वच्छ ऊर्जा मिशन को भी मजबूती मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने दिए तेजी से काम के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी सिवाना रिंग कॉम्प्लेक्स में मिले रेयर अर्थ एलिमेंट्स को राजस्थान और देश के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रदेश स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएं और खान विभाग केंद्र सरकार के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर तेजी से काम आगे बढ़ाए।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार रेयर अर्थ एक्सीलेंस सेंटर की स्थापना कर रही है, जो दुर्लभ खनिजों के अनुसंधान, नवाचार और रणनीतिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा।

IIT और राष्ट्रीय संस्थानों के साथ होगा शोध
राज्य सरकार इस परियोजना को केवल खनन तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसे रिसर्च और टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट से भी जोड़ने की तैयारी है। इसके लिए भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण, एटॉमिक मिनरल्स डायरेक्टरेट फॉर एक्सप्लोरेशन एंड रिसर्च, आईआईटी हैदराबाद और आईआईटी (Indian School of Mines) धनबाद जैसे संस्थानों के साथ साझेदारी की जा रही है। इन संस्थानों की मदद से दुर्लभ खनिजों की खोज, प्रोसेसिंग तकनीक और औद्योगिक उपयोग को लेकर व्यापक रिसर्च की जाएगी।

नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन से जुड़ेगा राजस्थान
केंद्र सरकार ने देश में क्रिटिकल मिनरल्स की खोज और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन शुरू किया है। इसका उद्देश्य ऊर्जा सुरक्षा, औद्योगिक विकास और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करना है।

इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए लिथियम, रक्षा क्षेत्र के लिए रेयर अर्थ एलिमेंट्स और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के लिए आवश्यक खनिज इस मिशन का मुख्य हिस्सा हैं। सिवाना में मिले खनिज इस मिशन को नई दिशा दे सकते हैं।

बालोतरा की तस्वीर बदल सकती है यह खोज
यदि परियोजना योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ती है तो आने वाले वर्षों में बालोतरा देश का बड़ा मिनरल और टेक्नोलॉजी हब बन सकता है। इससे क्षेत्र में उद्योग, रोजगार, आधारभूत ढांचे और निवेश को भी भारी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

रिफाइनरी परियोजना के बाद अब रेयर अर्थ मिनरल्स की खोज ने बालोतरा को राष्ट्रीय मानचित्र पर और अधिक मजबूत पहचान दिलाई है। यह खोज न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत के तकनीकी और आर्थिक भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed