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राजस्थान के बालोतरा में दर्दनाक हादसा: सीवरेज के गड्ढे में डूबने से तीन मासूमों की मौत, घर से खेलने निकले थे
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालोतरा
Published by: बालोतरा ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:16 PM IST
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सार
बालोतरा जिले के मंडापुरा गांव में दर्दनाक हादसे में तीन मासूम बच्चों की सीवरेज के गंदे पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम छा गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पढ़ें पूरी खबर
गंदे पानी से भरे गड्ढे में डूब गए तीन मासूम बच्चे।
- फोटो : credit
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विस्तार
राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा क्षेत्र स्थित मंडापुरा गांव में को एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। घर से खेलते हुए निकले तीन मासूम बच्चों की सीवरेज के गंदे पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से मौत हो गई। एक साथ तीन बच्चों की मौत की खबर फैलते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया, वहीं पूरे गांव में मातम छा गया।
पंचायत की भील बस्ती का है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंडापुरा ग्राम पंचायत की भील बस्ती की है। यहां कुछ घरों से निकलने वाले सीवरेज पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन तो डाली गई थी, लेकिन उसका समुचित निस्तारण नहीं होने के कारण गंदा पानी आगे जाकर खुले भूखंडों में जमा हो रहा था। लगातार फैल रहे दूषित पानी को रोकने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा खाली भूखंड में करीब सात फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। समय के साथ यह गड्ढा सीवरेज के गंदे पानी से भर गया और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया।
घर से खेलने निकले थे बच्चे, शाम तक नहीं लौटे
बताया जा रहा है कि भील बस्ती निवासी किशन पुत्र गिरधारीराम भील, सोहन पुत्र खेताराम भील तथा विकास पुत्र गोविंद भील दोपहर घर से खेलने के लिए निकले थे। बच्चों के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास उनकी तलाश शुरू की।
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दोपहर से लेकर शाम तक परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अलग-अलग स्थानों पर बच्चों की खोजबीन करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों की नजर घर के पास स्थित सीवरेज के गंदे पानी से भरे गहरे गड्ढे पर पड़ी, जहां बच्चों की चप्पलें पानी में तैरती दिखाई दीं। यह दृश्य देखते ही लोगों के मन में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका पैदा हो गई।
चप्पलें देखकर बढ़ी आशंका, गड्ढे से निकाले गए शव
घटना की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पचपदरा थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से गड्ढे में तलाश शुरू की गई।
कुछ देर की मशक्कत के बाद एक-एक कर तीनों बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। गांव में हर ओर मातम और सन्नाटा छा गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रमेश, उपखंड अधिकारी राजेश कुमार विश्नोई तथा पचपदरा थानाधिकारी गीता कुमारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
ये भी पढ़ें- Jaipur Factory Fire: पटाखा फैक्टरी में ब्लास्ट अब तक आठ की मौत; घर में चल रहा था अवैध कारखाना
सीवरेज व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में सीवरेज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सीवरेज के पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। गंदा पानी खुले स्थानों में जमा होने के कारण कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं।
गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया
घटना के बाद पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर खाली भूखंड में गहरा गड्ढा खोदने का आरोप है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित भूखंड किसके स्वामित्व में है और वहां इतना गहरा गड्ढा किसकी अनुमति से खोदा गया था।
उपखंड अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। भूमि स्वामित्व, गड्ढे की खुदाई और सीवरेज निकासी व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच में जिस भी व्यक्ति या विभाग की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पंचायत की भील बस्ती का है मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंडापुरा ग्राम पंचायत की भील बस्ती की है। यहां कुछ घरों से निकलने वाले सीवरेज पानी की निकासी के लिए पाइप लाइन तो डाली गई थी, लेकिन उसका समुचित निस्तारण नहीं होने के कारण गंदा पानी आगे जाकर खुले भूखंडों में जमा हो रहा था। लगातार फैल रहे दूषित पानी को रोकने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति द्वारा खाली भूखंड में करीब सात फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। समय के साथ यह गड्ढा सीवरेज के गंदे पानी से भर गया और आसपास रहने वाले लोगों के लिए खतरे का कारण बन गया।
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घर से खेलने निकले थे बच्चे, शाम तक नहीं लौटे
बताया जा रहा है कि भील बस्ती निवासी किशन पुत्र गिरधारीराम भील, सोहन पुत्र खेताराम भील तथा विकास पुत्र गोविंद भील दोपहर घर से खेलने के लिए निकले थे। बच्चों के घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास उनकी तलाश शुरू की।
दोपहर से लेकर शाम तक परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण अलग-अलग स्थानों पर बच्चों की खोजबीन करते रहे, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। इसी दौरान गांव के कुछ लोगों की नजर घर के पास स्थित सीवरेज के गंदे पानी से भरे गहरे गड्ढे पर पड़ी, जहां बच्चों की चप्पलें पानी में तैरती दिखाई दीं। यह दृश्य देखते ही लोगों के मन में किसी बड़ी अनहोनी की आशंका पैदा हो गई।
चप्पलें देखकर बढ़ी आशंका, गड्ढे से निकाले गए शव
घटना की सूचना तुरंत प्रशासन और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पचपदरा थाना पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से गड्ढे में तलाश शुरू की गई।
कुछ देर की मशक्कत के बाद एक-एक कर तीनों बच्चों के शव गड्ढे से बाहर निकाले गए। यह दृश्य इतना दर्दनाक था कि मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं। परिजनों की चीख-पुकार से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। गांव में हर ओर मातम और सन्नाटा छा गया।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक रमेश, उपखंड अधिकारी राजेश कुमार विश्नोई तथा पचपदरा थानाधिकारी गीता कुमारी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस ने तीनों बच्चों के शवों को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करने के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। साथ ही मामले में कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
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सीवरेज व्यवस्था पर उठे सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद गांव में सीवरेज व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से सीवरेज के पानी की निकासी की समस्या बनी हुई है। गंदा पानी खुले स्थानों में जमा होने के कारण कई जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं।
गड्ढा खोदने वाले व्यक्ति को हिरासत में लिया
घटना के बाद पुलिस ने उस व्यक्ति को हिरासत में लिया है, जिस पर खाली भूखंड में गहरा गड्ढा खोदने का आरोप है। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि संबंधित भूखंड किसके स्वामित्व में है और वहां इतना गहरा गड्ढा किसकी अनुमति से खोदा गया था।
उपखंड अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है। भूमि स्वामित्व, गड्ढे की खुदाई और सीवरेज निकासी व्यवस्था से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जाएगी। जांच में जिस भी व्यक्ति या विभाग की लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।